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Geography
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भारतीय मृदाओं की उत्पत्ति, खनिज संरचना और उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जलोढ़ मृदा (Alluvial Soils) देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 43 प्रतिशत भाग आच्छादित करती है और इसे आयु के आधार पर नवीन मृदा को 'खदर' तथा पुरानी मृदा को 'बांगर' कहा जाता है, जिसमें पोटाश की प्रचुरता और फास्फोरस की कमी पाई जाती है।
- 2. काली कपासी मृदा (Black Cotton Soil) का विकास दक्कन ट्रैप के बेसाल्टिक लावा के अपक्षय से हुआ है, और इसमें 'स्वतः जुताई' (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है क्योंकि यह भीगने पर चिपचिपी हो जाती है और सूखने पर इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
- 3. लेटेराइट मृदा (Laterite Soil) का निर्माण मानसूनी जलवायु वाले उन क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) की प्रक्रिया द्वारा होता है जहाँ उच्च तापमान और भारी वर्षा होती है, जिसके कारण सिलिका घुल कर बह जाती है और सतह पर आयरन एवं एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बचते हैं।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शुष्क और मरुस्थलीय मृदाओं का रंग हल्के लाल से भूरे रंग का होता है, और इनमें नाइट्रोजन तथा ह्यूमस की अधिकता होती है जिससे ये सिंचाई के बिना भी धान की बंपर पैदावार के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। जलोढ़ मृदा भारत के विशाल उत्तरी मैदानों और नदी घाटियों में पाई जाती है, जो देश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 43% भाग घेरती है। इसमें नवीन जलोढ़ को 'खदर' और पुरानी जलोढ़ को 'बांगर' कहा जाता है, तथा इसमें पोटाश की बहुलता और फास्फोरस व नाइट्रोजन की कमी होती है। काली मृदा (रेगुर मृदा) दक्कन ट्रैप के बेसाल्ट चट्टानों से बनी है और इसमें स्वतः जुताई की क्षमता होती है। लेटेराइट मृदा उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में निक्षालन (Leaching) से बनती है। कथन 4 गलत है क्योंकि शुष्क एवं मरुस्थलीय मृदाओं में नाइट्रोजन और ह्यूमस की भारी कमी होती है, न कि अधिकता, और इनमें नमी बनाए रखने की क्षमता कम होती है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की मिट्टियों को उनकी उर्वरता, गठन और भौगोलिक विस्तार के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है।
Related Questions
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भारत के संरक्षित वन क्षेत्रों, जैव-मंडल आरक्षित क्षेत्रों (Biosphere Reserves) और वन्यजीव अभ्यारण्यों के भौगोलिक वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व' के अंतर्गत स्थित 'फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान' (Valley of Flowers National Park) पश्चिमी हिमालय के अल्पाइन क्षेत्र में स्थित है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल है और यहाँ एंडेमिक (स्थानिक) अल्पाइन फूलों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
2. असम में स्थित 'मानस राष्ट्रीय उद्यान' (Manas National Park) प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व, एलीफेंट रिजर्व और यूनेस्को प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल तीनों के रूप में नामित है, जो मुख्य रूप से जंगली भैंसे, पिग्मी हॉग (Pygmy hog) और गोल्डन लंगूर के लिए प्रसिद्ध है।
3. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित 'सैटेलाइट पीक राष्ट्रीय उद्यान' (Saddle Peak National Park) इस द्वीप समूह का सबसे ऊँचा राष्ट्रीय उद्यान है, जहाँ उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों की प्रधानता है और यहाँ किसी भी प्रकार के सदाबहार वन नहीं पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दुर्दमंडल (Asthenosphere), जो ऊपरी प्रवार (Upper Mantle) के ठीक नीचे स्थित है, अत्यधिक उच्च तापमान और दाब के कारण अर्ध-पिघली हुई या प्लास्टिक अवस्था में होता है, और यही क्षेत्र मैग्मा का मुख्य स्रोत है जो विवर्तनिक प्लेटों की गति को संचालित करता है।
2. रूपांतरण प्रक्रिया (Metamorphism) के दौरान जब बलुआ पत्थर (Sandstone) अत्यधिक ताप और दबाव के प्रभाव से अपनी संरचना बदलता है, तो वह संगमरमर (Marble) में परिवर्तित हो जाता है, जबकि चूना पत्थर (Limestone) क्वार्ट्जाइट (Quartzite) का रूप ले लेता है।
