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Geography
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनके वैश्विक जलवायु पर पड़ने वाले प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'गुल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक गर्म जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्पन्न होकर उत्तर-अटलांटिक प्रवाह के रूप में पश्चिमी यूरोप के तटों तक पहुँचती है, जिससे उच्च अक्षांशों पर स्थित होने के बावजूद नॉर्वे के बंदरगाह वर्ष भर बर्फ से मुक्त रहते हैं।
- 2. 'पेरूवियन जलधारा' या 'हम्बोल्ट जलधारा' (Humboldt Current) प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे प्रवाहित होती है और यहाँ मत्स्य पालन के लिए अत्यंत अनुकूल 'प्लैंकटोन' की वृद्धि में सहायता करती है।
- 3. अटलांटिक महासागर में उत्तर की ओर से आने वाली ठंडी 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) और दक्षिण से आने वाली गर्म 'गल्फ स्ट्रीम' के मिलने वाले क्षेत्र (विशेषकर न्यूफाउंडलैंड के पास ग्रैंड बैंक) में घना कोहरा और अशांत मौसम बनता है, जो मत्स्य उद्योग के विकास के लिए दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक केंद्र बनाता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय जलधाराओं की दिशा उत्तरी गोलार्ध में कोरियोलिस बल के प्रभाव के कारण घड़ी की सुइयों की दिशा (Clockwise) में और दक्षिणी गोलार्ध में घड़ी की सुइयों के विपरीत दिशा (Counter-clockwise) में विक्षेपित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन महासागरीय जलधाराओं और उनकी विशेषताओं के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। 1. गुल्फ स्ट्रीम उत्तरी अटलांटिक की एक प्रमुख गर्म जलधारा है जो पश्चिमी यूरोप के जलवायु को अपेक्षाकृत温 mild रखती है। 2. हम्बोल्ट (पेरू) जलधारा एक ठंडी जलधारा है जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर अपवेलिंग (Upwelling) प्रक्रिया को बढ़ावा देती है, जिससे पोषक तत्व सतह पर आते हैं और प्लैंकटोन की वृद्धि होती है जो मछलियों का मुख्य आहार है। 3. लैब्राडोर (ठंडी) और गल्फ स्ट्रीम (गर्म) के मिलने से न्यूफाउंडलैंड तट पर ग्रैंड बैंक का निर्माण होता है, जो दुनिया के सबसे समृद्ध मछली पकड़ने के मैदानों में से एक है। 4. कोरियोलिस बल के कारण उत्तरी गोलार्ध में महासागरीय धाराएँ दक्षिणावर्त (Clockwise) और दक्षिणी गोलार्ध में वामावर्त (Counter-clockwise) दिशा में प्रवाहित होती हैं। विकिपीडिया संदर्भ
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भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाविधियों और सुनामी तरंगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पी-तरंगें' (P-waves) प्राथमिक अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, लेकिन तरल कोर (Outer Core) से गुजरने पर इनका अपवर्तन (Refraction) हो जाता है जिसके कारण पृथ्वी के विपरीत गोलार्ध में 'छाया क्षेत्र' (Shadow Zone) का निर्माण होता है।
2. 'सुनामी तरंगें' महासागरों में अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम आयाम वाली उथले जल की तरंगें होती हैं, जो खुले समुद्र में नाविकों को आसानी से महसूस हो जाती हैं क्योंकि इनकी गति और ऊँचाई गहरे जल में अत्यधिक तीव्र होती है।
3. 'स्ट्रॉम्बोली तुल्य' (Strombolian type) ज्वालामुखी उद्गार को 'भूमध्योसागर का प्रकाशस्तंभ' (Lighthouse of the Mediterranean) कहा जाता है, जिसमें निरंतर गैस के बुलबुले फूटने के कारण रुक-रुक कर लावा और प्रज्वलित पदार्थों का प्रस्फोट होता है।
4. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी गतिविधियाँ प्लेट विवर्तनिकी के किनारों पर नहीं बल्कि प्लेटों के आंतरिक भाग में स्थित स्थिर मैग्मा प्लूम (Mantle Plumes) के कारण होती हैं, जिसका एक उत्कृष्ट भूवैज्ञानिक उदाहरण हवाई द्वीप समूह (Hawaiian Islands) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की जलवायु और मानसून तंत्र की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में तिब्बत के पठार का अत्यधिक गर्म होना निम्न वायुदाब क्षेत्र का निर्माण करता है, जिससे ऊपरी क्षोभमंडल में 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) उत्पन्न होती है और यह भारतीय मानसून को दक्षिण-पश्चिम से उत्तर की ओर आकर्षित करने में मदद करती है।
