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Geography
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पवन प्रणालियों, आर्द्रता, वर्षा के प्रकार और चक्रवात के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'रोज़बी तरंगें' (Rossby Waves) क्षोभमंडल के ऊपरी स्तरों और समताप मंडल में प्रवाहित होने वाली लंबी वायुमंडलीय तरंगें हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन (कोरिऑलिस प्रभाव) और तापमान प्रवणता के कारण जेट स्ट्रीम के मार्ग में विशाल वक्रों (Meanders) के रूप में उत्पन्न होती हैं।
- 2. 'अभिसारी वर्षा' (Convectional Rainfall) मुख्य रूप से भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में दैनिक रूप से दोपहर बाद होने वाली वर्षा है, जिसमें गर्म हवा ऊपर उठकर संघनित होती है और कपाशावर्षा मेघ (Cumulonimbus Clouds) गरज और चमक के साथ भारी वर्षा करते हैं।
- 3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के केंद्र में 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) स्थित होती है, जो उच्च दाब (High Pressure) का क्षेत्र होती है जहाँ आकाश बिल्कुल साफ और हवा शांत होती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) का निर्माण ध्रुवीय वाताग्र (Polar Front) के सहारे गर्म और ठंडी वायु राशियों के मिलने से होता है, जिनका आकार अंडाकार या 'V' आकार का होता है और ये पछुआ हवाओं के प्रभाव से पश्चिम से पूर्व की ओर गति करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि रोज़बी तरंगें जेट स्ट्रीम के भीतर उत्पन्न होने वाली विशाल वायुमंडलीय तरंगें हैं जो पृथ्वी के घूर्णन के प्रभाव से बनती हैं। कथन 2 सही है क्योंकि भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में संवहनी धाराएं कपाशावर्षा मेघों का निर्माण करती हैं जिससे दोपहर बाद मूसलाधार वर्षा होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय चक्रवात की 'आँख' निम्न वायु दाब (Low Pressure) का क्षेत्र होती है, न कि उच्च दाब का। कथन 4 सही है क्योंकि शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति ध्रुवीय वाताग्र के पास होती है और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ये पछुआ पवनों के प्रभाव से पश्चिम से पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हैं।
Related Questions
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भारत के भौगोलिक विस्तार, भू-आकृतिक सीमाओं और देशांतरीय एवं अक्षांशीय स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश के बीच है, और भूमध्य रेखा से उत्तर की ओर स्थित होने के कारण पूरा देश उत्तरी गोलार्ध में स्थित है, जबकि ग्रीनविच रेखा के पूर्व में स्थित होने के कारण यह पूर्वी गोलार्ध में आता है।
2. भारत का देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर तक है, जिसके कारण देश के सबसे पश्चिमी छोर (गुहार मोती, गुजरात) और सबसे पूर्वी छोर (किबुथु, अरुणाचल प्रदेश) के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर पाया जाता है।
3. भारत की स्थलीय सीमा लगभग 15,106.7 किमी है जो सात देशों से लगती है, जिसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ और सबसे छोटी सीमा म्यांमार के साथ साझा होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और देश के कुल आठ राज्यों से होकर निकलती है, जिसमें राजस्थान और मिजोरम भी शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के वायुमंडल की विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल की 'समतापमंडल' (Stratosphere) परत में ओजोन परत पाई जाती है जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, और इसी परत के निचले हिस्से में तापमान स्थिर रहने तथा मौसमी हलचलों के अभाव के कारण वाणिज्यिक विमान प्रायः उड़ान भरते हैं।
2. 'विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी' (Equatorial Low-Pressure Belt) मुख्य रूप से गतिजन्य कारणों (Dynamic factors) के कारण विकसित होती है, जहाँ पृथ्वी के दैनिक घूर्णन और अपकेंद्रीय बल के प्रभाव से हवाएँ ऊपर उठती हैं।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) से भूमध्य रेखा और ध्रुवीय क्षेत्रों की ओर बहने वाली सतही पवनों को 'व्यापारिक पवनें' (Trade Winds) और 'पछुआ पवनें' (Westerlies) कहा जाता है।
