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Geography
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'परिसंचारी फव्वारा सिंचाई' (Rotational Sprinkler Irrigation) और 'टपकन सिंचाई' (Drip Irrigation) दोनों ही सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियाँ हैं, जिनमें टपकन सिंचाई वाष्पीकरण और भू-पृष्ठीय अपवाह (Runoff) को न्यूनतम करते हुए जल-उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को लगभग 90% तक बढ़ा देती है।
- 2. 'बहु-फसल प्रणाली' (Multiple Cropping) के अंतर्गत एक ही कृषि वर्ष में एक ही खेत में एक के बाद एक दो या अधिक फसलें उगाई जाती हैं, जबकि 'अंतर-फसल प्रणाली' (Intercropping) में दो या दो से अधिक फसलों को एक साथ एक ही खेत में एक निश्चित पंक्ति पैटर्न में उगाया जाता है।
- 3. 'दलहनी फसलें' (Pulses) वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करने में असमर्थ होती हैं, जिसके कारण उन्हें अपनी वृद्धि के लिए मृदा में भारी मात्रा में रासायनिक नाइट्रोजन उर्वरकों के प्रयोग की आवश्यकता होती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा स्रोत 'नलकूप और अन्य कुएँ' (Tubewells and Wells) हैं, उसके पश्चात दूसरा सबसे बड़ा स्रोत नहरें (Canals) आती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि टपकन सिंचाई (Drip Irrigation) सबसे कुशल सूक्ष्म सिंचाई विधि है जो जल-उपयोग दक्षता को 90% तक बढ़ा देती है और वाष्पीकरण को रोकती है। कथन 2 सही है; बहु-फसल प्रणाली में एक वर्ष में क्रमिक रूप से फसलें उगाई जाती हैं, जबकि अंतर-फसल प्रणाली में एक साथ निश्चित पंक्तियों में फसलें होती हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि दलहनी फसलें (दलहन) अपनी जड़ों में मौजूद राइजोबियम बैक्टीरिया के माध्यम से प्राकृतिक रूप से वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करती हैं, इसलिए उन्हें भारी मात्रा में रासायनिक नाइट्रोजन की आवश्यकता नहीं होती। कथन 4 सही है, भारत में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सिंचाई के प्रमुख स्रोतों में नलकूप और कुएँ प्रथम स्थान पर तथा नहरें द्वितीय स्थान पर आती हैं। अत: सही विकल्प (a) है।
Related Questions
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के रूपांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मोहरोविचिक असंतुलन' (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा को रेखांकित करता है, जहाँ भूकंपीय तरंगों (P-waves और S-waves) की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
2. रूपांतरित चट्टानों में क्षेत्रीय रूपांतरण (Regional Metamorphism) अत्यधिक उच्च ताप और विवर्तनिक दबाव (Tectonic Pressure) के संयुक्त प्रभाव से होता है, जिसके परिणामस्वरूप चट्टानों में पट्टीय या पत्रीय संरचना (Foliation/Lineation) विकसित हो जाती है, जैसे स्लेट से फाइलाइट और सिस्ट का निर्माण।
3. बेसाल्टिक मैग्मा के शीतलन से बनने वाली गैब्रोज (Gabbro) और बेसाल्ट (Basalt) आग्नेय चट्टानें हैं, जिनका अत्यधिक क्षेत्रीय कायांतरण होने पर वे 'एम्फिबोलाइट' या 'हॉर्नब्लेंड सिस्ट' में परिवर्तित हो जाती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की ऊपरी परत यानी क्रस्ट में सिलिकॉन और एल्यूमीनियम की अधिकता के कारण इसे 'सियाल' (Sial) कहा जाता है, जबकि क्रस्ट का घनत्व मेंटल और कोर की तुलना में सर्वाधिक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भूकंपीय प्रक्रियाओं, विवर्तनिक प्लेट सीमाओं और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सुनामी तरंगें' गहरे समुद्र में अत्यंत कम तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और उच्च आयाम वाली जल तरंगें होती हैं, जो अत्यधिक तीव्र गति से यात्रा करती हैं, और उथले तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करते ही इनकी गति बढ़ जाती है जबकि तरंग ऊँचाई घट जाती है।
2. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी गतिविधियाँ विवर्तनिक प्लेटों के अभिसारी या अपसारी किनारों पर न होकर, मैन्टल प्लूम (Mantle Plumes) के प्रभाव से प्लेटों के आंतरिक भाग में घटित होती हैं, जिसका एक प्रमुख भूवैज्ञानिक उदाहरण हवाई द्वीप श्रृंखला है।
3. 'एपिकेंटर' (Epicentre) पृथ्वी के आंतरिक भाग में स्थित वह बिंदु होता है जहाँ से भूकंपीय ऊर्जा सबसे पहले मुक्त होती है, जबकि 'हाइपोसेंटर' (Hypocentre) इसके ठीक ऊपर धरातल पर स्थित वह पहला स्थान होता है जहाँ भूकंपीय तरंगों का सबसे पहले अनुभव किया जाता है।
