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Geography
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सौर मंडल, ग्रहों की आंतरिक संरचना, उपग्रहों तथा उल्कापिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) हमारे सौर मंडल के ऐसे दो ग्रह हैं, जो अपनी धुरी पर पूर्व से पश्चिम की ओर (Clockwise) घूर्णन करते हैं, जिसके कारण इन ग्रहों पर सूर्य पश्चिम में उगता है और पूर्व में अस्त होता है।
- 2. बृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह 'गैनीमेड' (Ganymede) सौर मंडल का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है, जिसका आकार बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसमें स्वयं का चुंबकीय क्षेत्र पाया जाता है।
- 3. क्षुद्रग्रह बेल्ट (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के मध्य स्थित है, और इस क्षेत्र में पाए जाने वाले 'सेरेस' (Ceres) को अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा बौना ग्रह घोषित किया गया है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उल्कापिंड (Meteoroids) अंतरिक्ष में घूमने वाले छोटे चट्टानी या धातु के टुकड़े होते हैं, जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर घर्षण के कारण जल उठते हैं और इन्हें 'टूटता हुआ तारा' कहा जाता है, तथा जो उल्कापिंड पूरी तरह जल नहीं पाते और पृथ्वी की सतह से टकराते हैं, उन्हें उल्काश्म (Meteorites) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। कथन 1 के अनुसार शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) की घूर्णन दिशा अन्य ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम (या दक्षिणावर्त) है। कथन 2 सही है क्योंकि बृहस्पति का उपग्रह गैनीमेड सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है और बुध से भी बड़ा है। कथन 3 भी सही है क्योंकि मंगल और बृहस्पति के बीच एस्टेरॉयड बेल्ट में सेरेस सबसे बड़ा बौना ग्रह है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उल्कापिंड जब वायुमंडल में घर्षण के कारण चमकते हैं तो उन्हें मेटियोर और भूतल पर गिरने पर मेटियोराइट कहते हैं। अतः सभी विकल्प सही हैं।
Related Questions
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विवर्तनिक भूकंपों (Tectonic Earthquakes) और ज्वालामुखी सक्रियता की क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विवर्तनिक भूकंप पृथ्वी की पर्पटी (Crust) के भीतर चट्टानों के लचीलेपन की सीमा (Elastic Limit) के पार जाने पर संचित तनाव के अचानक विमोचन के कारण उत्पन्न होते हैं, जो मुख्य रूप से विनाशात्मक (अभिसारी) और संरक्षी (रूपांतरित) प्लेट सीमाओं पर अत्यधिक आवृत्ति के साथ दर्ज किए जाते हैं।
2. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी सक्रियता प्लेट सीमाओं से दूर अंतरा-प्लेट (Intra-plate) क्षेत्रों में होती है, जहाँ मेंटल प्लूम (Mantle Plume) के पिघलने से बेसाल्टिक मैग्मा का निर्माण होता है, और इसका उत्कृष्ट उदाहरण हवाई द्वीप समूह है जो प्रशांत प्लेट के उत्तर-पश्चिम की ओर खिसकने के कारण क्रमिक रूप से निर्मित हुआ है।
3. 'सुनामी' तरंगें जब गहरे समुद्र से तटीय क्षेत्रों के उथले पानी में प्रवेश करती हैं, तो उनकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और वेग में भारी वृद्धि हो जाती है, जबकि उनकी कुल ऊँचाई नाटकीय रूप से घट जाती है, जिससे समुद्र तट पर अचानक जलस्तर में गिरावट या भारी विनाशकारी दीवार जैसी लहरें उत्पन्न होती हैं।
4. 'पैक्सिलैथ' (Pahoehoe) लावा अपने चिकने, रस्सेदार और लहरदार सतह के विन्यास के लिए जाना जाता है, जो कम श्यानता (Low Viscosity) वाले बेसाल्टिक मैग्मा के ठंडे होने से बनता है, जबकि 'आह-आह' (Aa) लावा अत्यधिक चिपचिपा और खुरदरा होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र और नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सिंधु नदी तंत्र की प्रमुख सहायक नदी 'चिनाब' (चंद्र और भागा नदियों का संगम) सिंधु में मिलने से पहले भारत के भीतर ही झेलम, रावी और सतलज नदियों का जल अपने साथ समाहित कर लेती है।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ मुख्य रूप से पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह तंत्र का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका प्रमुख प्रमाण नर्मदा और ताप्ती नदियाँ हैं जो रिफ्ट घाटी से बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
