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Geography
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वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. क्षوبमंडल (Troposphere) में ऊंचाई के साथ तापमान में होने वाली गिरावट की सामान्य दर को 'सामान्य ह्रास दर' (Normal Lapse Rate) कहा जाता है, जो प्रति 1000 मीटर की ऊंचाई पर लगभग 6.5°C होती है।
- 2. समताप मंडल (Stratosphere) का निचلا हिस्सा बादलों और मौसम संबंधी सभी हलचलों से लगभग मुक्त होता है, जिसके कारण यह क्षेत्र जेट विमानों की उड़ान के लिए आदर्श माना जाता है, और इसी परत में ओजोन गैस की सांद्रता पाई जाती है जो पराबैंगनी किरणों का अवशोषण करती है।
- 3. 'अश्व अक्षांश' (Horse Latitudes) उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) के अंतर्गत लगभग 30° से 35° उत्तर और दक्षिण अक्षांशों के मध्य स्थित क्षेत्र हैं, जहाँ अवरोही हवाओं के कारण मौसम प्रायः शांत और स्थिर रहता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊंचाई के साथ तापमान पुनः गिरने लगता है और इस परत के ऊपरी सीमा को 'मध्यसीमा' (Mesopause) कहा जाता है जहाँ तापमान गिरकर लगभग -90°C तक पहुँच जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन वायुमंडल की संरचना, परतों और वायुदाब पेटियों के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। क्षोभमंडल में प्रति 1000 मीटर (या 1 किमी) की ऊंचाई पर तापमान 6.5°C की दर से घटता है। समताप मंडल में ओजोन परत पाई जाती है और मौसम संबंधी हलचल न होने के कारण यह विमान चालन के लिए उपयुक्त है। उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों को 'अश्व अक्षांश' कहा जाता है जो 30°-35° अक्षांशों के बीच पाई जाती हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल में ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान में भारी गिरावट आती है और यह वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है।
Related Questions
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वतों, पठारों और मरुस्थलों की उत्पत्ति तथा उनकी भू-आकृतिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विश्व के अधिकांश नवीन वलित पर्वत (Fold Mountains) जैसे हिमालय, रॉकीज़, एंडीज और आल्प्स, अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) पर विवर्तनिक संपीडन बलों के परिणामوْरूप महाद्वीपीय-महाद्वीपीय या महाद्वीपीय-महासागरीय टक्कर से बने हैं।
2. 'अनातोलिया का पठार' (तुर्किए) और 'तिब्बत का पठार' अंतर-पर्वतीय पठारों (Intermontane Plateaus) के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो चारों ओर से उच्च पर्वत श्रेणियों से घिरे होते हैं और इनका निर्माण विवर्तनिक उत्थान के कारण होता है।
3. विश्व के प्रमुख उष्ण मरुस्थल (जैसे सहारा, अटाकामा और कालाहारी) मुख्य रूप से महाद्वीपों के पश्चिमी तटों पर 15° से 30° अक्षांशों के मध्य पाए जाते हैं, जिसका प्रमुख कारण वहाँ वर्षभर बहने वाली ठंडी महासागरीय जलधाराएँ और व्यापारिक हवाओं का अपतटीय (Offshore) स्वभाव है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार गोबी मरुस्थल (Mongolia/China) एक शीत मरुस्थल (Cold Desert) है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से उच्च अक्षांशों पर स्थित होने तथा विशाल यूरेशियाई भूभाग के आंतरिक भाग में होने के कारण महाद्वीपीयता (Continentality) और वृष्टि छाया प्रभाव (Rain-shadow effect) के परिणामस्वरूप हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व का सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान कौन सा माना जाता है?
