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भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियाँ और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'श्री पद्धति' (System of Rice Intensification - SRI विधि), जो पारंपरिक धान की खेती की तुलना में कम जल की खपत करती है, में पौधों की रोपाई कम उम्र के एकल पौधों के रूप में अधिक अंतराल पर की जाती है तथा इसमें मृदा को संतृप्त रखा जाता है, न कि लगातार जल-मग्न।
- 2. 'सूक्ष्म सिंचाई योजना' (Micro Irrigation) के अंतर्गत ड्रिप और फव्वारा (Sprinkler) सिंचाई पद्धतियाँ आती हैं, जो भूजल स्तर के संरक्षण और उर्वरक उपयोग दक्षता (Fertilizer Use Efficiency) को बढ़ाने में सहायक हैं, तथा क्षेत्रफल के आधार पर देश में इस तकनीक का सर्वाधिक विस्तार राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों में है।
- 3. भारत में 'झूम कृषि' (Jhum Cultivation), जिसे स्लैश-एंड-बर्न (Slash and Burn) कृषि भी कहा जाता है, मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड की पहाड़ियों में की जाने वाली एक प्रकार की आदिम निर्वाह कृषि है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की कुल सिंचित कृषि भूमि का सबसे बड़ा स्रोत 'नलकूप और कुएँ' (Tubewells and Wells) हैं, जिनके द्वारा देश के कुल सिंचित क्षेत्र का लगभग 60% से अधिक हिस्सा सिंचित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि 'श्री पद्धति' (SRI) धान की एक ऐसी वैज्ञानिक तकनीक है जिसमें कम पानी, कम बीज और कम रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता होती है तथा इसमें पौधों को व्यापक अंतराल पर रोपा जाता है। कथन 2 गलत है क्योंकि सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर) के अंतर्गत क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में अग्रणी राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक हैं, न कि राजस्थान (हालांकि राजस्थान में फव्वारा सिंचाई का अच्छा विस्तार है, पर कुल क्षेत्रफल में महाराष्ट्र और कर्नाटक शीर्ष पर हैं)। कथन 3 सही है क्योंकि झूम कृषि पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में आदिम निर्वाह कृषि का एक प्रमुख रूप है। कथन 4 सही है, जैसा कि विकिपीडिया संदर्भ में उल्लेखित है, भारत में नलकूप और कुएँ सिंचाई का सबसे बड़ा साधन हैं।
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भारत की पर्वत प्रणालियों और घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जास्कर श्रेणी' (Zanskar Range) महान हिमालय के उत्तर में स्थित है, जो लद्दाख क्षेत्र को तिब्बत से अलग करती है और यहीं सिंधु नदी इस श्रेणी को काटकर एक गहरे महाखड्ड (Gorge) का निर्माण करती है।
2. 'शांत घाटी' (Silent Valley) केरल के पलक्कड़ जिले में नीलगिरी पहाड़ियों के अंतर्गत स्थित है, जो उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों और 'लायन-टेल्ड मकाक' के लिए प्रसिद्ध है, और इसका यह नाम यहाँ गूंजने वाले cicadas (झिंगुर) की अनुपस्थिति के कारण पड़ा है।
3. 'नूरा घाटी' (Nubra Valley) काराकोरम और लद्दाख श्रेणियों के बीच श्योक नदी की सहायक नूरा नदी द्वारा निर्मित है, जो सियाचिन ग्लेशियर की ओर जाने वाले मार्ग का प्रमुख द्वार है।
4. 'कांगड़ा घाटी' धौलाधार पर्वतमाला के दक्षिण में स्थित एक विस्तृत घाटी है, जो मुख्य रूप से सेब के बागानों और चाय की खेती के लिए जानी जाती है, और यहाँ 'धर्मशाला' हिल स्टेशन स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जनसांख्यिकीय संरचना, भाषा परिवार और वर्ष 2011 की जनगणना के विस्तृत आंकड़ों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के भाषाई वर्गीकरण के अनुसार, 'आर्य-भारतीय' (Indo-Aryan) भाषा परिवार देश में बोलने वालों की संख्या के आधार पर सबसे बड़ा भाषा परिवार है (लगभग 78% जनसंख्या), इसके पश्चात 'द्रविड़' (Dravidian) भाषा परिवार का स्थान आता है, जबकि 'आस्ट्रो-एशियाटिक' (Austro-Asiatic) और 'चीनी-तिब्बती' (Sino-Tibetan) छोटे भाषा समूह हैं।
