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Geography
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भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के बीच है, तथा इसका देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर तक है, जिसके कारण देश के सबसे पूर्वी और पश्चिमी छोर के बीच स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर पाया जाता है।
- 2. कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और यह देश के कुल 8 राज्यों—गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम से होकर निकलती है।
- 3. भारत की संपूर्ण तटरेखा (मुख्य भूमि के साथ-साथ द्वीप समूहों को मिलाकर) की कुल लंबाई लगभग 7,516.6 किलोमीटर है, जिसमें मुख्य भूमि की तटरेखा 6,100 किलोमीटर लंबी है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सबसे दक्षिणतम बिंदु 'इंदिरा प्वाइंट' (Indira Point) ग्रेट निकोबार द्वीप पर 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है, जिसे पहले 'पिग्मीमेलियन प्वाइंट' भी कहा जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश और 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर के मध्य है। देशांतर रेखाओं के बीच 30° का अंतर होने के कारण अरुणाचल प्रदेश और गुजरात के बीच लगभग 2 घंटे का समय अंतराल होता है। कर्क रेखा देश के 8 राज्यों से गुजरती है। भारत की मुख्य भूमि की तटरेखा 6,100 किमी तथा द्वीप समूहों (अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप) सहित कुल तटरेखा 7,516.6 किमी है। देश का सुदूर दक्षिणतम बिंदु इंदिरा पॉइंट (पिग्वेलियन पॉइंट) है जो ग्रेट निकोबार द्वीप में 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश है जिसका कुल क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है।
Related Questions
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भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा दोनों का निर्माण मुख्य रूप से ग्रीष्मकाल में भारतीय उपमहाद्वीप पर विकसित होने वाले तीव्र निम्न वायुदाब (Thermal Low) और तिब्बत के पठार के अत्यधिक गर्म होने के कारण उत्पन्न तापीय संवहन धाराओं के परिणामस्वरूप होता है।
2. 'अल-निनो' (El Niño) घटना, जो प्रशांत महासागर में पेरू के तट पर गर्म जलधारा के प्रकट होने से संबंधित है, भारतीय मानसून के दौरानWalker Circulation को कमजोर करती है, जिससे भारत में सामान्य से अधिक वर्षा और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है।
3. 'मैडन-जूलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) हिंद महासागर में पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और वर्षा की एक आवधिक प्रणाली है, जिसका सक्रिय चरण (Active Phase) भारत में मानसून की वर्षा को बढ़ाने में सकारात्मक भूमिका निभाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उत्तर-पूर्वी मानसून (शीतकालीन मानसून) मुख्य रूप से देश के उत्तर-पश्चिम भाग में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण वर्षा कराता है, जबकि तमिलनाडु के तट पर शीतकाल में वर्षा का मुख्य कारण उत्तर-पूर्वी मानसून की हवाओं द्वारा बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में सिंचाई प्रणालियों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. देश के कुल शुद्ध सिंचित क्षेत्र (Net Irrigated Area) में 'नलकूपों और अन्य कुओं' (Tube wells and other wells) का हिस्सा सबसे अधिक है, जिसके बाद दूसरा प्रमुख स्थान नहरों (Canals) का आता है।
2. 'शून्य जुताई' (Zero Tillage) या न्यूनतम जुताई कृषि पद्धति मृदा के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक होती है, क्योंकि यह मृदा के अपरदन को कम करती है, खरपतवारों के अंकुरण को रोकती है और मिट्टी की नमी को संरक्षित रखती है।
3. 'धान की पूसा बासमती' जैसी किस्में और अन्य उच्च उपज वाली किस्में (HYV) अधिक जल की मांग करती हैं, जिसके कारण धान के पारंपरिक क्षेत्रों में भूजल स्तर में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में 'प्रत्येक बूँद अधिक फसल' और फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों के संचरण और चट्टानों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गुटेनबर्ग असंभाव्यता' (Gutenberg Discontinuity) पृथ्वी के मेंटल (Mantle) और क्रोड (Core) की सीमा पर स्थित है, जहाँ प्राथमिक (P) भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक भारी गिरावट आती है और द्वितीयक (S) तरंगें पूरी तरह से लुप्त (Absorb) हो जाती हैं।
