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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) तथा उनके गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. गुटेनबर्ग असंबद्धता (Gutenberg Discontinuity) निम्न मेंटल (Lower Mantle) और बाह्य क्रोड (Outer Core) के बीच स्थित है, जहाँ से प्राथमिक भूकंपीय तरंगें (P-waves) गुजर सकती हैं किंतु द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूर्णतः विलुप्त हो जाती हैं।
- 2. आग्नेय चट्टानें पृथ्वी के आंतरिक भाग से प्राप्त मैग्मा के शीतलन से बनती हैं, और रासायनिक संरचना के आधार पर 'ग्रेनाइट' एक अम्लीय (Acidic) आग्नेय चट्टान का उदाहरण है जिसमें सिलिका की मात्रा अधिक होती है, जबकि 'बेसाल्ट' एक बेसिक (Basic) आग्नेय चट्टान है।
- 3. कायांतरित या रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप और दाब के कारण अपने मूल रूप को बदल लेती हैं, जिसमें 'बलुआ पत्थर' (Sandstone) के रूपांतरण से 'क्वार्ट्जाइट' (Quartzite) और 'शेल' (Shale) के रूपांतरण से 'सिस्ट' या 'स्लेट' का निर्माण होता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की संपूर्ण भूपर्पटी (Crust) में ऑक्सीजन के बाद सर्वाधिक प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व 'सिलिकॉन' है, जिसके पश्चात एल्युमिनियम और लोहे का स्थान आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि गुटेनबर्ग असंबद्धता (Gutenberg Discontinuity) मेंटल और बाह्य क्रोड को अलग करती है, जहाँ S-तरंगें तरल बाह्य क्रोड के कारण आगे नहीं बढ़ पातीं। कथन 2 सही है क्योंकि ग्रेनाइट अम्लीय आग्नेय चट्टान (सिलिका बाहुल्य) है और बेसाल्ट बेसिक चट्टान है। कथन 3 सही है, बलुआ पत्थर क्वार्ट्जाइट में और शेल स्लेट/सिस्ट में रूपांतरित होता है। कथन 4 गलत है क्योंकि भूपर्पटी में ऑक्सीजन के बाद दूसरा सबसे प्रचुर तत्व 'सिलिकॉन' नहीं बल्कि सिलिकॉन ही है, लेकिन क्रस्ट में भार के हिसाब से ऑक्सीजन (लगभग 46.6%), सिलिकॉन (27.7%), और एल्युमिनियम (8.1%) का क्रम होता है; हालाँकि, यहाँ विकल्प 1, 2 और 3 सही होने के कारण सही उत्तर विकल्प (a) है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की आंतरिक परतों और चट्टानों का वर्गीकरण भू-वैज्ञानिकों द्वारा इसी आधार पर किया गया है।
Related Questions
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream) एक उष्ण जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से निकलकर उत्तर-पूर्वी अटलांटिक महासागर की ओर प्रवाहित होती है और पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों के तापमान को मध्यम बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) एक ठंडी जलधारा है जो आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहती है और न्यूफाउंडलैंड के तट के पास गल्फ स्ट्रीम से मिलकर विश्व के सबसे बड़े और समृद्ध मतस्यन (Fishing) क्षेत्रों में से एक 'ग्रैंड बैंक' का निर्माण करती है।
3. पेरू जलधारा (जिसे हम्बोल्ट जलधारा भी कहा जाता है) एक गर्म जलधारा है जो दक्षिणी अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और यहाँ 'अल नीनो' (El Nino) की परिघटना को जन्म देती है।
4. ओसियो जलधारा (Oyashio Current), जिसे कुरुशियो जलधारा की ठंडी बहन भी कहा जाता है, प्रशांत महासागर के उत्तर-पश्चिम भाग में बहने वाली एक ठंडी जलधारा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक कॉриडोर्स और परिवहन अवसंरचना (राष्ट्रीय राजमार्ग, समर्पित माल गलियारे तथा जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) परियोजना 'समर्पित माल ढुलाई गलियारे' (Dedicated Freight Corridor - DFC) के पश्चिमी छोर के समानांतर विकसित की जा रही है, जो जापान के तकनीकी और वित्तीय सहयोग से छह राज्यों से होकर गुजरती है।
2. राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1), जो गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर प्रयागराज से हल्दिया तक फैला हुआ है, देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग है और यह अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अंतर्गत आता है।
