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Geography
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सौर मंडल के ग्रहों, उनकी गति, चुम्बकीय क्षेत्रों और उपग्रहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) सौर मंडल के ऐसे दो ग्रह हैं जो अपनी धुरी पर अधिकांश अन्य ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम की ओर (दक्षिणावर्त या Retrograde Rotation) घूर्णन करते हैं, जिसके कारण शुक्र ग्रह पर सूर्य पश्चिम में उगता और पूर्व में अस्त होता है।
  2. 2. बृहस्पति ग्रह का शक्तिशाली आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र और इसकी तीव्र घूर्णन गति इसके वायुमंडल में विशालकाय चक्रवातों को जन्म देती है, और इसी ग्रह के पास सौर मंडल में सबसे अधिक संख्या में प्रमाणित प्राकृतिक उपग्रह हैं।
  3. 3. शनि ग्रह का घनत्व जल के घनत्व से भी कम (लगभग 0.69 g/cm³) है, यदि इसे इतने बड़े महासागर में डाला जाए तो यह तैरने लगेगा, और इसका सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' है जिस पर नाइट्रोजन प्रधान सघन वायुमंडल पाया जाता है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) में परिक्रमा करने वाला 'सरेज' (Ceres) इस क्षेत्र का सबसे बड़ा पिंड है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा 'बौना ग्रह' (Dwarf Planet) घोषित किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि शुक्र और अरुण (यूरेनस) अन्य ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम की ओर घूर्णन करते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि वर्तमान खगोलीय डेटा के अनुसार 'शनि' ग्रह के पास सौर मंडल में सबसे अधिक (146 से अधिक) स्वीकृत प्राकृतिक उपग्रह हैं, न कि बृहस्पति के पास। कथन 3 सही है क्योंकि शनि का घनत्व पानी से कम है और टाइटन इसका सबसे बड़ा उपग्रह है। कथन 4 सही है क्योंकि सेरेज (Ceres) क्षुद्रग्रह पेटी का सबसे बड़ा पिंड है जिसे बौना ग्रह माना गया है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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