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Geography
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विश्व के राजनीतिक भूगोल, प्रमुख देशों की राजधानियों और उनकी भू-आकृतिक सीमाओं (Geopolitical Boundaries) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'डूरंड रेखा' (Durand Line) का निर्धारण वर्ष 1893 में ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के बीच किया गया था, जो वर्तमान में मुख्य रूप से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच की सीमा रेखा है।
- 2. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में स्थित 'ला पाज' (La Paz) विश्व की सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित कार्यपालिका और प्रशासनिक राजधानी है, जबकि 'सुक्रे' (Sucre) इस देश की संवैधानिक और न्यायिक राजधानी है।
- 3. '38वीं समानांतर रेखा' (38th Parallel) उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया को विभाजित करती है, जबकि '49वीं समानांतर रेखा' (49th Parallel) संयुक्त राज्य अमेरिका और मैक्सिको के बीच की सबसे लंबी अशांत रहित सीधी सीमा रेखा बनाती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'मैकमोहन रेखा' (McMahon Line) भारत और चीन के पूर्वी सेक्टर में ब्रिटिश प्रशासक सर हेनरी मैकमोहन द्वारा शिमला समझौते (1914) के तहत निर्धारित की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि डूरंड रेखा का निर्धारण ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के बीच 1893 में हुआ था जो अब पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा है। कथन 2 सही है क्योंकि बोलीविया की राजधानी ला पाज विश्व की सबसे ऊँचाई पर स्थित प्रशासनिक राजधानी है और सुक्रे संवैधानिक राजधानी है। कथन 3 गलत है क्योंकि 49वीं समानांतर रेखा संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के बीच की सीमा रेखा बनाती है, न कि मैक्सिको के बीच। कथन 4 सही है क्योंकि मैकमोहन रेखा भारत और तिब्बत (चीन) के बीच पूर्वी सीमा को निर्धारित करती है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का निर्धारण भौगोलिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक समझौतों के आधार पर किया जाता है।
Related Questions
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भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर के मध्य है, जबकि संपूर्ण देश का अक्षांश विस्तार (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के इंदिरा पॉइंट सहित) 6°45' उत्तर से प्रारंभ होता है।
2. देश का देशांतरीय विस्तार लगभग 30° का है, जिसके कारण अरुणाचल प्रदेश और गुजरात के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर पाया जाता है, और यही कारण है कि 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा को भारत की 'मानक मध्याह्न रेखा' (Standard Meridian) माना गया है, जो मिर्जापुर के पास से गुजरती है।
3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है और यह देश के कुल आठ राज्यों से होकर गुजरती है, जिसमें मिजोरम सबसे पूर्वी और गुजरात सबसे पश्चिमी छोर पर स्थित राज्य हैं जहाँ से यह रेखा गुजरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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महासागरीय जलधाराओं और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अगुल्हास जलधारा' (Agulhas Current) एक गर्म जलधारा है जो हिंद महासागर में मेडागास्कर और अफ्रीकी तट के बीच दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है।
2. 'बेंगुएला जलधारा' (Benguela Current) एक ठंडी जलधारा है जो अटलांटिक महासागर में दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है।
3. 'ओशियो या कुरुशियो जलधारा' (Oyashio Current) उत्तरी प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो जापान के पूर्वी तट के पास बहती है और इसके विपरीत 'अलास्का जलधारा' एक ठंडी जलधारा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की विवर्तनिक गतिविधियों, भूकंपीय तरंगों की गतिकी और ज्वालामुखी उद्गार की प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सुनामी' (Tsunami) तरंगें जब गहरे महासागरीय क्षेत्रों से उथले तटीय भागों में प्रवेश करती हैं, तो जल की गहराई कम होने के कारण उनकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और वेग में भारी कमी आ जाती है, जिसके फलस्वरूप उनकी तरंग ऊँचाई (Wave Height) अत्यधिक बढ़ जाती है।
2. भूकंप का उद्गम केंद्र या 'भूकंप मूल' (Focus/Hypocenter) पृथ्वी के सतह पर वह बिंदु होता है जो ठीक 'अधिकेंद्र' (Epicenter) के ऊपर स्थित होता है और यहीं से सबसे पहले भूकंपीय तरंगें दर्ज की जाती हैं।
3. 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यमों से ही गमन कर सकती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, ज्वालामुखी उद्गार के दौरान निकलने वाले मैग्मा में सिलिका की मात्रा जितनी अधिक होगी, लावा उतना ही अधिक चिपचिपा (Viscous) और अम्लीय होगा, जिससे विस्फोटक और विनाशकारी उदगार की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक परतों (Layers), घनत्व भिन्नता और चट्टानों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी के क्रोड (Core) का औसत घनत्व भूपर्पटी (Crust) की तुलना में बहुत अधिक है, और भूकम्पीय तरंगों (S-waves) का क्रोड के बाहरी हिस्से से गुजरने पर अचानक रुक जाना यह सिद्ध करता है कि पृथ्वी का बाह्य क्रोड तरल अवस्था में है।
2. 'गोल्डश्मिट वर्गीकरण' (Goldschmidt Classification) के अनुसार पृथ्वी की आंतरिक संरचना को उसके रासायनिक तत्वों की आत्मीयता के आधार पर लिथोस्फीयर, पाيرोस्फीयर और बैरीस्फीयर में विभाजित किया गया है, जहाँ पायरोस्फीयर मुख्य रूप से सिलिकॉन और मैग्नीशियम (Sima) से समृद्ध है।
3. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) अत्यधिक विवर्तनिक दबाव और उच्च तापमान के कारण बड़े भू-भागों में होता है, जिसके परिणामस्वरूप मूल चट्टानों में खनिज कणों की समानांतर परतों या पट्टियों का निर्माण होता है जिसे 'पर्णाभता' (Foliation) कहा जाता है।
4. कायांतरित चट्टान के रूप में 'क्वार्ट्जाइट' (Quartzite) बलुआ पत्थर (Sandstone) के तापीय (Contact) या क्षेत्रीय कायांतरण से बनती है, जो अत्यधिक कठोर, टिकाऊ और गैर-पर्णाभ (Non-foliated) प्रकृति की होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों (शैल) के चक्रीय स्वरूप (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की क्रस्ट (Bhoopurpat) में 'ऑक्सीजन' और 'सिलिकॉन' के बाद तीसरा सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व 'एल्युमिनियम' है, जबकि सम्पूर्ण पृथ्वी के आंतरिक भाग (Core समेत) में सबसे अधिक प्रचुर मात्रा में 'लोहा' (Iron) पाया जाता है।
2. 'आग्नेय चट्टानें' (Igneous Rocks) प्राथमिक चट्टानें कहलाती हैं क्योंकि मैग्मा या लावा के ठंडे होने से इनका निर्माण होता है, और इनमें जीवाश्म (Fossils) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं क्योंकि ये परतदार रूप में जमती हैं।
3. 'रूपांतरित चट्टानें' (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से अपनी मूल आग्नेय या अवसादी संरचना को बदल लेती हैं, और इस प्रक्रिया में चूना पत्थर का संगमरमर (Marble) में तथा बलुआ पत्थर का क्वार्ट्जाइट (Quartzite) में परिवर्तन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मोहरोविकिक असांतत्य (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा रेखा को प्रदर्शित करता है, जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक परिवर्तन होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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