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Geography
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और उनकी संरचनात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'अरावली पर्वतमाला' (Aravalli Range) विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है, जो अब एक 'अवशिष्ट पर्वत' (Residual Mountain) के रूप में गुजरात के पालनपुर से लेकर राजस्थान और हरियाणा होते हुए दिल्ली तक उत्तर-पूर्व दिशा में फैली हुई है।
- 2. 'सतपुड़ा पर्वतश्रेणी' (Satpura Range) एक 'ब्लॉक पर्वत' (Block Mountain) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो नर्मदा और ताप्ती नदियों के बीच एक जल विभाजक का कार्य करती है और इसके दक्षिण में ताप्ती तथा उत्तर में नर्मदा घाटी स्थित है।
- 3. 'पश्चिमी घाट' (Western Ghats), जिसे 'सह्याद्री' भी कहा जाता है, एक वास्तविक पर्वत न होकर दक्कन के पठार का एक भ्रंशित कगार (Fault Scarp) है, जिसकी औसत ऊँचाई उत्तर की तुलना में दक्षिण की ओर जाने पर बढ़ती जाती है और इसकी सर्वोच्च चोटी 'अनामुडी' है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पूर्वी घाट (Eastern Ghats) एक सतत और अत्यधिक ऊँची वलित पर्वत श्रृंखला है जो बंगाल की खाड़ी के समानांतर बिना किसी अंतराल के फैली हुई है और महानदी, गोदावरी तथा कृष्णा नदियाँ इसे कहीं भी काटती नहीं हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। अरावली पर्वतमाला प्री-कैंब्रियन काल की दुनिया की सबसे प्राचीन वलित पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है जो वर्तमान में अवशिष्ट रूप में पाई जाती है। सतपुड़ा एक ब्लॉक पर्वत है जो नर्मदा और ताप्ती भ्रंश घाटियों के बीच स्थित है। पश्चिमी घाट एक भ्रंश कगार है जिसकी सर्वोच्च चोटी अन्नामलाई पहाड़ियों पर स्थित अनामुडी (2695 मीटर) है। कथन 4 असत्य है क्योंकि पूर्वी घाट एक सतत पर्वतमाला नहीं है, बल्कि यह महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी नदियों द्वारा अत्यधिक खंडित (Dissected) हो चुकी है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय प्रायद्वीपीय पठार की पर्वत संरचनाओं का विस्तृत अध्ययन किया जा सकता है।
Related Questions
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लोकतक झील' (Loktak Lake) पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है, जो मणिपुर राज्य में स्थित है और इस पर तैरने वाले अद्वितीय वनस्पति एवं मृदा के द्वीपों को 'फुगदी' (Phumdis) कहा जाता है, तथा इसी झील पर 'केइबुमलामजाओ राष्ट्रीय पार्क' स्थित है।
2. 'जोग जलप्रपात' (Jog Falls), जिसे गेरसोप्पा या महात्मा गांधी जलप्रपात भी कहा जाता है, कर्नाटक में शरावती नदी पर स्थित है और यह भारत का सबसे ऊँचा सीधा (Plunge) गिरने वाला जलप्रपात है।
3. 'सरदार सरोवर परियोजना' (Sardar Sarovar Project) नर्मदा नदी पर स्थित एक बहुउद्देशीय परियोजना है, जिससे लाभान्वित होने वाले प्रमुख राज्य मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की सीमा पर स्थित 'पुलिकट झील' (Pulicut Lake) एक लैगून झील है, जिसके मुहाने पर 'श्रीहरिकोटा द्वीप' स्थित है जो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का स्थल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) और भूगर्भीय गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महाद्वीपीय बहाव और प्लेट सीमाओं के सिद्धांत के अनुसार, 'अग्निवलय' (Ring of Fire) मुख्य रूप से प्रशांत महासागरीय प्लेट के चारों ओर अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) का एक क्षेत्र है, जहाँ दुनिया के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी और गहन भूकंपीय पेटियाँ पाई जाती हैं।
2. 'सुनामी' (Tsunami) लहरें समुद्र के भीतर अचानक उत्पन्न होने वाली अत्यधिक लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) वाली जल तरंगें हैं, जो गहरे समुद्र में अत्यधिक तीव्र गति से यात्रा करती हैं, किंतु उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर इनकी गति कम हो जाती है और इनकी ऊँचाई (Amplitude) में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है।
3. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी गतिविधियाँ हमेशा विवर्तनिक प्लेटों की सीमाओं (Plate Boundaries) पर ही उत्पन्न होती हैं, क्योंकि अंतःप्लेट (Intraplate) क्षेत्रों में मैग्मा के ऊपर उठने के लिए कोई भूगर्भीय मार्ग उपलब्ध नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विश्व के महाद्वीपों, देशों की सीमाओं और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'डुरंड लाइन' (Durand Line) वर्तमान में पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच की सीमा रेखा है, जिसका निर्धारण ब्रिटिश भारत के विदेश सचिव सर मॉर्टिमर डुरंड द्वारा 1893 में किया गया था।
2. 'मैकमोहन रेखा' (McMahon Line) भारत और चीन के बीच पूर्वी सेक्टर में स्थित सीमा रेखा है, जिसे 1914 के शिमला समझौते के दौरान ब्रिटिश प्रतिनिधि सर हेनरी मैकमोहन द्वारा निर्धारित किया गया था, और चीन इस रेखा को कानूनी रूप से मान्यता प्रदान करता है।
3. '38वीं समानांतर रेखा' (38th Parallel) उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया को दो अलग-अलग संप्रभु राष्ट्रों में विभाजित करती है, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात कोरियाई प्रायद्वीप पर सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा निर्धारित किया गया था।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'मैगिनॉट लाइन' (Maginot Line) द्वितीय विश्व युद्ध से पूर्व फ्रांस द्वारा जर्मनी की संभावित आक्रमण से रक्षा के लिए अपनी पूर्वी सीमा पर बनाई गई कंक्रीट की एक मजबूत किलेबंद रक्षात्मक पंक्ति थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज संसाधनों, उनके भौगोलिक वितरण तथा ऊर्जा भंडारों (कोयला, पेट्रोलियम और परमाणु खनिज) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पाए जाने वाले कुल कोयला भंडारों का लगभग 98% हिस्सा 'गोंडवाना क्रम' के कोयले का है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित है, जबकि 'टर्शरी युगीन' कोयला मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में पाया जाता है।
2. राजस्थान में स्थित 'खेतड़ी बेल्ट' और मध्य प्रदेश की 'मलाजखंड खदान' देश के प्रमुख तांबा उत्पादक क्षेत्र हैं, जहाँ तांबे का निक्षेप मुख्य रूप से आर्कियन और धारवाड़ युगीन कायांतरित शैलों (Schist and Gneiss) की परतों में शिष्ट संरचनाओं के रूप में पाया जाता है।
3. भारत के अपतटीय (Offshore) पेट्रोलियम क्षेत्रों में मुंबई हाई (Mumbai High) के पश्चात कृष्णा-गोदावरी बेसिन (KG Basin) और कैम्बे बेसिन देश के सबसे बड़े तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादक बेसिन हैं, जहाँ टर्शरी और मेसोज़ोइक युगीन तलछटी चट्टानों में हाइड्रोकार्बन के प्रचुर भंडार मिलते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में परमाणु ऊर्जा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण 'यूरेनियम' के सबसे बड़े भंडार झारखंड के सिंहभूम क्रत (Singhbhum Shear Zone) के जादुगोडा में स्थित हैं, इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ले और मेघालय के डोमाथियट क्षेत्र में भी यूरेनियम के विशाल निक्षेप खोजे गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता, वर्षा के प्रकार और चक्रवातों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'व्यापारिक पवनें' (Trade Winds) उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों से विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी की ओर बहने वाली स्थायी पवनें हैं, जो कोरियोलिस बल के प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनों के रूप में प्रवाहित होती हैं।
2. 'ओरोग्राफिक वर्षा' (Orographic Rainfall) या पर्वतीय वर्षा तब होती है जब आर्द्र पवनें किसी पर्वत श्रेणी से टकराकर ऊपर उठती हैं, जिससे पर्वत के प्रतिपاون (Windward) ढाल पर भारी वर्षा होती है, जबकि विपरीत दिशा का वृष्टि-छाया (Rain shadow) क्षेत्र सूखा रहता है।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के केंद्र में 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) स्थित होती है, जो उच्च वायुदाब, शांत मौसम, साफ आसमान और अवरोही हवाओं का क्षेत्र होती है, जबकि इसके चारों ओर दीवार बादलों (Eye wall) में अत्यधिक विनाशकारी हवाएँ और भारी वर्षा होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) की उत्पत्ति केवल महासागरीय सतह पर होती है, और इनके विकास में वाताग्र (Fronts) की कोई भूमिका नहीं होती है, क्योंकि ये पूरी तरह से तापीय रूप से प्रेरित प्रणालियाँ हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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