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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों (शैल) के रूपांतरण चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पृथ्वी की क्रस्ट (Crust) में ऑक्सीजन और सिलिकॉन के बाद सर्वाधिक मात्रा में पाया जाने वाला तीसरा प्रमुख तत्व 'एल्युमिनियम' (Aluminum) है, जो मुख्य रूप से सियाल (SIAL) परत का मुख्य घटक है।
- 2. 'बेसाल्ट' और 'ग्रेब्रो' दोनों ही आग्नेय चट्टानें हैं, किंतु बेसाल्ट एक बाह्य (Extrusive) आग्नेय चट्टान है जो तीव्र शीतलन के कारण सूक्ष्म दानेदार संरचना वाली होती है, जबकि ग्रेब्रो एक आंतरिक (Intrusive) आग्नेय चट्टान है जिसका शीतलन धीमी गति से होने के कारण बड़े क्रिस्टल बनते हैं।
- 3. कायांतरित चट्टानों (Metamorphic Rocks) में 'पर्णन' (Foliation) या पट्टित संरचना की उपस्थिति तब सुनिश्चित होती है जब अत्यधिक विवर्तनिक दबाव के कारण खनिज कण एक समानांतर रेखा या पट्टियों के रूप में पुनर्संगठित हो जाते हैं, जिसका एक उत्कृष्ट उदाहरण 'स्लेट' और 'शिष्ट' हैं।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार चूना पत्थर (Limestone) के कायांतरण से 'संगमरमर' (Marble) का निर्माण होता है, जो एक गैर-पर्णयुक्त (Non-foliated) कायांतरित चट्टान का प्रमुख उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि पृथ्वी की क्रस्ट में भार के अनुसार सर्वाधिक मात्रा में पाया जाने वाला तीसरा प्रमुख तत्व 'एल्युमिनियम' नहीं बल्कि 'लोहा' (Iron - लगभग 5%) है, जबकि एल्युमिनियम चौथा सबसे प्रचुर तत्व (लगभग 8%) है। कथन 2 सत्य है; बेसाल्ट लावा के धरातल पर तेजी से ठंडा होने से बनती है जिससे इसके दाने बहुत सूक्ष्म होते हैं, जबकि ग्रेब्रो भूगर्भ में मैग्मा के धीरे-धीरे ठंडा होने से बनती है जिससे बड़े रवे (क्रिस्टल) बनते हैं। कथन 3 और 4 दोनों सत्य हैं; अत्यधिक दबाव के कारण खनिजों का एक समतल या पट्टियों में व्यवस्थित होना पर्णन कहलाता है (जैसे स्लेट और शिस्ट), तथा चूना पत्थर के ऊष्मा और दाब द्वारा कायांतरण से संगमरमर का निर्माण होता है जो गैर-पर्णयुक्त होता है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार चट्टानें भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से लगातार एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती रहती हैं।
Related Questions
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वायुमंडल के संगठन, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल में गैसों के कुल द्रव्यमान का अधिकांश हिस्सा क्षोभमंडल (Troposphere) और समताप मंडल (Stratosphere) तक ही सीमित है, जिसमें आयतन के आधार पर नाइट्रोजन (लगभग 78.08%) और ऑक्सीजन (लगभग 20.95%) मिलकर कुल शुष्क हवा का 99% से अधिक भाग बनाते हैं।
2. ओजोन परत (Ozone Layer) समताप मंडल के निचले हिस्से में लगभग 15 से 50 किलोमीटर की ऊँचाई के बीच पाई जाती है, और इस परत में ऊँचाई के साथ तापमान में कमी आने के बजाय तीव्र वृद्धि होती है, क्योंकि ओजोन अणु सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करते हैं।
3. भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low Pressure Belt), जिसे 'डोलड्रम' (Doldrums) भी कहा जाता है, पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाली गतिजन्य पेटियों में से एक है, जहाँ वर्षभर सूर्य की किरणें सीधी पड़ने के कारण संवहन धाराओं (Convectional Currents) का निर्माण होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उपोष्ण कटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) गतिजन्य रूप से उत्पन्न होती हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन के कारण विषुवत वृत्त से उठने वाली हवाओं के 30° से 35° अक्षांशों के बीच नीचे बैठने (Subsidence) के फलस्वरूप निर्मित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, विभिन्न असंबद्धताओं (Discontinuities) और शैल चक्र (Rock Cycle) की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कोनार्ड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट (Sial) और निचली क्रस्ट (Sima) के बीच स्थित होती है, जबकि 'मोहोरविक असंबद्धता' (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच सीमा बनाती है।
2. 'पर्idotite' (पेरीडोटाइट) और 'एक्लोगाइट' जैसी चट्टानें मुख्य रूप से पृथ्वी के ऊपरी मेंटल का निर्माण करती हैं, और मेंटल का यह भाग अत्यधिक उच्च ताप और दाब के कारण प्लास्टिक जैसी अर्ध-ठोस अवस्था में रहता है।
