त्वरित लिंक्स
Geography
17 views
विश्व की प्रमुख महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनके क्षेत्रीय तथा जलवायु पर पड़ने वाले प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'कैनरी जलधारा' (Canary Current) अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो उत्तर-पश्चिम अफ्रीका के तट के सहारे दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और इसके प्रभाव से सहारा मरुस्थल के तटीय क्षेत्रों की जलवायु शुष्क और ठंडी बनी रहती है।
- 2. 'ओसियो जलधारा' (Oyashio Current), जिसे कुरिला जलधारा भी कहा जाता है, उत्तरी प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो बेरिंग जलडमरूमध्य से दक्षिण की ओर बहती है और जापान के पूर्वी तट पर क्यूरोशियो गर्म जलधारा से मिलकर अत्यधिक घने कोहरे का निर्माण करती है।
- 3. 'ब्राजील जलधारा' (Brazil Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है और विषुवतीय जल को उच्च अक्षांशों की ओर ले जाती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'पेरू जलधारा' (Peru Current) या हम्बोल्ट जलधारा एक गर्म जलधारा है जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर मूसलाधार वर्षा के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। कैनरी जलधारा अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो अफ्रीका के उत्तर-पश्चिम तट पर बहती है। ओसियो (कुरिला) जलधारा प्रशांत महासागर की ठंडी जलधारा है जो क्यूरोशियो गर्म जलधारा से मिलकर कोहरे और मत्स्यन के लिए अनुकूल दशाएं बनाती है। ब्राजील जलधारा दक्षिण अटलांटिक की एक गर्म जलधारा है। वहीं, कथन 4 असत्य है क्योंकि 'पेरू जलधारा' (हम्बोल्ट जलधारा) एक **ठंडी जलधारा** है, न कि गर्म, और यह दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट (अटाकामा मरुस्थल के पास) पर शुष्कता उत्पन्न करती है, न कि मूसलाधार वर्षा। विकिपीडिया संदर्भ
Related Questions
→
पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के प्रकार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ग्रेनाइट' एक अंतर्भेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टान है, जो मैग्मा के पृथ्वी की सतह के नीचे अत्यधिक धीमी गति से ठंडे होने के कारण बड़े और स्पष्ट रवेदार (Coarse-grained) क्रिस्टल का निर्माण करती है।
2. 'मेंटल' पृथ्वी की आंतरिक संरचना की सबसे मोटी परत है, जिसका अधिकांश भाग 'एस्थेनोस्फेयर' (Asthenosphere) के रूप में अर्ध-पिघली हुई प्लास्टिक अवस्था में होता है और यह प्लेट विवर्तनिकी को संचालित करता है।
3. चूना पत्थर (Limestone) एक प्राथमिक अवसादी चट्टान है, जो उच्च ताप और अत्यधिक दबाव के संपर्क में आने पर अपनी मूल रासायनिक संरचना को बदलकर 'क्वार्टजाइट' (Quartzite) नामक रूपांतरित चट्टान में परिवर्तित हो जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा को 'मोहोरविक असंबद्धता' (Mohorovicic Discontinuity) कहा जाता है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) के वेग में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक कॉриडोर और परिवहन तंत्र (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे तथा जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर' (DMIC) परियोजना भारत की एक प्रमुख अवसंरचना पहल है, जो 'पश्चिमी समर्पित मालवहन गलियारे' (Western Dedicated Freight Corridor - DFC) के समानांतर विकसित की जा रही है और इसका उद्देश्य इस क्षेत्र को वैश्विक विनिर्माण और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
2. भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क लंबाई के मामले में विश्व में दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है, और देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 'राष्ट्रीय राजमार्ग 44' (NH 44) है, जो उत्तर में श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किलोमीटर की दूरी तय करता है।
3. अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) द्वारा देश के सबसे लंबे राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) को 'गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली' पर विकसित किया गया है, जो हल्दिया से प्रयागराज के बीच लगभग 1,620 किलोमीटर की नौगम्य जल लंबाई प्रदान करता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का पहला आधुनिक सूती वस्त्र उद्योग वर्ष 1854 में 'मुंबई' (तत्कालीन बॉम्बे) में 'कोतावार मिल' के रूप में स्थापित किया गया था, जबकि स्वतंत्रता के पूर्व देश में लौह एवं इस्पात उद्योग का वास्तविक और समेकित औद्योगिक विकास जमशेदपुर (टाटानगर) में टिस्को (TISCO) की स्थापना के साथ शुरू हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के वन क्षेत्रों, बायोस्फीयर रिजर्व और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भारत में उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन' मुख्य रूप से पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढलानों, पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियों और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में पाए जाते हैं, जहाँ वार्षिक वर्षा 200 सेमी से अधिक होती है।
2. 'नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व' यूनेस्को के विश्व नेटवर्क बायोस्फीयर रिजर्व की सूची में शामिल है, जो उत्तराखंड में महान हिमालय क्षेत्र में स्थित है और यहाँ 'हिन्दू कुश-हिमालयी' पारिस्थितिकी तंत्र का अनूठा प्रतिनिधित्व मिलता है।
3. 'सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान' विश्व का सबसे बड़ा एकल मैंग्रोव वन क्षेत्र है, जो गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा क्षेत्र में फैला हुआ है और यहाँ रॉयल बंगाल टाइगर के संरक्षण के लिए विशेष रूप से 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत कार्य किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं, झीलों और जलप्रपातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'तुंगभद्रा बहुउद्देशीय परियोजना' कृष्णा नदी की प्रमुख सहायक नदी तुंगभद्रा पर निर्मित है, जिसका संयुक्त उपक्रम कर्नाटक और आंध्र प्रदेश (तत्कालीन आंध्र प्रदेश) राज्यों द्वारा संचालित किया जाता है, और इसके तहत निर्मित जलाशय का नाम 'पम्पा सागर' है।
2. भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls) कर्नाटक के शिमोगा जिले में वाराही नदी (Varahi River) द्वारा निर्मित होता है, जो पश्चिमी घाट की पहाड़ियों से गिरता है।
3. राजस्थान की 'संबर झील' (Sambhar Salt Lake) देश की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील है, जो एक अरावली की भ्रंश द्रोणी (Rift Basin) में स्थित है और यह एक वृहद अरावली काल्वडेरा (Caldera) या प्लेया झील का उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
विवर्तनिक प्लेट सीमाओं, भूकंपीय छाया क्षेत्रों (Shadow Zones) और सुनामी तरंगों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंपीय छाया क्षेत्र (Seismic Shadow Zone) वह क्षेत्र है जहाँ कोई भी भूकंपीय तरंग दर्ज नहीं की जाती है। P-तरंगों का छाया क्षेत्र 105° से 145° के बीच एक चौड़े बेल्ट के रूप में पाया जाता है, जबकि S-तरंगों का छाया क्षेत्र अधिक विस्तृत होता है क्योंकि यह 105° से आगे के पूरे गोलार्ध (105° से 180°) को कवर करता है, जिसका कारण S-तरंगों का तरल बाहरी कोर से न गुजर पाना है।
2. 'सुनामी' (Tsunami) तरंगें महासागरों के गहरे जल में अत्यधिक लंबी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इसका आभास नहीं होता है, किंतु उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर इनकी तरंग दैर्ध्य और गति बढ़ जाती है जबकि इनकी ऊँचाई में भारी कमी आ जाती है।
3. अभिसारी प्लेट सीमाओं (Convergent Plate Boundaries) पर उत्पन्न होने वाले ज्वालामुखी उद्गार मुख्य रूप से 'स्ट्रोम्बोलियन' या 'वल्कैनियन' प्रकार के अत्यधिक विस्फोटक होते हैं, क्योंकि यहाँ सबडक्टेड प्लेट के पिघलने से बनने वाला मैग्मा उच्च सिलिका युक्त और गाढ़ा (Viscous) होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी कोई ज्वारीय तरंग नहीं है, बल्कि यह समुद्र के नीचे अचानक होने वाली तीव्र हलचल (जैसे बड़े भूकंप, भूस्खलन या ज्वालामुखी विस्फोट) के कारण विस्थापित होने वाले जल की विशाल राशि से उत्पन्न होने वाली लंबी अवधि की समुद्री लहरें हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.