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Geography
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकारिकी स्वरूपों (पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल) की उत्पत्ति, संरचना और उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'अनातोलिया का पठार' (Anatolian Plateau) एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो पोंटिक और टॉरस पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित है और यह मुख्य रूप से तुर्की के शुष्क व अर्ध-शुष्क क्षेत्रों के अंतर्गत आता है।
  2. 2. 'ग्रेट बेसिन मरुस्थल' (Great Basin Desert) संयुक्त राज्य अमेरिका का सबसे बड़ा शीत मरुस्थल है, जो एक 'वर्षा छाया' (Rain Shadow) प्रभाव के कारण उत्पन्न हुआ है और यह रॉकी पर्वत तथा सिएरा नेवादा श्रेणियों के बीच स्थित है।
  3. 3. विश्व के प्रसिद्ध 'पामीर का पठार' (Pamir Knot), जिसे 'विश्व की छत' भी कहा जाता है, से तियन शान, कुतुन, काराकोरम और हिंदूकुश जैसी विशाल पर्वत श्रेणियाँ निकलती हैं, और यह एक प्रकार का उच्च पर्वतीय पठार है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अफ्रीका महाद्वीप में स्थित 'तटीय मैदान' अत्यधिक चौड़े और उपजाऊ होते हैं, क्योंकि यहाँ महाद्वीपीय मग्नतट का विस्तार दुनिया के अन्य सभी महाद्वीपों की तुलना में सर्वाधिक है और इन मैदानों में बड़ी संख्या में लंबी नदियाँ डेल्टा बनाती हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। अनातोलिया का पठार उत्तर में पोंटिक और दक्षिण में टॉरस पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित एक अंतःपर्वतीय पठार है। ग्रेट बेसिन मरुस्थल यूएसए का सबसे बड़ा मरुस्थल है जो सिएरा नेवादा के वृष्टिछाया क्षेत्र (Rain Shadow) में स्थित होने के कारण शीत मरुस्थल के रूप में विकसित हुआ है। पामीर का पठार कई बड़ी पर्वत श्रृंखलाओं का मिलन स्थल (Knots) है। कथन 4 असत्य है क्योंकि अफ्रीका का महाद्वीपीय मग्नतट अपेक्षाकृत काफी संकरा है और इसके तटीय मैदान बहुत चौड़े नहीं हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी पर पर्वतों और पठारों की संरचना विवर्तनिक बलों का परिणाम है।
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, मोहोरविक असंतुलन (Mohorovičić Discontinuity) और चट्टानों के चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मोहोरविक असंतुलन (Moho) क्रस्ट (पर्पटी) और मेंटल के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ से प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है, जो इस क्षेत्र में घनत्व और चट्टानों के प्रत्यास्थ गुणों में परिवर्तन को दर्शाती है। 2. गुटेनबर्ग असंतुलन (Gutenberg Discontinuity) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल के बीच स्थित है, जहाँ S-वेव्स (द्वितीयक तरंगें) अचानक पूरी तरह से लुप्त हो जाती हैं। 3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी का क्रोर (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे (NIFE) से बना है, जिसमें बाह्य क्रोर तरल अवस्था में है और यही भाग पृथ्वी के भू-चुंबकीय क्षेत्र (Geomagnetic Field) की उत्पत्ति के लिए उत्तरदायी है। 4. आग्नेय चट्टानों (Igneous Rocks) को 'प्राथमिक चट्टानें' कहा जाता है, क्योंकि पृथ्वी के ठंडे होने और जमने के बाद सबसे पहले इन्हीं चट्टानों का निर्माण हुआ था, तथा बेसाल्ट और ग्रेनाइट इसके प्रमुख उदाहरण हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय दर्रों तथा उनकी अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'बुर्जिला दर्रा' (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है और यह श्रीनगर से गिलगित को जाने वाले प्राचीन मार्ग पर स्थित है। 2. 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) सतलुज नदी घाटी में जांसस्कर श्रेणी में स्थित है, जो हिमाचल प्रदेश को तिब्बत (चीन) से जोड़ता है और इसी दर्रे से भारत में सतलुज नदी प्रवेश करती है। 3. 'बोमडिला दर्रा' (Bomdila Pass) अरुणाचल प्रदेश को म्यांमार से जोड़ने वाला एक प्रमुख रणनीतिक दर्रा है, जो तवांग घाटी के उत्तर में स्थित है। 4. 'पालघाट दर्रा' (Palghat Gap) पश्चिमी घाट में नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित एक प्रमुख गैप है, जो केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के संदर्भ में 'गारो-राजमहल गैप' (Garo-Rajmahal Gap) के निर्माण और इसकी भौगोलिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) और पृथ्वी के आंतरिक भाग में उनकी गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं और ये ध्वनि तरंगों के समान केवल ठोस पदार्थों से ही गुजर सकती हैं, जबकि तरल या गैसीय माध्यमों में प्रवेश करते ही ये पूरी तरह विलुप्त हो जाती हैं। 2. द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं, जो केवल ठोस माध्यम में ही संचरण कर सकती हैं और इनका तरल माध्यम (जैसे बाहरी कोर) से गुजरने में असमर्थ होना इस बात का मुख्य प्रमाण है कि पृथ्वी का बाहरी क्रोड तरल अवस्था में है। 3. धरातलीय तरंगें (Surface Waves जैसे रेले और लव तरंगें), शरीर तरंगों (Body Waves) की तुलना में अधिक समय तक यात्रा करती हैं और भूकंप के केंद्र से दूर जाने पर सबसे अधिक विनाशकारी क्षति इन्हीं के द्वारा पहुंचाई जाती है। 4. छाया क्षेत्र (Shadow Zone) वह विशिष्ट क्षेत्र होता है जहाँ किसी भी प्रकार की भूकंपीय तरंगें (न तो P और न ही S तरंगें) दर्ज की जाती हैं, और P-तरंगों का छाया क्षेत्र S-तरंगों की तुलना में काफी छोटा होता है क्योंकि यह पृथ्वी के आंतरिक भागों में अपवर्तन के कारण निर्मित होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के भौगोलिक वितरण तथा उनकी भूगर्भीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में कोयले के कुल संचित भंडारों का लगभग 98% हिस्सा 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों में पाया जाता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, सोन, महानदी और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित हैं, तथा यहाँ का अधिकांश कोयला उच्च कोटि का एन्थ्रेसाइट प्रकार का है। 2. 'टर्तीयक युगीन कोयला' (Tertiary Coal) मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में पाया जाता है, जिसकी प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें उच्च सल्फर सामग्री (High Sulphur Content) पाई जाती है। 3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के कुल संचित भंडारों का सबसे बड़ा हिस्सा अपतटीय (Offshore) क्षेत्रों, विशेष रूप से पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र के 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) में स्थित है। 4. भारत में 'थोरियम' के विशाल संचित भंडार तटीय क्षेत्रों की 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sands) में पाए जाते हैं, जो मुख्य रूप से केरल के तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, जबकि यूरेनियम के प्रमुख भंडार झारखंड के जादूगोड़ा खान से निकाले जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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