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Geography
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सौर मण्डल के ग्रहों, उनके वायुमंडलीय संघटन और अंतरिक्ष पिंडों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'शुक्र' (Venus) ग्रह का वायुमंडल मुख्य रूप से 96-97% कार्बन डाइऑक्साइड से निर्मित है, जिसमें सल्फ्यूरिक अम्ल के घने बादल पाए जाते हैं, जिसके कारण यहाँ सौर मण्डल का सबसे तीव्र 'ग्रीनहाउस प्रभाव' उत्पन्न होता है।
- 2. 'बृहस्पति' (Jupiter) ग्रह के पास सौर मण्डल के सभी ग्रहों में सबसे अधिक प्राकृतिक उपग्रह हैं, तथा इसका सबसे बड़ा उपग्रह 'गैनिमेड' (Ganymede) आंतरिक रूप से विभेदित है और इसके पास अपना स्वयं का आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र भी है।
- 3. 'उल्कापिंड' (Meteoroids) अंतरिक्ष में विचरण करने वाले छोटे चट्टानी या धात्विक टुकड़े होते हैं, जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर अत्यधिक घर्षण और वायुमंडलीय संपीड़न (Compression) के कारण अत्यधिक गर्म होकर जल जाते हैं और इन्हें 'शूटिंग स्टार' कहा जाता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'काइपर बेल्ट' (Kuiper Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित क्षुद्रग्रहों की पट्टी है, जहाँ से छोटे धूमकेतु उत्पन्न होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। शुक्र ग्रह का वायुमंडल सघन कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फ्यूरिक अम्ल के बादलों से बना है जिससे तीव्र ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण यह सबसे गर्म ग्रह है। बृहस्पति के पास वर्तमान में सर्वाधिक पुष्ट उपग्रह हैं और गैनिमेड सौर मण्डल का सबसे बड़ा उपग्रह है जिसके पास अपना चुंबकीय क्षेत्र है। उल्कापिंड पृथ्वी के वायुमंडल में घर्षण से चमकते हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि 'काइपर बेल्ट' (Kuiper Belt) नेपच्यून की कक्षा के बाहर स्थित है, न कि मंगल और बृहस्पति के बीच (जबकि मंगल-बृहस्पति के बीच 'क्षुद्रग्रह बेल्ट' स्थित है)। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सौर मण्डल की संरचना और पिंडों का वैज्ञानिक वर्गीकरण विस्तृत रूप से वर्णित है।
Related Questions
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भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की विवर्तनिक प्रणालियों और सुनामी तरंगों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यमों में ही संचरण कर सकती हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी तरंगें गहरे समुद्र में अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे महासागरों में जहाजों को इनका आभास नहीं होता, परंतु तट के पास उथले पानी में पहुँचने पर इनकी तरंगदैर्ध्य घट जाती है और इनकी ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है।
3. 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) मुख्य रूप से प्रशांत महासागरीय प्लेट के अभिसारी और अपसारी किनारों पर स्थित दुनिया का सबसे बड़ा भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्र है, जहाँ विश्व के लगभग 90% भूकंप आते हैं।
4. हॉटस्पॉट (Hotspot) ज्वालामुखी गतिविधियाँ प्लेट विवर्तनिक सीमाओं से दूर भूपर्पटी के भीतर मैंटल प्लूम (Mantle Plume) के ऊपर उठने के कारण होती हैं, जिसका उत्कृष्ट आधुनिक उदाहरण हवाई द्वीप समूह (Hawaiian Islands) का निर्माण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के वन आवरण, राष्ट्रीय उद्यानों, जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों और वन्यजीव अभ्यारण्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 24.62% भाग वनों और वृक्षावरण के अंतर्गत आता है, जिसमें कुल वन आवरण का सर्वाधिक क्षेत्रफल 'मध्य प्रदेश' राज्य में है, जबकि भौगोलिक क्षेत्रफल के प्रतिशत के रूप में 'मिजोरम' शीर्ष स्थान पर है।
2. केरल में स्थित 'साइलेंट वैली राष्ट्रीय उद्यान' (Silent Valley National Park) नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व का एक अभिन्न हिस्सा है, जो अपने उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षावनों और 'शेर-पूंछ वाले मकाक' (Lion-tailed Macaque) के लिए विश्वप्रसिद्ध है।
3. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित 'गैलाथिया राष्ट्रीय उद्यान' (Galathea National Park) ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित है, जो विशाल रोएँदार सुअर (Wild Boar) और विशाल समुद्री कछुओं (Giant Leatherback Turtles) का प्रमुख घोंसला बनाने का क्षेत्र है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का प्रथम जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve) वर्ष 1986 में स्थापित 'नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व' था, जो तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में विस्तृत है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, शैल चक्र और चट्टानों के वर्गीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मेंटल' (Mantle) पृथ्वी की कुल आयतन का लगभग 84% और इसके द्रव्यमान का लगभग 68% भाग बनाता है, जिसकी ऊपरी सीमा पर स्थित 'दुर्बलता मंडल' (Asthenosphere) अत्यधिक उच्च तापमान और आंशिक रूप से पिघली हुई अवस्था के कारण विवर्तनिक प्लेटों की गतिशीलता के लिए मुख्य स्रोत का कार्य करता है।
2. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) उन शैलों का प्रतिनिधित्व करती हैं जो अत्यधिक ताप (Temperature), दाब (Pressure) और रासायनिक रूप से सक्रिय तरलों (Cheminically active fluids) के प्रभाव से अपने मूल रूप या खनिज संरचना में परिवर्तन कर लेती हैं, और इसके उदाहरण के रूप में चूना पत्थर का संगमरमर (Marble) में और बलुआ पत्थर का क्वार्ट्जाइट (Quartzite) में रूपांतरण शामिल है।
3. 'गैब्लो' (Gabbro) और 'पेरीडोटाइट' (Peridotite) अंतःनिर्मित (Intrusive) आग्नेय चट्टानें हैं जिनमें सिलिका की मात्रा अपेक्षाकृत कम (बेसिक/अम्लीयता रहित) होती है, और ये मुख्य रूप से मैग्मा के अत्यधिक गहराई पर धीरे-धीरे ठंडा होने के कारण बड़े रवेदार (Crystalline) स्वरूप में विकसित होती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की सबसे भीतरी परत यानी 'क्रोध' (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे (Nife layer) से बनी है, जहाँ बाहरी क्रोड (Outer Core) तरल अवस्था में और आंतरिक क्रोड (Inner Core) अत्यधिक दाब के कारण ठोस अवस्था में पाया जाता है, जो पृथ्वी के भू-चुंबकीय क्षेत्र (Geomagnetic Field) की उत्पत्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विवर्तनी प्लेटों की गतिशीलता, भूकंपीय तरंगों के संचरण तथा ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं और ये केवल ठोस माध्यम में ही संचरित हो सकती हैं, जिसके कारण बाह्य क्रोर (Outer Core) में प्रवेश करते ही S-तरंगें लुप्त हो जाती हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रिक्टर पैमाना (Richter Scale) भूकंप की तीव्रता (Magnitude) को मापने के लिए एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जिसमें पैमाने का प्रत्येक अगला अंक पिछले अंक की तुलना में ऊर्जा के लगभग 32 गुना अधिक उत्सर्जन को प्रदर्शित करता है।
3. 'सुनामी' (Tsunami) शब्द जापानी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ 'बंदरगाह लहरें' होता है, और ये लहरें समुद्र के भीतर अचानक विवर्तनिक हलचल, भूस्खलन या बड़े पैमाने पर महासागरीय तल के खिसकने से उत्पन्न होती हैं, जिनकी गहरे समुद्र में गति अत्यधिक और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) बहुत कम होती है।
4. प्रशांत महासागर का 'रिंग ऑफ़ फ़ायर' (Ring of Fire) मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) और अपसारी (Divergent) प्लेट सीमाओं का एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ दुनिया के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी और गहन भूकंपीय पेटियाँ पाई जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय जलवायु और मानसून तंत्र (Indian Monsoon System) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकालीन मानसून के दौरान सोमालिया तट के पास उत्पन्न होने वाली 'फाइंडर जेट स्ट्रीम' (Findlater Jet Stream) या पूर्वी अफ्रीकी जेट स्ट्रीम हिंद महासागर को पार करके आने वाली दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाओं को उत्तर-पूर्व की ओर विक्षेपित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2. 'ला-निना' (La Niña) की स्थिति के दौरान पश्चिमी प्रशांत महासागर और हिंद महासागर के पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी वर्षा कमजोर हो जाती है और सूखे की स्थिति उत्पन्न होती है।
3. उत्तर-पूर्वी मानसून (Winter Monsoon) या शीतकालीन मानसून मुख्य रूप से स्थल से समुद्र की ओर (Off-shore) चलने वाली हवाएँ हैं, लेकिन जब ये बंगाल की खाड़ी को पार करती हैं, तो कुछ नमी ग्रहण करके तमिलनाडु के तटवर्ती क्षेत्रों (कोरोमंडल तट) में शीतकाल के दौरान वर्षा कराती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय मानसून की उत्पत्ति में 'जेट स्ट्रीम सिद्धांत' (Jet Stream Theory) के प्रतिपादक पी. कोटेश्वरम थे, जिन्होंने तिब्बत के पठार के गर्म होने से ऊपरी क्षोभमंडल में उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम के विकास को मानसून के लिए उत्तरदायी बताया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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