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Geography
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ज्वालामुखी विज्ञान (Vulcanology) और भूकंपीय प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'स्ट्रोम्बोली' (Stromboli) ज्वालामुखी को भूमध्यसागर का 'प्रकाशस्तंभ' (Lighthouse of the Mediterranean) कहा जाता है, क्योंकि यहाँ से लगातार गैसों के बुलबुले फूटने और प्रदीप्त लावा के निकलने के कारण रात में आकाश प्रकाशित रहता है, और यह बेसाल्टिक से लेकर एंडेसिटिक मैग्मा के उद्गार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
- 2. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी सक्रियता का एक ऐसा प्रकार है जो प्लेट सीमाओं पर स्थित होने के बजाय विवर्तनिक प्लेटों के बीचों-बीच (Intraplate) मेंटल प्लूम (Mantle Plume) के ऊपर उत्पन्न होता है, जिसके क्लासिक उदाहरण के रूप में हवाई द्वीप समूह (Hawaiian Islands) को देखा जाता है।
- 3. भूकंपीय तरंगों में 'P-तरंगें' (Primary Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की तरह कार्य करती हैं और ये केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं, जबकि 'S-तरंगें' (Secondary Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो तरल और ठोस दोनों माध्यमों में संचरण करने में सक्षम हैं।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रशांत महासागर की परिधि को 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) कहा जाता है, जहाँ दुनिया के लगभग 75% सक्रिय ज्वालामुखी और 90% से अधिक भूकंपीय घटनाएँ अभिसारी और विसपारी प्लेट किनारों के कारण घटित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि स्ट्रोम्बोली ज्वालामुखी इटली के लिपारी द्वीप पर स्थित है और अपने निरंतर मध्यम विस्फोटों के कारण भूमध्यसागर का प्रकाशस्तंभ कहलाता है। कथन 2 सही है क्योंकि हॉटस्पॉट ज्वालामुखी प्लेट की सीमाओं पर नहीं बल्कि मेंटल प्लूम के कारण प्लेटों के आंतरिक भाग में बनते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि P-तरंगें (प्राथमिक तरंगें) ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि S-तरंगें (द्वितीयक तरंगें) केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं और तरल माध्यम में लुप्त हो जाती हैं (यही कारण है कि बाहरी क्रोड के तरल होने के कारण S-तरंगें वहाँ से नहीं गुजर पातीं)। कथन 4 सही है क्योंकि विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'रिंग ऑफ फायर' प्रशांत महासागर बेसिन में स्थित एक प्रमुख क्षेत्र है जो अत्यधिक भूकम्पीय और ज्वालामुखीय गतिविधियों के लिए उत्तरदायी है।
Related Questions
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों (शैल) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में भार के अनुसार सबसे अधिक मात्रा ऑक्सीजन (लगभग 46.6%) की पाई जाती है, जिसके बाद सिलिकॉन (लगभग 27.7%) और एल्युमीनियम का स्थान आता है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी के स्तर पर सर्वाधिक प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व लोहा (Iron) है।
2. 'बेसाल्ट' और 'ग्रेब्रो' दोनों ही आग्नेय चट्टानें हैं, परंतु बेसाल्ट एक बहिर्भेदी (Extrusive) आग्नेय चट्टान है जो द्रुत शीतलन के कारण सूक्ष्म कणों वाली होती है, जबकि ग्रेब्रो एक अंतर्भेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टान है जो भूगर्भ में मंद शीतलन के कारण बड़े रवेदार (Coarse-grained) रूप में पाई जाती है।
3. कायांतरित (Metamorphic) चट्टानों का निर्माण अत्यधिक ताप, दाब या रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के प्रभाव से पूर्ववर्ती आग्नेय या अवसादी चट्टानों के पुनर्गठन द्वारा होता है, जिसके अंतर्गत चूना पत्थर (Limestone) रूपांतरित होकर संगमरमर (Marble) में तथा बलुआ पत्थर (Sandstone) क्वार्ट्जाइट में परिवर्तित हो जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे से बनी है, जिसे 'निफे' (NIFE) परत भी कहा जाता है, और इसका बाहरी क्रोड पिघली हुई अवस्था में होने के कारण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) के सृजन के लिए उत्तरदायी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की अवस्थिति, अक्षांशीय-देशांशीय विस्तार तथा सीमावर्ती रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की संपूर्ण भूमि (मुख्य भूमि और द्वीप समूह सहित) का अक्षांशीय विस्तार 6°45' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसमें निकोबार द्वीप समूह में स्थित 'इंदिरा प्वाइंट' (पिगमेलियन प्वाइंट) इसका सबसे दक्षिणतम बिंदु है।
