BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
19 views

भारतीय अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हिमालयी नदियाँ मुख्य रूप से बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि इन्हें जल का पोषण पिघलने वाले हिमखंडों (Glaciers) और मानसूनी वर्षा दोनों से प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ अनित्य (Seasonal/Non-perennial) होती हैं और इनका प्रवाह पूरी तरह से वर्षा पर निर्भर करता है।
  2. 2. प्रायद्वीपीय नदियों की घाटियाँ बहुत चौड़ी, उथली और परिपक्व अवस्था में होती हैं, क्योंकि ये नदियाँ अपने विकास के दीर्घकालिक भूगर्भीय इतिहास के कारण 'आधार तल' (Base Level) को प्राप्त कर चुकी हैं और इनके मार्ग में विसर्प (Meanders) की प्रवृत्ति बहुत कम पाई जाती है।
  3. 3. हिमालयी नदियों द्वारा बनाए जाने वाले मार्ग में 'गॉर्ज' (Gorges), 'महाखड्ड' (Canyons) और 'V-आकार की घाटियाँ' दुर्लभ हैं, क्योंकि ये पुरानी संरचनाओं पर बहती हैं, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ हिमालय की तुलना में नवीन भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) का निर्माण करती हैं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी गोदामरी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, जिसका उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर (नासिक) से होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि हिमालयी नदियाँ बर्फ और बारिश दोनों से जल प्राप्त करती हैं, जिससे वे बारहमासी होती हैं, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ मानसूनी वर्षा पर आधारित होने के कारण मौसमी होती हैं। कथन 2 सही है क्योंकि प्रायद्वीपीय नदियाँ बहुत पुरानी हैं, परिपक्व अवस्था में पहुँच चुकी हैं और उनकी घाटियाँ चौड़ी व उथली होती हैं, जिनमें विसर्प की प्रवृत्ति कम होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि हिमालयी नदियाँ युवा अवस्था में हैं और वे गॉर्ज, कैनियन तथा गहरी 'V-आकार की घाटियाँ' बनाती हैं, न कि प्रायद्वीपीय नदियाँ। कथन 4 सही है, विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है। अत: सही विकल्प (b) है।
Share:

