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जेट स्ट्रीम (Jet Streams), वायुमंडलीय दाब पेटियों और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम (Subtropical Jet Stream) मुख्य रूप से क्षोभसीमा के पास 20° से 30° अक्षांशों के बीच पश्चिम से पूर्व की ओर प्रवाहित होने वाली तीव्र क्षैतिज वायु धाराएँ हैं, जो भारतीय मानसून के आगमन और विच्छेद (Break in Monsoon) को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
  2. 2. 'फैरेल का नियम' (Ferrel's Law) के अनुसार उत्तरी गोलार्ध में कोई भी पवन अपनी मूल दिशा से दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित हो जाती है, जिसका मुख्य कारण पृथ्वी का घूर्णन और उत्पन्न होने वाला कोरिऑलिस बल है।
  3. 3. शीतोष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) की उत्पत्ति मुख्य रूप से उष्ण और ठंडी वायु राशियों (Air Masses) के मिलने से बनने वाले वाताग्र (Fronts) के सहारे होती है, और ये पूर्व से पश्चिम की ओर गति करते हुए भारत के उत्तर-पश्चिम में सर्दियों के दौरान 'पश्चिमी विक्षوب' (Western Disturbances) के रूप में वर्षा लाते हैं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में 'चक्रवात' कहा जाता है, जबकि प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग में इन्हें 'टायफून' (Typhoons) और कैरिबियन सागर में 'हरिकेन' (Hurricanes) के नाम से जाना जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम क्षोभसीमा के पास लगभग 20° से 30° अक्षांशों के बीच प्रवाहित होती है और भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून को प्रभावित करती है। कथन 2 सही है, फैरेल के नियम के अनुसार पृथ्वी के घूर्णन जनित कोरिऑलिस बल के कारण उत्तरी गोलार्ध में हवाएँ अपनी दाईं ओर विक्षेपित होती हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि शीतोष्णकटिबंधीय चक्रवात सामान्यतः **पश्चिम से पूर्व** की ओर गति करते हैं (न कि पूर्व से पश्चिम)। कथन 4 सही है, उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के क्षेत्रीय नाम अलग-अलग महासागरों में भिन्न होते हैं जैसे अटलांटिक में हरिकेन और प्रशांत में टायफून। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार चक्रवातों की यह गतिकी वायुमंडलीय दाब और तापमान अंतर पर निर्भर करती है।
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