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Geography
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के वितरण, उनकी उत्पत्ति के चालकों तथा उनके क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. महासागरीय जलधाराओं की दिशा और गति को नियंत्रित करने वाले प्राथमिक कारकों में प्रचलित हवाएँ (जैसे व्यापारिक और पछुआ हवाएँ), पृथ्वी का घूर्णन (कोरियोलिस बल), तथा जल के घनत्व में भिन्नता (तापमान और लवणता के कारण) शामिल हैं।
- 2. 'बेंगुएला जलधारा' (Benguela Current) दक्षिणी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली एक गर्म जलधारा है, जो दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहते हुए नामिब मरुस्थल के निर्माण में वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ पैदा करती है।
- 3. क्यूरोशियो जलधारा (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर में उत्तर की ओर बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जो जापान के पूर्वी तट के सहारे बहती हुई उत्तरी प्रशांत प्रवाह में मिल जाती है और इस क्षेत्र को मत्स्यन के लिए अनुकूल बनाती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय जलधाराएँ पृथ्वी के तापमान को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और विश्व के सबसे बड़े और समृद्ध मत्स्यन क्षेत्र ठंडी और गर्म जलधाराओं के मिलने वाले स्थानों पर ही विकसित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि महासागरीय जलधाराओं की उत्पत्ति और उनके मार्ग को प्रचलित हवाएँ, कोरियोलिस बल, और तापमान व लवणता जनित घनत्व भिन्नताएँ नियंत्रित करती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि 'बेंगुएला जलधारा' (Benguela Current) दक्षिणी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली एक **ठंडी जलधारा** है, न कि गर्म, और यह नामिब मरुस्थल के शुष्किकरण में योगदान देती है। कथन 3 सही है, क्यूरोशियो जलधारा प्रशांत महासागर की एक प्रमुख गर्म जलधारा है। कथन 4 सही है, विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ठंडी और गर्म जलधाराओं के अभिसरण क्षेत्र प्लवक (Plankton) की वृद्धि के लिए आदर्श होते हैं, जो विश्व के सबसे समृद्ध मत्स्यन क्षेत्र बनाते हैं। अत: सही विकल्प (b) है।
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भारत के प्रमुख दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अगिल दर्रा (Aghil Pass) — यह काराकोरम श्रेणी के उत्तर में लद्दाख क्षेत्र को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है।
2. बारालाचा ला (Baralacha La) — यह जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो लद्दाख को हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले से जोड़ता है।
3. नीति दर्रा (Niti Pass) — यह उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ने वाला एक प्रमुख दर्रा है, जो कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित है और मानसरोवर यात्रा के मार्ग में आता है।
4. दीफु दर्रा (Dipu Pass) — यह अरुणाचल प्रदेश, म्यांमार और चीन की त्रि-संधि (Tri-junction) सीमा पर स्थित एक महत्वपूर्ण पर्वतीय दर्रा है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
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भारत के परिवहन तंत्र और प्रमुख औद्योगिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-2 (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के बीच स्थित है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र को अंतर्देशीय जल परिवहन के माध्यम से देश के अन्य भागों से जोड़ता है।
2. कोंकण रेलवे (Konkan Railway) परियोजना महाराष्ट्र के रोहा से शुरू होकर कर्नाटक के मंगलुरु तक लगभग 760 किलोमीटर लंबी है, जो पश्चिमी घाट की कठिन पहाड़ियों और सुरंगों से होकर गुजरती है।
3. विशाखापत्तनम और हुगली औद्योगिक प्रदेशों के बीच देश का सबसे व्यस्त माल ढोने वाला भारी रेल मार्ग अवस्थित है, जिसका मुख्य कारण इन क्षेत्रों में लौह-इस्पात और भारी इंजीनियरिंग उद्योगों का अत्यधिक संकेंद्रण है।