2. वर्ष 2011 की अंतिम जनगणना के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत लगभग 31.1% दर्ज किया गया था, जिसमें गोवा और मिजोरम सबसे अधिक नगरीकृत राज्य (केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़कर) थे, जबकि कुल साक्षरता दर 74.04% थी।
3. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में कुल कार्यशील जनसंख्या (Total Workers) में 'कृषक' (Cultivators) और 'खेतिहर मजदूर' (Agricultural Labourers) की संयुक्त हिस्सेदारी 50% से अधिक थी, जो देश में कृषि पर निर्भरता के उच्च स्तर को दर्शाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के तहत देश का कुल लिंगानुपात 943 दर्ज किया गया था, जिसमें बाल लिंगानुपात (0-6 आयु वर्ग) गिरकर 919 हो गया था, जो हरियाणा राज्य में सबसे कम दर्ज किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा उनसे जुड़े मार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चांग ला दर्रा (Chang La) - लद्दाख श्रेणी में स्थित यह दर्रा लद्दाख को तिब्बत के अक्साई चीन क्षेत्र से जोड़ता है और यह दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर योग्य दरों में से एक है।
2. बारालाचा ला दर्रा (Baralacha La) - जास्कर श्रेणी में स्थित यह दर्रा मनाली को लेह से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है और इससे चंद्रा तथा भागा नदियाँ निकलती हैं।
3. लिपुलेख दर्रा (Lipulekh Pass) - उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में स्थित यह दर्रा भारत को तिब्बत के मानसरोवर और कैलाश पर्वत यात्रा के लिए जोड़ता है और यह भारत, नेपाल तथा चीन की त्रिसंधि पर स्थित है।
4. पांग्सू दर्रा (Pangsau Pass) - अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार की सीमा पर पटकाई बम पहाड़ियों में स्थित यह दर्रा ऐतिहासिक 'स्टीडवेल रोड' पर पड़ता है जो भारत को म्यांमार से जोड़ता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी प्रवाहित होती थीं और उन्होंने उत्थान के साथ-साथ अपनी घाटियों को गहरा करके गहरे गार्ज का निर्माण किया है।
2. दक्षिण भारत की अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ 'वृक्षाकार' (Dendritic) अपवाह पैटर्न का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और ताप्ती नदियाँ भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होकर बहती हुई अरब सागर में गिरती हैं और मुहानों पर डेल्टा के स्थान पर ज्वारनदमुख (Estuary) का निर्माण करती हैं।
3. प्रायद्वीपीय नदियों में गोदावरी नदी सबसे लंबी नदी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' कहा जाता है, और इसकी प्रमुख सहायक नदियों में प्रणिता, इंद्रावती, सबरी और मंजरा शामिल हैं, जो दक्कन के पठार के उत्तरी भाग से जल लाती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सिंधु नदी तंत्र की सहायक नदी सतलुज, ब्रह्मपुत्र और सिंधु स्वयं पूर्ववर्ती नदियों की श्रेणी में आती हैं, जो यंग हिमालय के उत्थान के क्रम को काटते हुए आगे बढ़ी हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख उद्योगों और औद्योगिक प्रदेशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुंबई-पुणे औद्योगिक प्रदेश' का विकास मुख्य रूप से 1854 में सूती वस्त्र उद्योग की स्थापना के साथ हुआ, जिसे आसपास के कपास उत्पादक क्षेत्रों की निकटता और जलविद्युत संसाधनों की उपलब्धता से अत्यधिक प्रोत्साहन मिला।
2. 'हुगली औद्योगिक प्रदेश' (कोलकाता क्षेत्र) का विकास दामोदर घाटी कोयला क्षेत्रों की निकटता, जूट उत्पादन की प्रधानता और कलकत्ता बंदरगाह के माध्यम से सुगम परिवहन सुविधाओं के कारण हुआ है।
3. 'विशाखापत्तनम-गुंटूर औद्योगिक प्रदेश' मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल उद्योगों और भारी इंजीनियरिंग संयंत्रों पर आधारित है, और इसका विस्तार कृष्णा-गोदावरी बेसिन में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडारों की खोज के बाद तेजी से हुआ है।
4. 'छोटा नागपुर पठार क्षेत्र' को भारत का 'रूर प्रदेश' कहा जाता है, जो भारी धातुओं, लौह-इस्पात उद्योगों, तांबा प्रगलक (Smelter) और भारी इंजीनियरिंग उद्योगों का प्रमुख केंद्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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