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Geography
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भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों की भौगोलिक एवं तकनीकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'टपक सिंचाई' (Drip Irrigation) और 'फव्वारा सिंचाई' (Sprinkler Irrigation) जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियाँ पारंपरिक सतही सिंचाई (Flood Irrigation) की तुलना में जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को लगभग 50-90% तक बढ़ा देती हैं, जिससे विशेष रूप से अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में भूजल स्तर के अत्यधिक दोहन को रोकने में सहायता मिलती है।
- 2. भारत में 'मोटे अनाजों' (Millets/श्री अन्न) के अंतर्गत ज्वار, बाजरा और रागी प्रमुख फसलें हैं, जिन्हें मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में उगाया जाता है जहाँ वर्षा कम (लगभग 50-100 सेमी) होती है और मिट्टी की उर्वरता अपेक्षाकृत कम होती है, अतः इन्हें मुख्यतः वर्षा-आधारित (Rainfed) कृषि पद्धतियों के अंतर्गत रखा जाता है।
- 3. भारत में 'झूम कृषि' (Shifting Cultivation), जिसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में 'लूम' या 'दाही' के नाम से जाना जाता है, एक स्थायी और गहन कृषि पद्धति है जिसमें एक ही भूखंड पर रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करके लगातार कई वर्षों तक धान की खेती की जाती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में 'खरीफ की फसलें' दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ जून-जुलाई में बोई जाती हैं और सितंबर-अक्टूबर में काटी जाती हैं, जिसके अंतर्गत धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, कपास और मूंगफली प्रमुख फसलें शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियाँ (ड्रिप और स्प्रिंकलर) पानी की बर्बादी को कम करती हैं और वाष्पीकरण को घटाकर जल उपयोग दक्षता में भारी वृद्धि करती हैं। कथन 2 सही है क्योंकि मिलेट्स या मोटे अनाज शुष्क एवं अर्ध-शुष्क जलवायु वाले कम वर्षा वाले क्षेत्रों में उगाए जाते हैं और ये मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर होते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि 'झूम कृषि' (स्थानांतरित कृषि) एक स्थायी नहीं बल्कि घुमंतू या स्लेश-एंड-बर्न (कर्तन एवं दहन) कृषि पद्धति है जिसमें वनों को साफ करके कुछ वर्षों तक खेती की जाती है और उर्वरता कम होने पर उसे छोड़ दिया जाता है; उत्तर-पूर्वी भारत में इसे 'झूम' कहा जाता है न कि 'लूम'। कथन 4 सही है क्योंकि खरीफ फसलें मानसूनी ऋतु में बोई जाती हैं और शरद ऋतु की शुरुआत में काटी जाती हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है जो मानसूनी वर्षा पर अत्यधिक निर्भर करती है।
Related Questions
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में मिलने वाला अधिकांश धात्विक कोयला गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जिसमें सल्फर की मात्रा अत्यंत कम और वाष्पशील पदार्थों की अधिकता होती है, और यह देश के कुल कोयला भंडार का लगभग 98 प्रतिशत भाग है।
2. देश में पेट्रोलियम के प्राचीनतम भंडार असम के 'डिगबोई' क्षेत्र में खोजे गए थे, जो टर्शरी युग की अवसादी शैल संरचनाओं से संबंधित हैं और यह एशिया का सबसे पहला कार्यरत तेल कुआँ है।
3. भारत के झारखंड राज्य में स्थित 'जादूगोड़ा' और 'नरवापहाड़' की खदानें यूरेनियम के उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, जहाँ यह खनिज मुख्य रूप से शिष्ट और नाइस जैसी कायांतरित चट्टानों से निकाला जाता है।
4. देश में थोरियम का मुख्य स्रोत 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite) है, जो केवल केरल के तटों तक ही सीमित है और इसके अपतटीय भंडारों में अन्यत्र कहीं भी इसका विस्तार नहीं पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय दर्रों तथा उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Darra) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है, और यह महान हिमालय श्रेणी में स्थित है जो श्रीनगर को गिलगित से जोड़ता है।
2. 'बनिहाल दर्रा' (Banihal Pass) पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है, जिससे होकर जम्मू और श्रीनगर को जोड़ने वाला सड़क मार्ग गुजरता है, और इसी दर्रे के नीचे 'जवाहर सुरंग' का निर्माण किया गया है।
3. 'थालघाट दर्रा' (Thal Ghat) पश्चिमी घाट में स्थित है, जो मुंबई को नासिक और नागपुर सड़क व रेल मार्ग द्वारा जोड़ता है, जबकि 'भोरघाट दर्रा' मुंबई को पुणे और बेलगाम से जोड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण और उनकी भू-तत्वीय विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का अधिकांश कोयला भंडार (लगभग 98% से अधिक) गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों के बेसिन में केंद्रित है, जबकि टर्शियरी कोयला मुख्यतः पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में पाया जाता है।
2. देश में पेट्रोलियम के प्रमुख अन्वेषण और उत्पादन बेसिन टर्शियरी युग की अवसादी चट्टानों (Tertiary Sedimentary Basins) से संबंधित हैं, जिनमें मुंबई हाई (Mumbai High) देश का सबसे बड़ा अपतटीय (Offshore) तेल क्षेत्र है, जो मध्य-मिश्रित मन्नतट पर स्थित है।
3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में यूरेनियम के प्रमुख भंडार झारखंड के सिंहभूम शियर जोन (Singhbhum Shear Zone) और आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली क्षेत्र में कैल्के-सिलिकेट चट्टानों से प्राप्त होते हैं, जबकि थोरियम का विशाल भंडार केरल के तटवर्ती क्षेत्रों में 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) के रूप में प्रचुरता से उपलब्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पंजाब राज्य का नाम किस भाषा के शब्दों से मिलकर बना है और इसका क्या अर्थ है?
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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक गलियारों और परिवहन नेटवर्क के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'चेन्नई-बंगलुरु औद्योगिक गलियारा' (CBIC) भारत का एक प्रमुख विनिर्माण और आर्थिक केंद्र है, जो भारतमाला परियोजना के अनुरूप विकसित किया जा रहा है और दक्षिण भारत के बंदरगाहों को अंतर्देशीय औद्योगिक केंद्रों से जोड़ता है।
2. 'राष्ट्रीय जलमार्ग-2' (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के बीच लगभग 891 किलोमीटर की लंबाई में स्थित है, और यह पूर्वोत्तर भारत में अंतर्देशीय जल परिवहन का मुख्य आधार है।
3. भारत में 'एल्युमिनियम उद्योग' के अंतर्गत स्थापित 'नालको' (NALCO) का मुख्य प्रगालक (Smelter) संयंत्र ओडिशा के अंगुल में स्थित है, जो इस क्षेत्र के पास उपलब्ध उच्च कोटि के बॉक्साइट भंडारों और तालचेर कोयला क्षेत्र से प्राप्त सस्ती विद्युत ऊर्जा पर आधारित है।
4. उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारे (North-South and East-West Corridors) एक-दूसरे को मध्य प्रदेश के 'ग्वालियर' शहर में काटते हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP) का एक प्रमुख केंद्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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