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Geography
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भारत के भौगोलिक विस्तार, भू-सीमाओं और दूरस्थ बिंदुओं (Extreme Points) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत की मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी बिंदु कन्याकुमारी (केप कोमोरिन) है, जबकि संपूर्ण भारतीय संघ का सबसे दूरस्थ दक्षिणी बिंदु 'इंदिरा पॉइंट' (पिग्मेलियन पॉइंट) है जो ग्रेट निकोबार द्वीप पर 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है।
- 2. देश का सबसे पश्चिमी बिंदु 'गुहार मोती' (Ghuar Moti) गुजरात में स्थित है, जबकि सबसे पूर्वी बिंदु 'किबिथु' (Kibithu) अरुणाचल प्रदेश में स्थित है, और इन दोनों स्थानों के स्थानीय समय के बीच लगभग 1 घंटे 57 मिनट का अंतर पाया जाता है।
- 3. भारत की स्थलीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जो कुल सात देशों (पाकिस्तान, अफ़्गानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश) के साथ साझा होती है, जिसमें बांग्लादेश के साथ सबसे लंबी और अफ़्गानिस्तान के साथ सबसे छोटी सीमा लगती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की कुल तटरेखा (मुख्य भूमि और द्वीपों सहित) की लंबाई लगभग 7,516.6 किलोमीटर है, जिसमें मुख्य भूमि की तटरेखा लगभग 6,100 किलोमीटर लंबी है और इसमें गुजरात राज्य की तटरेखा सबसे लंबी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1. भारत की मुख्य भूमि का दक्षिणतम छोर कन्याकुमारी (8°4'N) है, किंतु संपूर्ण देश का सुदूर दक्षिण बिंदु 'इंदिरा पॉइंट' (ग्रेट निकोबार, 6°45'N) है। 2. देश का देशांतरीय विस्तार लगभग 29°18' है, जिसके कारण अरुणाचल प्रदेश (किबिथु) और गुजरात (गुहार मोती) के बीच लगभग दो घंटे (करीब 1 घंटा 57 मिनट) का समयांतर होता है। 3. भारत की कुल स्थलीय सीमा 15,106.7 किमी है जो 7 देशों से लगती है; बांग्लादेश (लगभग 4,096 किमी) के साथ सबसे लंबी और अफ़्गानिस्तान (106 किमी) के साथ सबसे छोटी सीमा है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार द्वीप समूहों (अंडमान-निकोबार तथा लक्षद्वीप) को मिलाकर कुल तटरेखा 7,516.6 किमी है, जिसमें मुख्य भूमि की तटरेखा 6,100 किमी है और राज्यों में गुजरात की तटरेखा सर्वाधिक लंबी है। अतः विकल्प (d) सही है।
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विश्व की प्रमुख नदियों और उनके तटों पर बसे महत्वपूर्ण नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. मोंटेवीडियो (Montevideo) - रियो डी ला प्लाटा नदी (Rio de la Plata)
2. ब्रेडग्रेव (Belgrade) - डेन्यूब नदी (Danube River)
3. खार्तुम (Khartoum) - श्वेत नील और नीली नील का संगम (White and Blue Nile Confluence)
4. मॉन्ट्रियल (Montreal) - ओटावा नदी (Ottawa River)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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पृथ्वी के वायुमंडल में पवन प्रणालियों, आर्द्रता, वर्षा के प्रकार और चक्रवातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. व्यापारिक पवनें (Trade Winds) दोनों गोलार्धों में उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों से विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (डोलड्रम) की ओर प्रवाहित होती हैं, और पृथ्वी के घूर्णन के कारण कोरियोलिस बल के प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में ये उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर विक्षेपित हो जाती हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार निरपेक्ष आर्द्रता (Absolute Humidity) वायु के प्रति इकाई आयतन में मौजूद जलवाष्प के द्रव्यमान को दर्शाती है, जबकि तापमान में परिवर्तन होने पर इसकी मात्रा में प्रत्यक्ष बदलाव होता है।
3. संवहनकारी वर्षा (Convectional Rainfall) मुख्य रूप से विषुवतीय प्रदेशों में प्रतिदिन दोपहर के बाद होने वाली मूसलाधार वर्षा है, जो तीव्र गर्म हवा के ऊपर उठने, ठंडी होने और संतृप्त होने के कारण क-कपासी बादलों (Cumulonimbus clouds) के निर्माण से होती है।
4. उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclones) केवल महासागरों के ऊपर 27°C से अधिक सतही तापमान वाले क्षेत्रों में उत्पन्न होते हैं, और भूमध्य रेखा के बहुत समीप (5° उत्तर से 5° दक्षिण अक्षांश के बीच) कोरियोलिस बल के शून्य होने के कारण ये सर्वाधिक शक्तिशाली और प्रचुर मात्रा में विकसित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं और उनके जल-प्रवाह तंत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि उन्हें जल वर्षा के अतिरिक्त हिमनदों (Glaciers) के पिघलने से भी प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ अनित्य (Seasonal) या मानसूनी होती हैं जो केवल वर्षा पर निर्भर करती हैं।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ पुराने पठार पर अपने आधार तल (Base Level) को प्राप्त कर चुकी हैं और परिपक्व अवस्था में होने के कारण विसर्पण (Meandering) जैसी स्थलाकृतियाँ बहुत कम बनाती हैं, जबकि उत्तर भारत के मैदानों में बहने वाली हिमालयी नदियाँ अपने युवा चरण में अत्यधिक विसर्पण और मार्ग परिवर्तन के लिए जानी जाती हैं।
3. 'नर्मदा' और 'तापी' नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार की अधिकांश अन्य नदियों के विपरीत पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरने के बजाय भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होते हुए पश्चिम की ओर प्रवाहित होती हैं और अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuary) का निर्माण करती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी गोदावरी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, जिसका उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर (नासिक) से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा (मिट्टी) के वितरण, उनकी भौतिक-रासायनिक विशेषताओं तथा उनसे जुड़े कृषि संबंधी पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'शुष्क और मरुस्थलीय मृदा' (Arid and Desert Soils) मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है, जिनमें घुलनशील लवणों की अधिकता और ह्यूमस की भारी कमी होती है, किंतु फास्फेट और कैल्शियम कार्बोनेट की प्रचुरता होने के कारण यदि इसमें पर्याप्त सिंचाई की जाए तो यह उपजाऊ हो जाती है।
2. 'लवण और क्षारीय मृदा' (Saline and Alkaline Soils) को सामान्यतः 'कल्लर', 'रैह', 'ऊसर' या 'तुर' के नाम से जाना जाता है, और यह मिट्टी नाइट्रोजन और चूने में अत्यंत समृद्ध होती है, जिसके कारण इसमें केवल धान की खेती ही बिना किसी रासायनिक सुधारक के सफलतापूर्वक की जा सकती है।
3. 'पीट और दलदली मृदा' (Peat and Marshy Soils) का विकास भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मृत वनस्पति और जैविक पदार्थों के संचय के कारण होता है, जिसके फलस्वरूप इस मृदा में ह्यूमस (40-50% तक) और अम्लीय गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
4. 'वन मृदा' (Forest Soils) हिमालयी क्षेत्रों और प्रायद्वीपीय पठार के पहाड़ी भागों में व्यापक रूप से वितरित है, जो नदी घाटियों में दोमट और सिल्ट (Silt) के रूप में उपजाऊ होती है, किंतु ऊपरी ढलानों पर यह अम्लीय प्रकृति की होती है और इसमें ह्यूमस की मात्रा बहुत कम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व के राजनीतिक भूगोल, देशों की अवस्थिति, उनकी राजधानियों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मैगिनॉट रेखा' (Maginot Line) फ्रांस द्वारा जर्मनी के आक्रमण से सुरक्षा के लिए अपनी पूर्वी सीमा पर निर्मित की गई भारी और अत्याधुनिक किलेबंद रक्षात्मक रेखा थी, जो बेल्जियम की सीमा तक फैली हुई थी।
2. 'किरण और त्सूसीमा की सीमाएँ' या मध्य एशियाई देशों के संदर्भ में, 'जिग्सैग रेखा' जैसी विशिष्ट सीमाएँ उन देशों के बीच पाई जाती हैं जिन्हें औपनिवेशिक ताकतों द्वारा कृत्रिम रूप से बिना भौगोलिक यथार्थता को ध्यान में रखे खींचा गया था।
3. 'आइसलैंड' की राजधानी 'रेकjavik' (Reykjavik) दुनिया की सबसे उत्तरी राजधानी है, और यह अटलांटिक महासागर में मिड-अटलांटिक कछार (Mid-Atlantic Ridge) के ऊपर अवस्थित होने के कारण भू-तापीय ऊर्जा का प्रमुख केंद्र है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'रैडक्लिफ रेखा' (Radcliffe Line) का निर्धारण सर सिरिल रैडक्लिफ की अध्यक्षता में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा आयोग द्वारा वर्ष 1947 में किया गया था, जो बंगाल और पंजाब प्रांतों के विभाजन का आधार बनी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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