Related Questions

→ भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा निष्कर्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में पेट्रोलियम का सबसे बड़ा अपतटीय उत्पादक क्षेत्र 'मुंबई हाई' (Mumbai High) है, जिसकी खोज वर्ष 1974 में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) द्वारा की गई थी और यहाँ तेल भंडार मुख्य रूप से मियोसीन युग की फॉल्ट-ब्लॉक संरचनाओं और चूना पत्थर (Limestone) संस्तरों में पाए जाते हैं। 2. देश का अधिकांश कोकिंग कोयला भंडार गोंडवाना युगीन चट्टानों में स्थित है, जिसमें दामोदर घाटी बेसिन (जैसे झरिया, बोकारो और रानीगंज) मुख्य केंद्र हैं, जबकि टर्शरी कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में पाया जाता है, जिसमें सल्फर की मात्रा उच्च होती है। 3. भारत में परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक यूरेनियम का खनन झारखंड के सिंहभूम ताम्र मेखला में स्थित 'जादुगुड़ा' खदान से प्रमुखता से किया जाता है, इसके अलावा तेलंगाना के तुम्malapalle क्षेत्र में भी विशाल यूरेनियम भंडार खोजे गए हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में थोरियम का सबसे बड़ा भंडार 'केरल' राज्य के तटीय क्षेत्रों की मोनाज़ाइट बालू में पाया जाता है, जिसका उपयोग देश के त्रि-चरण नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम (Three-stage Nuclear Power Programme) के द्वितीय और तृतीय चरण में किया जाना प्रस्तावित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा की गतिशीलता और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महासागरीय बेसिन का सबसे विस्तृत और समतल भाग 'महासागरीय मैदान' (Abyssal Plains) कहलाता है, जो महाद्वीपीय ढाल के ठीक नीचे से शुरू होकर कुल महासागरीय तली का लगभग 40% से अधिक भाग आच्छादित करता है। 2. 'दैनिक ज्वार' (Diurnal Tide) वह ज्वार-भाटा प्रणाली है जिसमें किसी स्थान पर एक चंद्र दिवस (24 घंटे 50 मिनट) में दो उच्च ज्वार और दो निम्न ज्वार आते हैं, जो मुख्य रूप से अटलांटिक महासागर के तटीय क्षेत्रों में बहुतायत से देखे जाते हैं। 3. 'सुंडा जलसंधि' (Sunda Strait) इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा द्वीपों को अलग करती है और हिंद महासागर को जावा सागर से जोड़ती है, जबकि 'मलक्का जलसंधि' सुमात्रा और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है। 4. वृहत ज्वार (Spring Tides) पूर्णिमा और अमावस्या के दिन तब उत्पन्न होते हैं जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में (सिजिजी की स्थिति में) होते हैं, जिससे दोनों का गुरुत्वाकर्षण बल मिलकर संयुक्त प्रभाव डालता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → विश्व के विभिन्न महाद्वीपों, देशों, प्रमुख राजधानियों और उनकी भू-राजनीतिक सीमा रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'टॉरट्वाइज़ लाइन' या 'डुरंड रेखा' (Durand Line) वर्तमान में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित है, जिसका निर्धारण ब्रिटिश भारत के विदेश सचिव सर मोर्टिमर डुरंड द्वारा 1893 में किया गया था। 2. 'ओडर-नीस रेखा' (Oder-Neisse Line) द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात जर्मनी और पोलैंड के बीच निर्धारित की गई एक अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो ओडर और नीस नदियों के सहारे चलती है। 3. 'ग्रैंड ट्रंक रोड' की तरह 'मेडिसन रेखा' (Mason-Dixon Line) संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर उत्तरी राज्यों (जैसे पेनसिल्वेनिया) और दक्षिणी दासता-समर्थक राज्यों (जैसे मैरीलैंड) के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक और सामाजिक सीमा रेखा मानी जाती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार '38वीं समानांतर रेखा' (38th Parallel) उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया को विभाजित करने वाली एक सुप्रसिद्ध अक्षांशीय सीमा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भूकंपीय प्रक्रियाओं, विवर्तनिक प्लेट सीमाओं और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'सुनामी तरंगें' गहरे समुद्र में अत्यंत कम तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और उच्च आयाम वाली जल तरंगें होती हैं, जो अत्यधिक तीव्र गति से यात्रा करती हैं, और उथले तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करते ही इनकी गति बढ़ जाती है जबकि तरंग ऊँचाई घट जाती है। 2. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी गतिविधियाँ विवर्तनिक प्लेटों के अभिसारी या अपसारी किनारों पर न होकर, मैन्टल प्लूम (Mantle Plumes) के प्रभाव से प्लेटों के आंतरिक भाग में घटित होती हैं, जिसका एक प्रमुख भूवैज्ञानिक उदाहरण हवाई द्वीप श्रृंखला है। 3. 'एपिकेंटर' (Epicentre) पृथ्वी के आंतरिक भाग में स्थित वह बिंदु होता है जहाँ से भूकंपीय ऊर्जा सबसे पहले मुक्त होती है, जबकि 'हाइपोसेंटर' (Hypocentre) इसके ठीक ऊपर धरातल पर स्थित वह पहला स्थान होता है जहाँ भूकंपीय तरंगों का सबसे पहले अनुभव किया जाता है। 4. 'प्रशांत महासागर का अग्नि वलय' (Ring of Fire) दुनिया का सबसे बड़ा भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्र है, जहाँ मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) और रूपांतरित (Transform) प्लेट सीमाओं के कारण विश्व के 75% से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी पाए जाते हैं。 उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'काराकोरम दर्रा' (Karakoram Pass) भारत का सबसे ऊँचा मोटरेबल दर्रा है, जो लद्दाख क्षेत्र में अक्साई चीन के पास स्थित है और भारत को शिनजियांग (चीन) से जोड़ता है। 2. 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La Pass) हिमाचल प्रदेश में जास्कर श्रेणी में स्थित है, जिससे होकर 'सतलज नदी' भारत में प्रवेश करती है और यह भारत-तिब्बत व्यापार मार्ग का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। 3. 'बनिहाल दर्रा' (Banihal Pass) पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है, जो जम्मू को श्रीनगर से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है और इसी दर्रे के नीचे 'जवाहर सुरंग' तथा 'काजीगुंड-बनिहाल रेलवे सुरंग' का निर्माण किया गया है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अरुणाचल प्रदेश में स्थित 'बोमडिला दर्रा' त्वांग घाटी को ल्हासा (तिब्बत) से जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामरिक दर्रा है, जो महान हिमालय श्रेणी के अंतर्गत अवस्थित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.