2. भारत की स्थलीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जो कुल 7 देशों (पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश) के साथ अपनी सीमा साझा करती है, जिसमें सर्वाधिक लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ लगती है।
3. भारत और पाकिस्तान के बीच निर्धारित 'रेडक्लिफ रेखा' का निर्धारण वर्ष 1947 में सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में सीमा आयोग द्वारा किया गया था, जो एक कृत्रिम सीमा रेखा का उदाहरण है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत के कुल 9 राज्य और 4 केंद्रशासित प्रदेश समुद्र तट से लगे हुए हैं, और देश की मुख्य भूमि की तटरेखा की लंबाई 6,100 किलोमीटर तथा द्वीपों सहित कुल तटरेखा 7,516.6 किलोमीटर है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के अंतर्गत सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी प्रणालियों तथा उनकी विशिष्ट विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सिंधु नदी' (Indus River) का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट बोखार चू हिमनद से होता है, और यह भारत में केवल लद्दाख और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों से प्रवाहित होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करती है, तथा इसकी सबसे बड़ी सहायक नदी 'चिनाव' है।
2. 'ब्रह्मपुत्र नदी' को तिब्बत में 'यांग्त्से' (Yangtze) कहा जाता है, जहाँ से यह पूर्व की ओर बहती है और अरुणाचल प्रदेश में 'दिहांग' या 'सियांग' के रूप में भारत में प्रवेश करती है, जहाँ इसमें लोहित और सुबनसिरी जैसी नदियाँ मिलती हैं।
3. 'गंगा नदी' प्रणाली का निर्माण अलकनंदा और भागीरथी नदियों के देवप्रयाग में संगम के बाद होता है, और यह नदी पश्चिम बंगाल में फरक्का के पास दो शाखाओं (भागीरथी-हुगली और पद्मा) में विभाजित हो जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ब्रह्मपुत्र नदी जब बांग्लादेश में प्रवेश करती है, तो इसे 'जमुना' कहा जाता है, और जब यह पद्मा (गंगा) नदी के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है, तो विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा 'सुंदरबन डेल्टा' बनाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय मृदाओं की आनुवंशिक विशेषताओं, सूक्ष्म पोषक तत्वों की स्थिति और उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पीठ और दलदली मृदा' (Peaty and Marshy Soils) मुख्य रूप से भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में पाई जाती है, जहाँ वनस्पति के बड़े पैमाने पर सड़ने-गलने से इसमें भारी मात्रा में घुलनशील लवण और ह्यूमस (कभी-कभी 40 से 50 प्रतिशत तक) जमा हो जाते हैं, लेकिन यह मृदा सामान्यतः क्षारीय प्रकृति की होती है।
2. 'लाल और पीली मृदा' का विकास मुख्य रूप से दक्कन के पठार के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में प्राचीन रवेदार (Crystalline) और कायांतरित चट्टानों पर हुआ है, जिसमें फेरिक ऑक्साइड्स की उपस्थिति के कारण इसका रंग लाल होता है, जबकि जल योजन (Hydration) के बाद यह पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है।
3. 'क्षारीय और लवणीय मृदा' को देश के विभिन्न भागों में 'रेह', 'कल्लर' या 'ऊसर' नामों से जाना जाता है, और यह मुख्यतः शुष्क व अर्ध-शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों तथा नहरों द्वारा अत्यधिक सिंचित जल-भराव वाले क्षेत्रों में विकसित होती है, जिसमें सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम के लवणों की अधिकता पाई जाती है।
4. 'लैटेराइट मृदा' का निर्माण मानसूनी जलवायु के अंतर्गत उच्च तापमान और तीव्र वर्षा के कारण 'निक्षालन' (Leaching) की तीव्र प्रक्रिया के फलस्वरूप होता है, जिसमें सिलिका जैसे घुलनशील तत्व बह जाते हैं और आयरन ऑक्साइड तथा एल्युमिनियम के यौगिक शेष बच जाते हैं, जिससे यह मृदा अत्यधिक उपजाऊ और रबी की फसलों के लिए सर्वोत्तम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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विश्व की प्रमुख नदियों और उनके किनारे स्थित निम्नलिखित नगरों पर विचार कीजिए:
1. सैन फ्रांसिस्को - सैक्रामेंटो नदी
2. रोम - टाइबर नदी
3. वियना - डेन्यूब नदी
4. पेरिस - सीन नदी
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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