3. चूना पत्थर (Limestone) के रूपांतरण से 'संगमरमर' (Marble) का निर्माण होता है, जो एक प्रकार की अ-पत्रित (Non-foliated) रूपांतरित चट्टान है, क्योंकि इसमें खनिज कणों की परतों या पट्टियों का अभाव होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी का क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे (Nife) से बना है, जिसमें बाह्य क्रोड तरल अवस्था में होने के कारण प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) को अपवर्तित (Refract) कर देता है लेकिन S-तरंगों को पूरी तरह रोक लेता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की संरचना, तापमान की ऊर्ध्वाधर प्रवणता और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समतापमंडल (Stratosphere) में ओजोन अणुओं द्वारा पराबैंगनी किरणों के अवशोषण के कारण ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है, और इसी परत के निचले हिस्से में जेट विमानों के उड़ने के लिए आदर्श दशाएँ पाई जाती हैं क्योंकि यहाँ मौसमी हलचलें न्यूनतम होती हैं।
2. आयनमंडल (Ionosphere) में स्थित 'कार्مان रेखा' (Kármán line) को पृथ्वी के वायुमंडल और अंतरिक्ष के बीच की पारंपरिक सीमा माना जाता है, जहाँ गैसें सौर विकिरण के कारण आयनित हो जाती हैं और रेडियो तरंगों को वापस पृथ्वी पर परावर्तित करती हैं।
3. 'अश्व अक्षांश' (Horse Latitudes) उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों से संबंधित क्षेत्र हैं, जो भूमध्य रेखा के दोनों ओर लगभग 30° से 35° अक्षांशों के मध्य स्थित होते हैं, और यहाँ की शांत मौसम दशाओं का संबंध ठंडी हवाओं के ऊपर उठने से है।
4. पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाला 'कोरिऑलिस बल' (Coriolis force) पवनों की दिशा को उत्तरी गोलार्ध में बाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में दाईं ओर विक्षेपित कर देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों और उनके वर्गीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदा का निर्माण क्रिस्टलीय और रूपांतरित आग्नेय चट्टानों में लौह ऑक्साइड के व्यापक विसरण के कारण होता है, जहाँ इसका पीला रंग इसमें जल-योजित (Hydrated) आयरन ऑक्साइड की उपस्थिति को दर्शाता है।
2. शुष्क और मरुस्थलीय मृदा में घुलनशील लवणों, कैल्सियम कार्बोनेट और फास्फेट की प्रचुरता होती है, जबकि नाइट्रोजन की भारी कमी और ह्यूमस का सर्वथा अभाव पाया जाता है।
3. 'ऊसर', 'कल्लर' या 'रेर' के नाम से पहचानी जाने वाली लवणीय और क्षारीय मृदाओं में सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्सियम के यौगिकों की अधिकता होती है, और ये मृदाएँ मुख्य रूप से अत्यधिक और अंधाधुंध सिंचाई तथा जल निकासी की खराब व्यवस्था वाले नहर सिंचित क्षेत्रों में विकसित होती हैं।
4. लैटेराइट मृदा का सर्वाधिक विस्तार दक्कन ट्रैप के बेसाल्टिक लावा क्षेत्रों में पाया जाता है, जो कपास की खेती के लिए देश में सबसे अधिक उपजाऊ मृदा मानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की विभिन्न परतों, तापमान की ऊर्ध्वाधर प्रवणता और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल की ऊपरी सीमा पर स्थित 'ट्रोपोपॉज़' (Tropopause) पर तापमान की न्यूनतम सीमा पाई जाती है, जहाँ ध्रुवों के ऊपर इसकी ऊँचाई भूमध्य रेखा की तुलना में अधिक होती है क्योंकि संवहन धाराएँ ध्रुवीय क्षेत्रों में अधिक प्रबल होती हैं।
2. समतापमंडल (Stratosphere) में जैसे-जैसे ऊँचाई बढ़ती है, तापमान में वृद्धि होने लगती है, जिसका मुख्य कारण इस परत में ओजोन अणुओं द्वारा सूर्य की पराबैंगनी किरणों का अवशोषित किया जाना है।
3. 'डोलड्रम' (Doldrums) भूमध्य रेखा के दोनों ओर लगभग 5° उत्तर से 5° दक्षिण अक्षांशों के बीच स्थित एक शांत और कम वायुदाब का क्षेत्र है, जहाँ उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाएँ आपस में अभिसरित होती हैं।
4. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) का निर्माण पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाले अभिकेंद्र बल (Centrifugal force) और विषुवतरेखीय क्षेत्रों से ऊपर उठकर ठंडी होने वाली हवाओं के इन अक्षांशों पर नीचे बैठने (Subsidence) के कारण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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