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Geography
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भारत की मृदा प्रणालियों, उनके रासायनिक गुणों और क्षेत्रीय वितरण के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जलोढ़ मृदा (Alluvial Soils) देश के कुल क्षेत्रफल का सबसे बड़ा हिस्सा घेरती है, और आयु के आधार पर इसे 'भांगर' (पुरानी जलोढ़) तथा 'खादर' (नई जलोढ़) में विभाजित किया जाता है, जिसमें खादर मृदा में चूने के कंकड़ और नोड्यूल्स की मात्रा अधिक पाई जाती है, जबकि भांगर अधिक उपजाऊ होती है।
- 2. लाल और पीली मृदा का लाल रंग रवेदार और कायांतरित चट्टानों में लौह (Iron) के व्यापक विसरण के कारण होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) के बाद इसका परिवर्तित पीला रूप छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में प्रमुखता से देखा जाता है।
- 3. लैटेराइट मृदा (Laterite Soils) का विकास उच्च तापमान और अत्यधिक भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया के कारण होता है, जिसके परिणामस्वरूप इस मृदा में सिलिका का निष्कासन हो जाता है और लोहा तथा एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष रह जाते हैं, जो काजू और चाय जैसी फसलों के लिए उपयुक्त है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मरुस्थलीय मृदा (Desert Soils) मुख्य रूप से राजस्थान के पश्चिमी भागों में पाई जाती है, जहाँ उच्च तापमान और तीव्र वाष्पीकरण के कारण ह्यूमस और नमी की मात्रा नगण्य होती है, किंतु कैल्शियम कार्बोनेट (कंकड़) की बढ़ती सांद्रता के कारण इसकी निचली परतें अत्यधिक अनुजाऊ हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि 'खादर' मृदा नई जलोढ़ मिट्टी होती है जो अधिक उपजाऊ होती है और इसमें कंकड़ या नोड्यूल्स नहीं पाए जाते हैं, जबकि 'भांगर' पुरानी जलोढ़ मिट्टी है जिसमें चूने के कंकड़ (नोड्यूल्स) की अधिकता होती है। कथन 2 सही है; लाल और पीली मृदा का लाल रंग रवेदार और कायांतरित चट्टानों में लौह ऑक्साइड के विसरण के कारण होता है और जलयोजन के बाद यह पीली दिखती है। कथन 3 सही है; लैटेराइट मृदा का निर्माण उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में निक्षालन के कारण होता है, जहाँ सिलिका घुल कर बह जाती है और आयरन तथा एल्युमिनियम के ऑक्साइड बच जाते हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि मरुस्थलीय मृदा में कैल्शियम कार्बोनेट की परत (कंकड़) निचले स्तरों में पाई जाती है, जिससे यह मिट्टी अनुजाऊ नहीं बल्कि कृषि के लिए सामान्यतः अनुपयुक्त होती है (सिंचाई के बाद ही उपजाऊ बनती है)। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी विद्यमान थीं और इन्होंने अपने मार्ग को बनाए रखते हुए गहरी गार्ज (Gorges) और महाखड्डों का निर्माण किया है।
2. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश प्रमुख नदियाँ (जैसे महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी) पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, जबकि नर्मदा और तापी नदियाँ भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होते हुए अरब सागर में जल विसर्जन करती हैं।
3. प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र हिमालयी तंत्र की तुलना में काफी युवा है और यह अपने विकास के आधार बेस-लेवल (Base Level) को प्राप्त कर चुका है, जिसके कारण ये नदियाँ अत्यधिक विसर्पण (Meandering) और तीव्र अपरदन कार्यों के लिए जानी जाती हैं।
4. सिंधु नदी तंत्र की प्रमुख सहायक नदी 'सतलुज' और ब्रह्मपुत्र नदी दोनों ही तिब्बत के मानसरोवर क्षेत्र के समीप से निकलती हैं, जो ट्रांस-हिमालयी नदियों के अंतर्गत आती हैं और भारत में प्रवेश करने से पूर्व काफ़ी लंबी दूरी तय करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा की गतिकी और विश्व की प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'महासागरीय गर्त' (Oceanic Trenches) महासागरीय तल के सबसे गहरे भाग होते हैं, जो सामान्यतः विवर्तनिक प्लेटों के अभिसरण (Convergent Plate Boundaries) वाले क्षेत्रों में महाद्वीपीय-महासागरीय या महासागरीय-महासागरीय प्लेटों के टकराने से बनते हैं और प्रशांत महासागर की परिधि पर 'रिफ़्ट रिंग' के पास सर्वाधिक गर्त पाए जाते हैं।