4. पृथ्वी की वायुदाब पेटियों का यह वितरण स्थायी नहीं है, बल्कि सूर्य की स्पष्ट वार्षिक गति (Apparent movement of the Sun) के साथ ये पेटियाँ उत्तर और दक्षिण की ओर विस्थापित होती हैं, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की संरचना, प्रवाह पैटर्न और भूवैज्ञानिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ मुख्य रूप से पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का निर्माण करती हैं, जिनमें 'सिंधु', 'सतलज' और 'ब्रह्मपुत्र' नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले से प्रवाहित हो रही थीं और उत्थान के साथ-साथ गहरी महाखड्डों (Gorges) का निर्माण करती गईं।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ अपने विकास के अंतिम और परिपक्व चरण में आधार तल (Base Level) को प्राप्त कर चुकी हैं, जिसके कारण ये अपने मार्ग में व्यापक विसर्पण (Meandering) करती हैं और पश्चिमी घाट से निकलकर पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ बंगाल की खाड़ी में विस्तृत डेल्टा बनाती हैं।
3. 'चंबल', 'बेत्वा', 'केन' और 'सोन' नदियाँ यमुना और गंगा की प्रमुख प्रायद्वीपीय सहायक नदियाँ हैं, जो मालवा और विंध्यन क्षेत्रों से उत्तर की ओर बहते हुए गंगा-यमुना प्रणाली में मिलती हैं और चंबल नदी तीव्र मृदा अपरदन के कारण 'उत्खात भूमि' (Badland Topography) का निर्माण करती है।
4. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ बारहमासी (Perennial) प्रकृति की होती हैं क्योंकि इन्हें ग्रीष्मकाल में हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने से निरंतर जल की आपूर्ति प्राप्त होती है और ये पूरी तरह से मानसून पर निर्भर नहीं होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की पर्वत प्रणालियों, पर्वत श्रेणियों और अंतःपर्वतीय घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पालघाट दर्रा' (Palakkad Gap) पश्चिमी घाट में स्थित एक प्रमुख विदर या अंतराल है, जो नीलगिरी पहाड़ियों और अन्नामलाई पहाड़ियों के मध्य स्थित है और केरल को तमिलनाडु से सड़क एवं रेल मार्ग द्वारा जोड़ता है।
2. 'वैली ऑफ़ फ्लावर्स' (Valley of Flowers) उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय क्षेत्र में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे इसके अल्पाइन फूलों की विविधता के लिए जाना जाता है और यह क्षेत्र नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के अंतर्गत आता है।
3. 'निस्र घाटी' या 'नुब्रा घाटी' (Nubra Valley) लद्दाख क्षेत्र में काराकोरम और लद्दाख श्रेणियों के बीच स्थित है, जिससे होकर 'श्योक नदी' प्रवाहित होती है और यह अपनी शुष्क ठंडी मरुस्थलीय विशेषताओं तथा दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊँटों के लिए प्रसिद्ध है।
4. 'बरैल श्रेणी' (Barail Range) पूर्वोत्तर भारत में नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित एक नवीन मोड़दार पर्वत श्रेणी है, जो ब्रह्मपुत्र और बराक नदी घाटियों के बीच एक प्रमुख जल विभाजक का कार्य करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काराकोरम दर्रा' (Koramarak Pass) महान हिमालय श्रेणी में स्थित एक उच्च तुंगता वाला दर्रा है, जो लद्दाख को तिब्बत से जोड़ता है और भारत का सबसे ऊँचा मोटर योग्य दर्रा है।
2. 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) जास्कर श्रेणी में स्थित है, जिसके पास से सतलुज नदी तिब्बत से भारत में प्रवेश करती है और यह भारत तथा तिब्बत के बीच एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है।
3. 'बनिहाल दर्रा' (Banihal Pass) पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है, जो जम्मू को श्रीनगर से जोड़ता है और इसी दर्रे के नीचे से प्रसिद्ध 'जवाहर सुरंग' (Jawahar Tunnel) निकाली गई है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'बोमडिला दर्रा' अरुणाचल प्रदेश में महान हिमालय पर स्थित है, जो तवांग को म्यांमार से जोड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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