2. रूपांतरित या कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप, दाब और रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के प्रभाव से अपने मूल रूप को बदल लेती हैं, उदाहरण के लिए 'चूना पत्थर' (Limestone) के कायांतरण से 'संगमरमर' (Marble) और 'शेल' (Shale) के कायांतरण से 'स्लेट' (Slate) का निर्माण होता है।
3. पृथ्वी की पपड़ी (Crust) में सर्वाधिक मात्रा में पाया जाने वाला धातु तत्व 'लोहा' (Iron) है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी के कुल द्रव्यमान में सर्वाधिक प्रचुर मात्रा 'ऑक्सीजन' और 'सिलिकॉन' तत्त्वों की होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की ऊपरी पर्पटी (Continental Crust) का औसत घनत्व लगभग 2.7 g/cm³ होता है और यह मुख्य रूप से 'सिलिका और एल्युमिनियम' (Sial) से बनी होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय जलवायु और मानसून के संदर्भ में, 'अल-निनो दक्षिणी दोलन' (ENSO) और भारतीय मानसून की अन्योन्य क्रिया के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अल-निनो (El Nino) घटना के दौरान दक्षिण अमेरिकी तट के पास पेरू के ठंडे पानी का स्थान गर्म जलधारा द्वारा ले लिया जाता है, जिससे प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग (ऑस्ट्रेलिया-इंडोनेशिया) में उच्च वायुदाब और पूर्वी भाग में निम्न वायुदाब विकसित हो जाता है, जो भारतीय मानसून को कमजोर कर देता है।
2. 'ला-निना' (La Nina) को अल-निनो के विपरीत अवस्था माना जाता है, जिसमें पश्चिमी प्रशांत महासागर में असामान्य रूप से उच्च तापमान और पूर्वी प्रशांत महासागर में ठंडा जल पाया जाता है, जो भारत में सामान्य से अधिक मानसूनी वर्षा और बाढ़ जैसी स्थितियों को प्रेरित करता है।
3. 'इंडियन ओशन डिपोल' (IOD) का 'धनात्मक चरण' (Positive IOD) पश्चिमी हिंद महासागर (अफ़्रीकी तट) को गर्म और पूर्वी हिंद महासागर (इंडोनेशियाई तट) को ठंडा करता है, जो अल-निनो के नकारात्मक प्रभावों को आंशिक रूप से बेअसर करके भारत में अच्छी मानसून वर्षा सुनिश्चित करने में सहायक होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अल-निनो शब्द का मूल स्पेनिश भाषा से है जिसका शाब्दिक अर्थ 'छोटा बालक' या 'ईसा मसीह' होता है, क्योंकि यह गर्म जलधारा आमतौर पर क्रिसमस के आसपास दक्षिण अमेरिका के इक्वाडोर और पेरू के तट पर प्रकट होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जलवायु और मानसून की क्रियाशीलता को प्रभावित करने वाले कारकों एवं विभिन्न मौसम प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जेट स्ट्रीम' (Jet Stream) विशेष रूप से क्षोभमंडल की ऊपरी सीमा पर अत्यधिक तीव्र गति से चलने वाली संकीर्ण हवाएँ हैं, जिनमें शीतकाल के दौरान उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) तिब्बत के पठार के दक्षिण में प्रवाहित होकर उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) को लाने में सहायक होती है।
2. 'अल नीनो-दक्षिणी दोलन' (ENSO) का भारतीय मानसून के साथ सीधा और नकारात्मक संबंध देखा जाता है; जब पूर्वी प्रशांत महासागर में जल का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है, तो यहWalker Circulation को कमजोर करता है, जिससे भारत में सूखे या मानसूनी वर्षा में कमी की संभावना बढ़ जाती है।
3. 'मैथ्यू मैडेलिन' और आधुनिक मौसम वैज्ञानिकों के गतिकीय सिद्धांत के अनुसार, ग्रीष्मकाल में मेडागास्कर के पूर्व में हिंद महासागर के ऊपर विकसित होने वाला 'मस्कैरेन उच्च दाब' (Mascarene High) दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं को भारतीय उपमहाद्वीप की ओर धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'मानसून का निवर्तन' (Retreating Monsoon) सितंबर के अंत से शुरू होता है, जिसके दौरान मानसूनी गर्त (Monsoon Trough) दक्षिण की ओर खिसकता है और साफ आसमान तथा उच्च तापमान के कारण उत्तर भारत में 'अक्टूबर की गर्मी' (October Heat) की स्थिति उत्पन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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