3. भारत में 'लौह और इस्पात उद्योग' के संदर्भ में, सार्वजनिक क्षेत्र का बोकारो इस्पात संयंत्र सोवियत संघ (USSR) के सहयोग से स्थापित किया गया था, जबकि राउरकेला इस्पात संयंत्र की स्थापना ब्रिटेन के तकनीकी सहयोग से की गई थी।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के बीच अवस्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय मृदाओं की आनुवंशिक विशेषताओं, रासायनिक संरचना और उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'क्षारीय और लवणीय मृदा' (Saline and Alkaline Soils), जिसे स्थानीय भाषा में 'रेह', 'कल्लर' या 'ऊसर' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों तथा नहरों द्वारा सिंचित अधिक जल-भराव वाले क्षेत्रों में विकसित होती है, जिसमें सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम के लवणों की अधिकता पाई जाती है।
2. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soils) का निर्माण मानसूनी जलवायु के अंतर्गत उच्च तापमान और तीव्र वर्षा के कारण 'निक्षालन' (Leaching) की तीव्र प्रक्रिया के फलस्वरूप होता है, जिसमें सिलिका जैसे घुलਨशील तत्व बह जाते हैं और आयरन ऑक्साइड तथा एल्युमिनियम के यौगिक शेष बच जाते हैं, जिससे यह मृदा अत्यधिक उपजाऊ और गेहूँ की खेती के लिए सर्वोत्तम होती है।
3. 'काली मृदा' (Black Soils), जिसे रेगुर या उष्णकटिबंधीय चेर्नोज़म भी कहा जाता है, में लोहे, चूने, मैग्नीशियम और एल्युमिनियम की अधिकता होती है, तथा इसमें स्व-जुताई (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है क्योंकि गीली होने पर यह चिपचिपी हो जाती है और सूखने पर इसमें गहरी चौड़ी दरारें पड़ जाती हैं।
4. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का विकास प्राचीन रवेदार (Crystalline) और कायांतरित चट्टानों पर होता है, जहाँ फेरिक ऑक्साइड्स की उपस्थिति के कारण इसका रंग लाल होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) के बाद यह पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है, और यह मृदा सामान्यतः नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा ह्यूमस की कमी दर्शाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा परमाणु खनिजों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में 'गोंडवाना कोयला क्षेत्र' देश के कुल कोयला भंडार का लगभग 98% हिस्सा रखते हैं, और इनमें मुख्य कोयला घाटियाँ दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों के बेसिन में संकेंद्रित हैं।
2. राजस्थान का 'खेतड़ी क्षेत्र' और मध्य प्रदेश का 'मलाजखंड क्षेत्र' तांबा (Copper) अयस्क के लिए प्रसिद्ध हैं, जबकि असम का 'डिगबोई' क्षेत्र भारत का सबसे पुराना और वर्तमान में भी सक्रिय तेल शोधन संयंत्र (Refinery) वाला पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है।
3. भारत में थोरियम का सबसे बड़ा भंडार केरल के तटीय क्षेत्रों की 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) में पाया जाता है, जिसे विश्व स्तर पर विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार परमाणु ऊर्जा के एक सुरक्षित और प्रचुर विकल्प के रूप में देखा जाता है।
4. झारखंड का 'जादूगोड़ा' क्षेत्र यूरेनियम के उत्खनन के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है, जो सिंहभूम खनिज पट्टी (Singhbhum Shear Zone) के अंतर्गत आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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महासागरीय गर्तों, ज्वार-भाटा की गतिशीलता और प्रमुख जलडमरूमध्य (Straights) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मरियाना गर्त' (Mariana Trench) प्रशांत महासागर में स्थित विश्व का सबसे गहरा गर्त है, जिसका निर्माण प्रशांत प्लेट और फिलीपीन प्लेट के अभिसरण (Convergent Boundary) के फलस्वरूप हुआ है।
2. 'अपोजी' (Apogee) वह स्थिति है जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से अधिकतम दूरी पर होता है, और इस अवधि के दौरान उत्पन्न होने वाला ज्वार-भाटा सामान्य से बहुत अधिक ऊँचा होता है, जिसे 'दीर्घ ज्वार' (Spring Tide) कहा जाता है।
3. 'सुण्डा जलसंधि' (Sunda Strait) जावा सागर को हिंद महासागर से जोड़ती है और यह इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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