2. 'अपवृत्त ज्वार' (Apogean Tide) तब उत्पन्न होता है जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से अधिकतम दूरी (अपभू या Apogee) पर होता है, जिसके कारण इस स्थिति में उत्पन्न होने वाला ज्वार सामान्य औसत ज्वार से लगभग 20 प्रतिशत तक नीचा या कमजोर होता है।
3. 'डेविश जलसंधि' (Davis Strait) बैफीन खाड़ी को अटलांटिक महासागर से जोड़ती है और यह ग्रीनलैंड तथा बैफीन द्वीप (कनाडा) के बीच स्थित है, जो विश्व की सबसे चौड़ी जलसंधि होने के साथ-साथ ठंडी जलधाराओं के प्रवाह का क्षेत्र भी है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'दैनिक ज्वार' (Diurnal Tide) वह ज्वार-भाटा प्रणाली है जिसमें प्रत्येक 24 घंटे और 52 मिनट की अवधि में एक बार उच्च ज्वार और एक बार निम्न ज्वार आता है, जो सामान्यतः मेक्सिको की खाड़ी जैसे क्षेत्रों में देखा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के कुल जनसंख्या घनत्व में 2001 से 2011 के दौरान महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई और 2011 की जनगणना के अनुसार देश का औसत जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था।
2. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में कुल जनसंख्या का सबसे बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है और ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत कुल जनसंख्या का 75 प्रतिशत से अधिक है।
3. भारत के राज्यों में बिहार राज्य 2011 की जनगणना के अनुसार सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है।
4. भारत में जनजातीय (Scheduled Tribes) जनसंख्या का कुल जनसंख्या के अनुपात के संदर्भ में, मिजोरम राज्य में अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत सबसे अधिक दर्ज किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की जनगणना, जनसंख्या वितरण और मानवजातियों (Races) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बी.एस. गुहा (B.S. Guha) द्वारा भारत के मानवशास्त्रीय वर्गीकरण के अनुसार, 'निग्रिटो' (Negrito) भारत की सबसे प्राचीन जातियों में से एक हैं, जो वर्तमान में मुख्य रूप से केरल के वायनाड, तमिलनाडु के नीलगिरि और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की जनजातियों जैसे कि ओंगे और जारवा में पाई जाती हैं।
2. भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, देश की कुल जनसंख्या का लगभग 68.8% हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है, और ग्रामीण जनसंख्या का उच्चतम प्रतिशत हिमाचल प्रदेश राज्य में दर्ज किया गया है।
3. भारत में 'दैनिक प्रवासियों' (Commuters) और कुल कार्यबल (Total Workforce) के वितरण के संदर्भ में, 'सीमांत श्रमिक' (Marginal Workers) वे व्यक्ति होते हैं जो वर्ष में 183 दिन या उससे अधिक दिनों के लिए रोजगार प्राप्त करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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महासागरीय उच्चावच (Oceanic Relief), ज्वार-भाटा (Tides) और प्रमुख जलसंधियों (Straits) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तार होता है, जिसकी औसत ढाल बहुत कम (लगभग 1° से भी कम) होती है और यह क्षेत्र समृद्ध मतस्यन क्षेत्रों (Rich Fishing Grounds) तथा खनिज संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
2. 'सिजीजी' (Syzygy) की स्थिति के दौरान, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक ही सीधी रेखा में होते हैं, तो उस समय 'दीर्घ ज्वार' (Spring Tide) उत्पन्न होता है, जिसकी ऊँचाई सामान्य ज्वार से काफी अधिक होती है और यह स्थिति पूर्णिमा तथा अमावस्या दोनों दिनों में होती है।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप (मलेशिया) के बीच स्थित है, जो प्रशांत महासागर को हिंद महासागर (अंडमान सागर) से जोड़ती है और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए एक अत्यंत रणनीतिक चोकपॉइंट (Chokepoint) है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दैनिक ज्वार-भाटा पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन के कारण प्रत्येक 24 घंटे में दो बार उच्च ज्वार और दो बार निम्न ज्वार के रूप में अनुभव किया जाता है, जिसमें चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव मुख्य भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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