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वतीय तंत्रों, पठारों और मरुस्थलों की उत्पत्ति, संरचना तथा उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अनाटोलिया का पठार' (Anatolian Plateau) टर्की में पोंटिक और टॉरस पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित एक अंतर-पर्वतीय (Intermontane) पठार है, जो एक शुष्क और अर्ध-शुष्क बेसिन है जहाँ कई अंतर्देशीय खारे पानी की झीलें (जैसे ट्यूज झील) पाई जाती हैं।
2. 'कोलोरैडो पठार' (Colorado Plateau) संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिमी भाग में स्थित एक अंतःपर्वतीय लावा पठार है, जिसके बीच से बहने वाली कोलोरैडो नदी ने प्राचीन चट्टानों को काटकर विश्वप्रसिद्ध 'ग्रैंड कैन्यन' (Grand Canyon) का निर्माण किया है।
3. 'पेटागोनिया मरुस्थल' (Patagonia Desert) दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी भाग में एंडीज पर्वत के वृष्टिछाया (Rain shadow) क्षेत्र में स्थित एक ठंडा शीतोष्ण मरुस्थल है, जिसके निर्माण में मुख्य रूप से एंडीज पर्वत शृंखला द्वारा अवरुद्ध होने वाली पश्चिमी पवनों और तटवर्ती ठंडी 'फॉल्कलैंड जलधारा' का प्रमुख योगदान है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'तकला मकान मरुस्थल' (Taklamakan Desert) मध्य एशिया के त्सिंजियांग (चीन) प्रांत में टियान शान और कुनलन पर्वतों के बीच स्थित एक गर्म उपोष्णकटिबंधीय बालूकायुक्त मरुस्थल है, जो पूरी तरह से महाद्वीपीयता (Continentality) के प्रभाव के कारण उत्पन्न हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति तथा इसके विभिन्न घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. तिब्बत का पठार गर्मियों में अत्यधिक गर्म होकर एक विशाल थर्मल लो-PRESSURE (निम्न वायुदाब) केंद्र के रूप में कार्य करता है, जो दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को विषुवत रेखा पार करने के बाद फेरेल के नियम के कारण दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुड़ने के लिए आकर्षित करता है।
2. 'अल-निनो' (El Nino) घटना के दौरान पश्चिमी प्रशांत महासागर (ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के तट पर) में वायुदाब बढ़ जाता है और पूर्वी प्रशांत महासागर (पेरू के तट पर) में निम्न वायुदाब विकसित हो जाता है, जिससे भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की वर्षा में वृद्धि होती है।
3. 'मैडेन-जुलियन ओसिलेशन' (MJO) एक उष्णकटिबंधीय मौसम घटना है जो पूर्व की ओर बढ़ने वाले बादलों और वर्षा के पल्स (Pulses) के रूप में होती है, और इसका सक्रिय चरण (Active Phase) भारत में मानसून की सक्रियता और झमाझम वर्षा को बढ़ाने में मदद करता है।
4. जेट स्ट्रीम (Jet Streams), विशेष रूप से ग्रीष्मकाल में उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet Stream), प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर स्थापित होकर मानसून के फटने (Burst of Monsoon) और हवाओं को बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर से उत्तर भारत की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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विविध प्रकार की विवर्तनिक प्लेट सीमाओं (Tectonic Plate Boundaries) और उनसे जुड़ी भूकंपीय व ज्वालामुखीय गतिविधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) के अंतर्गत सबडक्शन जोन (Subduction Zone) में महासागरीय प्लेट के नीचे धंसने से तीव्र भूकंप उत्पन्न होते हैं और यहाँ मुख्य रूप से एंडीज या कास्केड रेंज जैसे विस्फ़ोटक 'स्ट्रैटोवोलकानो' (Stratovolcanoes) का निर्माण होता है।
2. अपसारी प्लेट किनारों (Divergent Plate Boundaries) पर मुख्य रूप से बेसिक या बेसाल्टिक लावा के शांत उद्गार से मध्य-महासागरीय कटकों (Mid-Oceanic Ridges) का निर्माण होता है, जहाँ उत्पन्न होने वाले भूकंप सामान्यतः उथले फोकस (Shallow-focus) वाले होते हैं।
3. रूपांतरित प्लेट सीमाओं (Transform Plate Boundaries) जैसे कि सैन एंड्रियास फॉल्ट पर विवर्तनिक प्लेटें एक-दूसरे के पार्श्व में क्षैतिज रूप से फिसलती हैं, जिसके कारण भारी मात्रा में भ्रंशण (Faulting) होता है और यहाँ विनाशकारी भूकंप आते हैं, किंतु तीव्र ज्वालामुखी क्रियाओं का पूर्ण अभाव होता है।
4. प्रशांत महासागर की 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) पेटी मुख्य रूप से महाद्वीपीय-महाद्वीपीय अभिसरण (Continental-Continental Convergence) का परिणाम है, जहाँ यूरेशियन प्लेट के नीचे भारतीय प्लेट के धंसने से दुनिया के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर्वत पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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