3. गोदावरी नदी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी प्रणाली है, जिसे 'दक्षिण गंगा' भी कहा जाता है, और इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ प्रनহিতা, इंद्रावती और मंजीरा हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सिंधु नदी तंत्र की प्रमुख सहायक नदी 'चिनाब' (चंद्रभागा) है, जो तांडी में चंद्र और भागा नदियों के मिलने से बनती है और पाकिस्तान के मिठनकोट में सिंधु नदी से मिलने से पूर्व झेलम, रावी, व्यास और सतलुज के जलों को अपने अंदर समाहित करती है।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ मुख्य रूप से पूर्ववर्ती (Antecedent) या अनुवर्ती (Consequent) अपवाह प्रतिरूप दर्शाती हैं, जिनमें नर्मदा और तापी नदियाँ भ्रंश घाटी (Rift Valley) से प्रवाहित होते हुए अरब सागर में डेल्टा का निर्माण करती हैं।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्षिण भारत की सबसे बड़ी नदी प्रणाली 'गोदावरी नदी' है, जिसका उद्गम महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर से होता है और इसकी प्रमुख सहायक नदियों में पूर्णा, प्राणहिता, इंद्रावती और सबरी शामिल हैं।
4. ब्रह्मपुत्र नदी भारत में प्रवेश करने से पहले तिब्बत में 'यार्लुंग त्सांगपो' कहलाती है, तथा असम घाटी में इसके द्वारा निर्मित 'माजुली' द्वीप दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है जो कि एक स्थलीय एश्चुअरी का उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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हमारे सौर मण्डल के ग्रहों, उनके चुंबकत्व, कक्षीय अनुनाद (Orbital Resonance) और क्षुद्रग्रहों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'शनि' (Saturn) हमारे सौर मण्डल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है जिसका घनत्व पानी से भी कम है, और इसका सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' (Titan) सौर मण्डल का एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसके पास एक घना नाइट्रोजन-प्रधान वायुमंडल और सतह पर तरल मीथेन की झीलें पाई जाती हैं।
2. 'बृहस्पति' (Jupiter) का चुंबकीय क्षेत्र सौर मण्डल में सूर्य के बाद सबसे शक्तिशाली है, और इसकी तीव्र रेडियो तरंगों (Decametric radio emissions) का मुख्य स्रोत इसके आंतरिक भाग में धात्विक हाइड्रोजन की उपस्थिति तथा इसके ज्वालामुखी रूप से अत्यंत सक्रिय उपग्रह 'आयो' (Io) द्वारा उत्सर्जित प्लाज्मा टोरस है।
3. 'यूरेनस' (Uranus) और 'नेप्च्यून' (Neptune) को 'बर्फ़ीले दैत्य' (Ice Giants) कहा जाता है, क्योंकि इनके आंतरिक भाग में सिलिकेट चट्टानों के बजाय मुख्य रूप से पानी, अमोनिया और मीथेन के 'बर्फ़ीले' (Fluid) मेंटल का आवरण पाया जाता है, तथा यूरेनस का अपनी कक्षीय तल से 98 डिग्री का अत्यधिक झुकाव इसके घूर्णन अक्ष को लगभग समतल बना देता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'ट्रोजन क्षुद्रग्रह' (Trojan Asteroids) वे छोटे खगोलीय पिंड हैं जो बृहस्पति ग्रह की कक्षा के आगे और पीछे लगभग 60 डिग्री के कोण पर लाग्रेंज बिंदुओं (L4 और L5) पर सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों की गतिकी तथा चट्टानों के वर्गीकरण और कायांतरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कॉनराड असांतत्य (Conrad Discontinuity) ऊपरी भूप्रपर्टी (Upper Crust) और निचली भूप्रपर्टी (Lower Crust) के बीच स्थित होता है, जहाँ घनत्व और प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक परिवर्तन देखा जाता है।
2. 'गुटेनबर्ग असांतत्य' (Gutenberg Discontinuity) मेंटल और बाह्य क्रोड के बीच की सीमा को रेखांकित करता है, जहाँ प्राथमिक तरंगें (P-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं और द्वितीयक तरंगें (S-waves) अपनी अधिकतम गति प्राप्त कर लेती हैं।
3. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) मुख्य रूप से अत्यधिक विवर्तनिक दबाव (Tectonic Pressure) और उच्च तापमान के संयुक्त प्रभाव से विशाल भू-भाग पर चट्टानों के रूप-परिवर्तन को प्रेरित करता है, जिससे शिस्ट (Schist) और नाइस (Gneiss) जैसी पर्णिल (Foliated) चट्टानों का निर्माण होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मोहरोविकिक असांतत्य (Mohorovičić Discontinuity) क्रोड और मेंटल के बीच स्थित है, जबकि लेहमन असांतत्य (Lehmann Discontinuity) बाह्य क्रोड और आंतरिक क्रोड के बीच की सीमा को पृथक् करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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