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General Science
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pH स्केल?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
0-14।
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल सहसंयोजक बंध (Single covalent bonds) होते हैं, और सामान्यतः इन्हें 'पैराफिन' (Paraffins) कहा जाता है क्योंकि इनकी रासायनिक प्रतिक्रियाशीलता कम होती है।
2. एल्काइन्स (Alkynes) में कम से कम एक कार्बन-कार्बन त्रि-बंध (Triple bond) होता है, और असंतृप्तता के उच्च स्तर के कारण ये एल्केन्स और एल्कीन्स की तुलना में अत्यधिक अम्लीय प्रकृति दर्शाते हैं क्योंकि इनका कार्बन परमाणु $sp^3$ संकरित (Hybridized) होता है।
3. 'ऑक्टेन संख्या' (Octane number) पेट्रोल (गैसोलीन) की प्रज्वलन-रोधी गुणवत्ता का माप है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या यह दर्शाती है कि ईंधन में 'अपस्फोटन' (Knocking) की प्रवृत्ति कम होगी, और इसके मानक के रूप में अत्यधिक अपस्फोटन उत्पन्न करने वाले 'n-हेप्टेन' को शून्य तथा न्यूनतम अपस्फोटन वाले 'आइसो-ऑक्टेन' को 100 अंक दिया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के विभिन्न अंगों और उनके द्वारा स्रावित हार्मोनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पीनियल ग्रंथि द्वारा स्रावित 'मेलाटोनिन' (Melatonin) हार्मोन शरीर की दैनिक लय (Circadian Rhythm) जैसे कि नींद-जागने के चक्र और शरीर के तापमान को नियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. जठरांत्र पथ (Gastrointestinal Tract) चार प्रमुख पेप्टाइड हार्मोन स्रावित करता है जिनमें गैस्ट्रिन, सिक्रेटिन, कोलेसिस्टोकाइनिन (CCK) और गैस्ट्रिक इनहिबिटरी पेप्टाइड (GIP) शामिल हैं।
3. एट्रियल नेट्रियूरेटिक फैक्टर (ANF) का स्रावण हृदय के निलयों (Ventricles) की भित्ति द्वारा किया जाता है, जो रक्तचाप में वृद्धि होने पर रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण (Vasoconstriction) करके रक्तचाप को बढ़ाने का कार्य करता है।
4. वृक्कीय मज्जा (Renal Medulla) द्वारा एरिथ्रोपोएटिन (Erythropoietin) हार्मोन का उत्पादन किया जाता है जो एरिथ्रोपोएसिस (लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण) को उत्तेजित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के तंत्रों की जटिल क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में पाई जाने वाली अल्फा कोशिकाएँ (Alpha cells) 'ग्लूकागन' हार्मोन का स्रावण करती हैं, जो यकृत में ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) को प्रेरित करके रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है।
2. मानव हृदय के समेकित चालन तंत्र (Conduction System) में, 'एट्रियोवेंट्रिकुलर बंडल' (Bundle of His) और पुर्किंजे तंतुओं (Purkinje fibres) की उपस्थिति के कारण दोनों आलिंदों (Atria) और निलयों (Ventricles) के संकुचन के बीच एक आवश्यक शारीरिक अंतराल (Delay) उत्पन्न होता है, जिससे रक्त का प्रवाह केवल आलिंद से निलय की ओर ही होता है।
3. श्वसन तंत्र के नियमन में, महाधमनी चाप (Aortic arch) और कैरोटिड धमनी (Carotid artery) में स्थित परिधीय केमोरेसेप्टर्स (Peripheral chemoreceptors) रक्त में $CO_2$ और हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता में खतरनाक वृद्धि को महसूस करते हैं, लेकिन रक्त के $O_2$ की सांद्रता में होने वाले परिवर्तनों के प्रति ये पूरी तरह असंवेदनशील होते हैं।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के न्यूरोट्रांसमीटरों के संदर्भ में, एसिटيلकोलाइन (Acetylcholine) स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के परानुकंपी तंतुओं के अंतर्ग्रथनी सिरों पर स्रावित होने वाला प्रमुख न्यूरोट्रांसमीटर है, जो हृदय गति को धीमा करने और पाचन क्रिया को बढ़ाने का कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में 'सक्रिय प्रतिरक्षा' (Active Immunity) और 'निष्क्रिय प्रतिरक्षा' (Passive Immunity) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सक्रिय प्रतिरक्षा तब विकसित होती है जब किसी व्यक्ति का शरीर स्वयं प्रतिजनों (Antigens) जैसे कि रोगाणुओं या टीकों के संपर्क में आने पर प्रतिरक्षी (Antibodies) उत्पन्न करता है, और यह तुरंत प्रभावी हो जाती है।
2. निष्क्रिय प्रतिरक्षा तब प्रदान की जाती है जब किसी अन्य जीव द्वारा तैयार किए गए प्रतिरक्षी (जैसे गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा द्वारा या स्तनपान के समय कोलोस्ट्रम के माध्यम से) सीधे शरीर में पहुंचाए जाते हैं, और यह दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत लेंसों, दर्पणों और प्रकाश के अपवर्तन-परावर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और उसका आपतन कोण माध्यम के क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो प्रकाश किरण दूसरे माध्यम में अपवर्तित होने के बजाय पूर्ण आंतरिक परावर्तित (Total Internal Reflected) होकर उसी माध्यम में लौट आती है।
2. उत्तल लेंस (Convex Lens) की फोकस दूरी लाल रंग के प्रकाश के लिए न्यूनतम और बैंगनी रंग के प्रकाश के लिए अधिकतम होती है, क्योंकि अपवर्तनांक बैंगनी रंग के लिए सबसे अधिक होता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि वस्तु को अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र ($C$) और फोकस ($F$) के बीच रखा जाता है, तो उसका वास्तविक, उल्टा और वस्तु से बड़ा प्रतिबिंब वक्रता केंद्र के परे (बाहर) बनता है।
4. किसी पतले लेंस के लिए लेंस निर्माता का सूत्र (Lens Maker's Formula) $\frac{1}{f} = (n - 1)\left(\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2}\right)$ इस बात पर निर्भर करता है कि लेंस को किस माध्यम में डुबोया गया है, किंतु लेंस के दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याएँ माध्यम से अप्रभावित रहती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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