2. 'मैडेन-जुलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) एक उष्णकटिबंधीय महासागरीय-वायुमंडलीय घटना है, जो पूर्व की ओर बढ़ने वाले बादलों और वर्षा के साप्ताहिक से मासिक पैटर्नों द्वारा पहचानी जाती है और इसका सक्रिय चरण भारतीय मानसून में वर्षा की मात्रा और उसकी सक्रियता को काफी हद तक प्रभावित करता है।
3. एल निनो (El Niño) के दौरान दक्षिण अमेरिकी तट के पास पेरू धारा के क्षेत्र में ठंडे पानी का प्रकोपण बढ़ जाता है, जिससे प्रशांत महासागर में वायुदाब का विपरीत संबंध स्थापित होता है और भारत में मानसून की वर्षा सामान्य से अधिक मात्रा में दर्ज की जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्षिणी दोलन सूचकांक (Southern Oscillation Index - SOI) ताहीती (प्रशांत महासागर) और डार्विन (हिन्द महासागर) के बीच वायुदाब के अंतर को मापता है, और एक धनात्मक SOI मान आमतौर पर भारतीय उपमहाद्वीप में कमजोर मानसून का संकेत देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों और उनके रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काली मृदा' (Regur Soil) का निर्माण मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप के बेसल्टिक चट्टानों के अपक्षय से हुआ है, और इसमें उच्च जल-धारण क्षमता (Water Retention Capacity) पाई जाती है, जिससे गीली होने पर यह अत्यधिक चिपचिपी और सूखी होने पर गहरी चौड़ी दरारों से विदीर्ण हो जाती है।
2. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) प्रक्रिया के परिणामस्वरुप विकसित होती है, जिसके कारण इसमें ह्यूमस, नाइट्रोजन और पोटाश की प्रचुरता होती है, जबकि आयरन ऑक्साइड और एल्यूमीनियम की कमी पाई जाती है।
3. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का लाल रंग क्रिस्टलीय और रूपांतरित चट्टानों में लौह धातु (Iron) के व्यापक प्रसार के कारण होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) की स्थिति में यह पीली दिखाई देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के भौतिक-रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की क्रस्ट (Crust) और मेंटल के बीच की सीमा को 'मोहरोविकिक असांतत्य' (Mohorovicic Discontinuity) कहा जाता है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
2. मेंटल का ऊपरी भाग जो दुर्बलतामंडल (Asthenosphere) कहलाता है, अत्यधिक उच्च तापमान और आंशिक पिघलाव के कारण प्लास्टिक जैसी अवस्था में होता है, जो विवर्तनिक प्लेटों की गति के लिए मुख्य स्रोत का कार्य करता है।
3. पृथ्वी की आंतरिक कोर (Inner Core) अत्यधिक दाब के कारण ठोस अवस्था में पाई जाती है, जबकि बाह्य कोर (Outer Core) पिघली हुई तरल अवस्था में है और इसी तरल धात्विक लोहे की संवहन धाराओं (Convection Currents) के कारण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र की उत्पत्ति होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सियाल (Sial) परत में सिलिका और एल्युमिनियम की प्रधानता होती है जो महासागरीय पर्पटी का निर्माण करती है, जबकि सीमा (Sima) परत में सिलिका और मैग्नीशियम की अधिकता होती है जो महाद्वीपीय पर्पटी का मुख्य आधार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream) एक उष्ण जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से निकलकर उत्तर-पूर्वी अटलांटिक महासागर की ओर प्रवाहित होती है और पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों के तापमान को मध्यम बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) एक ठंडी जलधारा है जो आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहती है और न्यूफाउंडलैंड के तट के पास गल्फ स्ट्रीम से मिलकर विश्व के सबसे बड़े और समृद्ध मतस्यन (Fishing) क्षेत्रों में से एक 'ग्रैंड बैंक' का निर्माण करती है।
3. पेरू जलधारा (जिसे हम्बोल्ट जलधारा भी कहा जाता है) एक गर्म जलधारा है जो दक्षिणी अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और यहाँ 'अल नीनो' (El Nino) की परिघटना को जन्म देती है।
4. ओसियो जलधारा (Oyashio Current), जिसे कुरुशियो जलधारा की ठंडी बहन भी कहा जाता है, प्रशांत महासागर के उत्तर-पश्चिम भाग में बहने वाली एक ठंडी जलधारा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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