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Geography
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'महासागरीय मग्नतट' (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तृत सीमांत भाग होता है, जिसकी औसत गहराई लगभग 200 मीटर तक होती है और यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मतस्यन (Fishing) क्षेत्रों में शामिल है क्योंकि यहाँ सूर्य का प्रकाश आसानी से पहुँच जाता है जिससे पादपप्लवक (Phytoplankton) का विकास होता है।
  2. 2. 'वृहत ज्वार' (Spring Tide) की स्थिति पूर्णिमा और अमावस्या के दिन उत्पन्न होती है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक ही सीध में (स्युति या Syzygy की स्थिति में) होते हैं, जिससे तीनों का गुरुत्वाकर्षण बल मिलकर संयुक्त रूप से कार्य करता है।
  3. 3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है, जो प्रशांत महासागर को हिंद महासागर (अंडमान सागर) से जोड़ती है और यह वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यधिक रणनीतिक महत्व रखती है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'लघु ज्वार' (Neap Tide) प्रत्येक महीने की कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की सप्तमी या अष्टमी को आता है, जब सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के केंद्र पर समकोण (Right Angle) बनाते हैं, जिससे ज्वारउत्पादक बल एक-दूसरे के प्रभाव को आंशिक रूप से उदासीन कर देते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और जलसंधियों के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। 1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का मंद ढाल वाला डूबा हुआ भाग है जो प्रकाश की प्रचुरता के कारण मत्स्यन और खनिज तेल के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। 2. वृहत ज्वार (Spring Tide) पूर्णिमा और अमावस्या को सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी के सरलरेखीय संरेखण (Syzygy) के कारण उत्पन्न होता है। 3. मलक्का जलसंधि हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैश्विक जलमार्ग है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार लघु ज्वार (Neap Tide) चंद्र कलाओं की प्रथम और तृतीय तिमाही (सप्तमी/अष्टमी) को आता है जब सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के सापेक्ष समकोणीय स्थिति में होते हैं, जिससे न्यूनतम ज्वारीय बल उत्पन्न होता है।
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