4. भारत में 'डायमंड क्वाड्रिलैटरल' (Diamond Quadrilateral) परियोजना भारतीय रेलवे द्वारा शुरू की गई एक उच्च गति वाली यात्री रेल नेटवर्क योजना है जो देश के चार प्रमुख महानगरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता) को आपस में जोड़ेगी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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हमारे सौर मंडल और ब्रह्माण्ड की संरचना, ग्रहों की गतिकी तथा खगोलीय पिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कैपरनिकس के हेलियोसेंट्रिक सिद्धांत' (Heliocentric Model) के अनुसार सौर मंडल का केंद्र सूर्य है, जिसके चारों ओर पृथ्वी सहित सभी ग्रह दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं, और इस मॉडल की पुष्टि बाद में जोहान्स केप्लर के ग्रहों की गति के नियमों द्वारा की गई।
2. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रह की कक्षाओं के मध्य स्थित है, और इसमें पाए जाने वाले सबसे बड़े खगोलीय पिंड 'सेरेस' (Ceres) को अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा बौने ग्रह (Dwarf Planet) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
3. 'ऑर्ट क्लाउड' (Oort Cloud) सौर मंडल की सबसे बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले खगोलीय पिंडों का एक गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक (Long-period) धूमकेतुओं (Comets) का मुख्य स्रोत माना जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार हमारे सौर मंडल के सभी बाह्य ग्रह (Outer/Jovian Planets जैसे बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण) मुख्य रूप से गैसीय या बर्फीले दिग्गजों (Gas or Ice Giants) के रूप में जाने जाते हैं और इन सभी के चारों ओर वलय प्रणालियाँ (Ring Systems) पाई जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, सिस्मीय असांतत्य (Discontinuities) और चट्टानों के कायांतरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कॉनराड असांतत्य (Conrad Discontinuity) ऊपरी भूप्रपर्टी (Upper Crust) और निचली भूप्रपर्टी (Lower Crust) के बीच स्थित होता है, जहाँ घनत्व और भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक परिवर्तन देखा जाता है।
2. 'विचेर्ट-गुटेनबर्ग असांतत्य' (Wiechert-Gutenberg Discontinuity) मेंटल और बाह्य क्रोड के बीच की सीमा को रेखांकित करता है, जहाँ प्राथमिक तरंगें (P-waves) अत्यधिक मंद पड़ जाती हैं और द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
3. संपर्क कायांतरण (Contact Metamorphism) मुख्य रूप से अत्यधिक विवर्तनिक दबाव (Tectonic Pressure) के कारण विशाल भू-भाग पर होता है, जिससे नीस और शिस्ट जैसी अत्यधिक पर्णिल (Foliated) चट्टानों का निर्माण होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मोहरोविकिक असांतत्य (Mohorovičić Discontinuity) भूप्रपर्टी और ऊपरी मेंटल के बीच की सीमा है, जबकि लेहमन असांतत्य (Lehmann Discontinuity) बाह्य क्रोड और आंतरिक क्रोड के बीच स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों (कोयला, पेट्रोलियम और परमाणु खनिज) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का अधिकांश कोयला भंडार 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से संबंधित है, जिसमें देश के कुल कोयला भंडार और उत्पादन का लगभग 98% हिस्सा सुरक्षित है, और यह मुख्य रूप से दामोदर, सोन और महानदी बेसिन में पाया जाता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में टर्शीयरी (Tertiary) कालीन कोयले के प्रमुख भंडार मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में मिलते हैं, जो उच्च सल्फर सामग्री और कम कार्बन प्रतिशत की विशेषता रखते हैं।
3. भारत में थोरियम के विशाल भंडार केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की 'मोनाज़ाइट' (Monazite) बालू में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिसके निष्कर्षण और प्रसंस्करण के लिए देश में भारी जल संयंत्रों (Heavy Water Plants) का उपयोग किया जाता है।
4. राजस्थान का 'गुड़ामालानी' और 'बाड़मेर बेसिन' (कैपर्न क्रूड) भारत में अपतटीय (Offshore) क्षेत्र का सबसे बड़ा उत्पादक तेल क्षेत्र है, जिसने onshore कच्चे तेल के उत्पादन में देश की कुल क्षमता को सबसे अधिक बढ़ावा दिया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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