4. 'प्रशांत महासागर का अग्नि वलय' (Ring of Fire) दुनिया का सबसे बड़ा भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्र है, जहाँ मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) और रूपांतरित (Transform) प्लेट सीमाओं के कारण विश्व के 75% से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी पाए जाते हैं。
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, परिवहन अवसंरचना (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और जलमार्ग) तथा बंदरगाहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'छोटा नागपुर औद्योगिक प्रदेश' भारत के खनिज-समृद्ध पठारी क्षेत्र में स्थित है, जहाँ लोहा और इस्पात, भारी इंजीनियरिंग, तांबा और सीमेंट उद्योगों का संकेंद्रण पाया जाता है, और इस क्षेत्र के तीव्र औद्योगीकरण का मुख्य आधार यहाँ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कोयला, लौह अयस्क और अभ्रक जैसे खनिज भंडार हैं।
2. भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44 (NH-44) देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है, जो उत्तर में श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किलोमीटर की लंबाई में फैला हुआ है।
3. कोंकण रेलवे (Konkan Railway) परियोजना भारतीय रेल इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो महाराष्ट्र के रोहा से शुरू होकर गोवा होते हुए कर्नाटक के मंगलुरु तक कुल लगभग 741 किलोमीटर की लंबाई में पश्चिमी घाट की कठिन पहाड़ियों और सुरंगों से गुजरती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-3 (NW-3), जिसे 'वेस्ट कोस्ट कैनाल' भी कहा जाता है, केरल में कोट्टापुरम से कोल्लम तक 205 किलोमीटर की लंबाई में स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, सिस्मीय तरंगों (Seismic Waves) की गतिशीलता और चट्टानों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मोहरोविकिक असांतत्य (Mohorovičić Discontinuity) भूप्रपर्टी (Crust) और ऊपरी मेंटल के बीच की सीमा को रेखांकित करता है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है, क्योंकि यहाँ घनत्व और चट्टानों के प्रत्यास्थ गुणों में परिवर्तन होता है।
2. 'गुटेनबर्ग असांतत्य' (Gutenberg Discontinuity) कोर और मेंटल के बीच स्थित है, जहाँ प्राथमिक तरंगें (P-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं और द्वितीयक तरंगें (S-waves) वहाँ से आसानी से गुजर जाती हैं, जो बाहरी कोर की तरल अवस्था की पुष्टि करता है।
3. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) मुख्य रूप से अत्यधिक विवर्तनिक दबाव (Tectonic Pressure) और उच्च तापमान के संयुक्त प्रभाव से विशाल भू-भाग पर चट्टानों के रूप-परिवर्तन को प्रेरित करता है, जिससे शिस्ट (Schist) और नाइस (Gneiss) जैसी पर्णिल (Foliated) चट्टानों का निर्माण होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रोड (Core) का निर्माण मुख्य रूप से निकेल और लोहे (NIFE) से हुआ है, और आंतरिक कोर अत्यधिक उच्च दबाव के कारण ठोस अवस्था में पाई जाती है, जबकि बाहरी कोर पिघली हुई तरल अवस्था में है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की विभिन्न परतों, तापमान प्रवणता और भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (डोलड्रम) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षوبमंडल (Troposphere) में ऊँचाई में वृद्धि के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) के अनुसार प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर 1°C की दर से कमी आती है, जिसका मुख्य कारण इस परत का पृथ्वी के धरातल द्वारा सीधे गर्म होना और पार्थिव विकिरण (Terrestrial Radiation) है।
2. मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में पुनः गिरावट आने लगती है और इस परत के ऊपरी सीमा यानी 'मेसोपॉज' पर तापमान न्यूनतम लगभग -90°C तक पहुँच जाता है।
3. 'डोलड्रम' (Doldrums) भूमध्य रेखा के दोनों ओर लगभग 5° उत्तर से 5° दक्षिण अक्षांशों के बीच विस्तृत एक उच्च वायुदाब पेटी है, जहाँ धरातलीय पवनें क्षैतिज रूप से अत्यंत तीव्र गति से चलती हैं और यहाँ सालभर प्रचंड चक्रवातों का निर्माण होता है।
4. समतापमंडल (Stratosphere) की ऊपरी सीमा पर स्थित ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करती है, जिसके कारण इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में वृद्धि दर्ज की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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