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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों और चट्टानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भूकंपीय तरंगों में 'P-तरंगें' (Primary Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं जो ध्वनि तरंगों की तरह ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'S-तरंगें' (Secondary Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं, तरल माध्यम में लुप्त हो जाती हैं।
  2. 2. पृथ्वी की क्रोड (Core) का बाहरी भाग तरल अवस्था में है, जिसके कारण वहाँ से S-तरंगें पार नहीं हो पातीं और इस क्षेत्र को S-तरंगों का 'छाया क्षेत्र' (Shadow Zone) कहा जाता है, जो भूकंप अधिकेंद्र से 105° से 145° के बीच विस्तृत होता है।
  3. 3. 'आग्नेय चट्टानें' (Igneous Rocks) पृथ्वी के आंतरिक भाग से पिघले हुए मैग्मा के ठंडे होने और जमने से बनती हैं, जिन्हें 'प्राथमिक चट्टानें' भी कहा जाता है, और बेसाल्ट तथा ग्रेनाइट इनके प्रमुख उदाहरण हैं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की ऊपरी पर्पटी (Crust) में सिलिकॉन और एल्युमिनियम की प्रधानता के कारण इसे 'सियाल' (SIAL) कहा जाता है, जबकि निचली पट्टिका में सिलिकॉन और मैग्नीशियम की अधिकता के कारण इसे 'सीमा' (SIMA) कहा जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि प्राथमिक (P) तरंगें अनुदैर्ध्य होती हैं और सभी माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक (S) तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं और केवल ठोस माध्यम से ही गुजरती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि P-तरंगों का छाया क्षेत्र 105° से 145° के बीच होता है, जबकि S-तरंगों का छाया क्षेत्र 105° से आगे का पूरा क्षेत्र (अर्थात 105° से 180° तक) होता है क्योंकि वे तरल बाह्य क्रोड से होकर नहीं गुजर सकतीं। कथन 3 सही है क्योंकि आग्नेय चट्टानें मैग्मा के ठंडा होने से बनती हैं और इन्हें प्राथमिक चट्टानें कहा जाता है; बेसाल्ट और ग्रेनाइट इसके प्रमुख उदाहरण हैं। कथन 4 सही है, विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्रस्ट को रासायनिक संरचना के आधार पर सियाल (Si-Al) और सीमा (Si-Ma) में विभाजित किया गया है। अतः सही विकल्प 'केवल 1, 3 और 4' (a) है।
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