3. बैथोलिथ (Batholith) एक अंतर्वेधी आग्नेय चट्टान (Intrusive Igneous Rock) संरचना है, जो मैग्मा के पृथ्वी की गहराई में ही बहुत बड़े गुंबद के आकार में ठंडा होने से बनती है और ग्रेनाइट चट्टानों का एक विशाल पिंड होती है।
4. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) मुख्य रूप से परतों या संस्तरों (Strata) के रूप में पाई जाती हैं और इनमें प्राचीन जैविक अवशेषों या जीवाश्मों (Fossils) के संरक्षण की संभावना सर्वाधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनके तापीय तथा भौगोलिक प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बेंगुएला जलधारा' (Benguela Current) एक ठंडी जलधारा है जो अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है, और इसके प्रभाव से कलाहारी तथा नामिब मरुस्थलों के तटीय क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा कम हो जाती है तथा कोहरे का निर्माण होता है।
2. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) और 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) का मिलन स्थल उत्तरी अमेरिका के न्यूफाउंडलैंड के पास 'ग्रैंड बैंक' का निर्माण करता है, जहाँ ठंडे और गर्म जल के मिलने से प्लवक (Plankton) का विकास होता है जो मत्स्य उद्योग के लिए दुनिया का सबसे बेहतरीन क्षेत्र माना जाता है।
3. 'क्यूरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current), जिसे जापान की 'काली धारा' भी कहा जाता है, एक ठंडी जलधारा है जो फिलीपींस के तट से उत्तर की ओर बहते हुए जापान के पूर्वी तट को प्रभावित करती है और वहाँ के तापमान को अत्यधिक गिरा देती है।
4. 'पेरू या हम्बोल्ट जलधारा' (Peru/Humboldt Current) प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर प्रवाहित होती है और यहाँ के तटीय क्षेत्रों में शुष्क परिस्थितियों का निर्माण करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख उच्चावच स्वरूपों—पर्वतों, पठारों, मैदानों और मरुस्थलों की उत्पत्ति, विशेषताओं तथा उनके वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विश्व के अधिकांश वलित पर्वत (Fold Mountains) अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) पर महाद्वीपीय-महाद्वीपीय या महाद्वीपीय-महासागरीय टक्कर के परिणामस्वरूप संपीड़न बलों (Compressional Forces) के कारण उत्पन्न हुए हैं, जैसे हिमालय, रॉकीज और एंडीज पर्वतमाला।
2. 'तिब्बत का पठार' और 'कोलोरैडो का पठार' अंतरापर्वतीय पठारों (Intermontane Plateaus) के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो चारों तरफ से उच्च वलित पर्वतों से घिरे हुए हैं और इनका निर्माण विवर्तनिक उत्थान तथा भूपर्पटी के समतलन के कारण हुआ है।
3. 'ग्रेट बेसिन मरुस्थल' (Great Basin Desert) जो संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित है, एक शीत मरुस्थल (Cold Desert) है जो मुख्य रूप से तटीय पर्वत श्रेणियों (जैसे सिएरा नेवादा) के 'वृष्टिछाया क्षेत्र' (Rain Shadow Area) में स्थित होने के कारण महाद्वीपीय आंतरिक शुष्कता का परिणाम है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'दक्कन का पठार' एक ज्वालामुखीय लावा पठार (Volcanic Plateau) है जिसका निर्माण मेसोइज़क महाकल्प के अंत में क्रेटेशियस काल के दौरान दरारी उद्गार (Fissure Eruption) से हुए बेसाल्टिक लावा के क्षैतिज निक्षेपण से हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मोहरोविसिक असंबद्धता' (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ से प्राथमिक (P) भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक तीव्र वृद्धि (लगभग 8 किमी/सेकंड) दर्ज की जाती है।
2. 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल के बीच स्थित है, जहाँ द्वितीयक (S) तरंगें पूरी तरह से लुप्त हो जाती हैं क्योंकि यह तरल बाहरी क्रोड की ऊपरी सीमा को दर्शाती है।
3. चूना पत्थर (Limestone) के क्षेत्रीय या संपर्क कायांतरण (Thermal/Contact Metamorphism) के फलस्वरूप 'संगमरमर' (Marble) का निर्माण होता है, जो एक अप्राकृतिक रूप से रूपांतरित और परतहीन शैल है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'लेहमान असंबद्धता' (Lehmann Discontinuity) पृथ्वी के बाहरी क्रोड (Outer Core) और आंतरिक क्रोड (Inner Core) के बीच स्थित है, जो तरल और ठोस क्रोड को पृथक् करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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