त्वरित लिंक्स
Geography
21 views
भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों की भौगोलिक एवं तकनीकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'टपक सिंचाई' (Drip Irrigation) और 'फव्वारा सिंचाई' (Sprinkler Irrigation) जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियाँ पारंपरिक सतही सिंचाई (Flood Irrigation) की तुलना में जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को लगभग 50-90% तक बढ़ा देती हैं, जिससे विशेष रूप से अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में भूजल स्तर के अत्यधिक दोहन को रोकने में सहायता मिलती है।
- 2. भारत में 'मोटे अनाजों' (Millets/श्री अन्न) के अंतर्गत ज्वار, बाजरा और रागी प्रमुख फसलें हैं, जिन्हें मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में उगाया जाता है जहाँ वर्षा कम (लगभग 50-100 सेमी) होती है और मिट्टी की उर्वरता अपेक्षाकृत कम होती है, अतः इन्हें मुख्यतः वर्षा-आधारित (Rainfed) कृषि पद्धतियों के अंतर्गत रखा जाता है।
- 3. भारत में 'झूम कृषि' (Shifting Cultivation), जिसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में 'लूम' या 'दाही' के नाम से जाना जाता है, एक स्थायी और गहन कृषि पद्धति है जिसमें एक ही भूखंड पर रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करके लगातार कई वर्षों तक धान की खेती की जाती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में 'खरीफ की फसलें' दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ जून-जुलाई में बोई जाती हैं और सितंबर-अक्टूबर में काटी जाती हैं, जिसके अंतर्गत धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, कपास और मूंगफली प्रमुख फसलें शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियाँ (ड्रिप और स्प्रिंकलर) पानी की बर्बादी को कम करती हैं और वाष्पीकरण को घटाकर जल उपयोग दक्षता में भारी वृद्धि करती हैं। कथन 2 सही है क्योंकि मिलेट्स या मोटे अनाज शुष्क एवं अर्ध-शुष्क जलवायु वाले कम वर्षा वाले क्षेत्रों में उगाए जाते हैं और ये मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर होते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि 'झूम कृषि' (स्थानांतरित कृषि) एक स्थायी नहीं बल्कि घुमंतू या स्लेश-एंड-बर्न (कर्तन एवं दहन) कृषि पद्धति है जिसमें वनों को साफ करके कुछ वर्षों तक खेती की जाती है और उर्वरता कम होने पर उसे छोड़ दिया जाता है; उत्तर-पूर्वी भारत में इसे 'झूम' कहा जाता है न कि 'लूम'। कथन 4 सही है क्योंकि खरीफ फसलें मानसूनी ऋतु में बोई जाती हैं और शरद ऋतु की शुरुआत में काटी जाती हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है जो मानसूनी वर्षा पर अत्यधिक निर्भर करती है।
Related Questions
→
विश्व की प्रमुख नदियों और उनके तट पर स्थित ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. मोंट्रियल (Montreal) — सेंट लॉरेंस नदी
2. रोम (Rome) — टाइबर नदी
3. वियना (Vienna) — सीन नदी
4. बगداد (Baghdad) — दजला (टाइग्रिस) नदी
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
→
भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में 'हिमालयी नदियों' और 'प्रायद्वीपीय नदियों' की संरचनात्मक एवं भौतिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) और अनुगामी (Consequent) अपवाह प्रतिरूप का निर्माण करती हैं, जो अपने युवावस्था में तीव्र अपरदन द्वारा गहरे गार्ज, महाखड्ड (Canyons) और 'V' आकार की घाटियों का निर्माण करते हुए पर्वतों को काटती हैं।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपने उद्गम से लेकर मुहाने तक एक निश्चित और तरुण आधार तल (Base level) पर प्रवाहित होती हैं, जिसके कारण इनकी घाटियाँ अत्यधिक गहरी, संकीर्ण और सर्पिलाकार विसर्पण से युक्त होती हैं।
3. नर्मदा और तापी को छोड़कर अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले बड़े डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है जिसे 'दक्षिण गंगा' भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
विश्व की प्रमुख नदियों और उनके किनारे बसे नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. मॉन्ट्रियल (Montreal) - सेंट लॉरेंस नदी (Saint Lawrence River)
2. बगदाद (Baghdad) - दजला या टाइग्रिस नदी (Tigris River)
3. बेलग्रेड (Belgrade) - डेन्यूब नदी (Danube River)
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पेरिस (Paris) शहर सीन नदी (Seine River) के तट पर स्थित है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
→
महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा की गतिकी और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का जलमग्न तटवर्ती मंच होता है, जिसकी औसत ढाल बहुत कम (लगभग 1° या उससे भी कम) होती है और यहाँ विश्व के सबसे बड़े पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस के भंडार पाए जाते हैं।
2. 'लघु ज्वार' (Neap Tide) की स्थिति महीने में दो बार—कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की अष्टमी को—उत्पन्न होती है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक समकोण (Right Angle) की स्थिति में होते हैं, जिससे सूर्य और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल एक-दूसरे के विपरीत दिशा में कार्य करके ज्वार की ऊँचाई को कम कर देते हैं।
3. 'सुंडा जलसंधि' (Sunda Strait) जावा द्वीप को सुमात्रा द्वीप से अलग करती है और यह जावा सागर को हिंद महासागर से जोड़ती है, जबकि 'मलक्का जलसंधि' अंडमान सागर को दक्षिण चीन सागर के रास्ते प्रशांत महासागर से मिलाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय गर्त (Oceanic Trenches) महासागरीय नितल के सबसे गहरे भाग होते हैं, जो सामान्यतः विवर्तनिक प्लेटों के अभिसारी किनारों (Convergent Boundaries) के सहारे सक्रिय ज्वालामुखी और भूकंपीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
सौर मंडल के आंतरिक ग्रहों (Terrestrial Planets) और बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) के निर्माण, भौतिक विशेषताओं तथा उल्कापिंडों की गतिशीलता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आंतरिक ग्रह मुख्यतः सिलिकेट चट्टानों और धातुओं से बने होते हैं, जिनका घनत्व उच्च होता है और सौर हवाओं के कारण उनके निर्माण के समय उनके पास से हल्की गैसें वाष्पीकृत हो गईं, जिसके कारण उनके पास कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है या बहुत कम उपग्रह हैं।
2. 'काइपर बेल्ट' (Kuiper Belt) नेपच्यून की कक्षा के परे स्थित एक क्षेत्र है जहाँ बर्फीले पिंड और धूमकेतु पाए जाते हैं, और यहीं से 'पूरी तरह से अल्पकालिक' (Short-period) धूमकेतुओं की उत्पत्ति होती है।
3. जब अंतरिक्ष से आने वाला कोई उल्कापिंड पृथ्वी के वायुमंडल में अत्यधिक वेग से प्रवेश करता है, तो वायुमंडलीय गैसों के साथ घर्षण के कारण उसकी बाहरी परत वाष्पीकृत होकर चमक उठती है, और यदि इसका कोई अवशेष धरातल पर गिरता है, तो उसे 'मीटिओराइट' (Meteorite) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.