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Geography
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भारत की जनसांख्यिकीय संरचना, वर्ष 2011 की जनगणना के विस्तृत आँकड़ों और मानवजातीय (Racial) वर्गीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्रसिद्ध मानवशास्त्री बी.एस. गुहा (B.S. Guha) द्वारा प्रस्तुत भारतीय नस्कीय वर्गीकरण में 'नॉर्डिक' (Nordic) समूह को भारत में प्रवेश करने वाली अंतिम प्रमुख जातियों में माना गया है, जो मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिमी भारत और उच्च जातियों के बीच अधिक स्पष्ट रूप से पाए जाते हैं।
- 2. वर्ष 2011 की अंतिम जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में देश के कुल कामगारों (Total Workers) में 'मुख्य कामगारों' (Main Workers) का प्रतिशत 'सीमांत कामगारों' (Marginal Workers) की तुलना में कम था, तथा कुल कार्य सहभागिता दर (Work Participation Rate) लगभग 39.8% दर्ज की गई थी।
- 3. भारत में आंतरिक प्रवास (Internal Migration) के दौरान ग्रामीण से नगरीय क्षेत्रों की ओर होने वाले प्रवास में पुरुषों का मुख्य कारण रोजगार और शिक्षा है, जबकि कुल आंतरिक प्रवासियों (ग्रामीण-ग्रामीण सहित) में महिलाओं के प्रवास का सबसे बड़ा कारण विवाह दर्ज किया गया है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के समय भारत की कुल साक्षरता दर 74.04% थी, जिसमें पुरुष साक्षरता 82.14% और महिला साक्षरता 65.46% थी, तथा न्यूनतम साक्षरता दर वाला राज्य बिहार था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि बी.एस. गुहा के वर्गीकरण में 'नॉर्डिक' समूह को भारत में सबसे बाद में आने वाली इंडो-आर्यन प्रजातियों से संबंधित माना गया है। कथन 3 सही है क्योंकि आंतरिक प्रवास में पुरुषों का मुख्य कारण रोजगार/शिक्षा और महिलाओं का मुख्य कारण विवाह होता है। कथन 4 सही है क्योंकि 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल साक्षरता 74.04% तथा न्यूनतम साक्षरता वाला राज्य बिहार (61.8%) था। किंतु कथन 2 गलत है क्योंकि 2011 की जनगणना के आँकड़ों के अनुसार कुल कामगारों में मुख्य कामगारों (Main Workers) की संख्या सीमांत कामगारों (Marginal Workers) की तुलना में अधिक थी। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जनगणना के विभिन्न विश्लेषणात्मक आयाम देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को दर्शाते हैं।
Related Questions
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भारत की पर्वत प्रणालियों, उनकी भौगोलिक अवस्थिति और घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पीर पंजाल श्रेणी' (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (या मध्य हिमालय) की सबसे लंबी और सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला है, जो कश्मीर घाटी को जम्मू क्षेत्र से अलग करती है और इसी श्रेणी में प्रसिद्ध बनिहाल दर्रा स्थित है।
2. 'चुम्बी घाटी' (Chumbi Valley) एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घाटी है जो भारत (सिक्किम), भूटान और तिब्बत (चीन) के त्रिसंगम (Tri-junction) के निकट स्थित है और ऐतिहासिक सिल्क रूट का एक प्रमुख हिस्सा रही है।
3. 'नुकबरा घाटी' (Nubra Valley) काराकोरम और लद्दाख श्रेणियों के मध्य प्रवाहित होने वाली नुकबरा नदी द्वारा निर्मित है, जिसे 'फूलों की घाटी' भी कहा जाता है और यह सियाचिन ग्लेशियर की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महान हिमालय (Greater Himalaya) को 'हि हिमाद्री' के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा और नंदा देवी जैसी विश्व की सर्वोच्च पर्वत चोटियाँ स्थित हैं और यह वर्ष भर बर्फ से ढकी रहती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के अंतर्गत हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की संरचना, उद्गम और प्रवाह विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) प्रवाह का उत्तम उदाहरण हैं, अर्थात ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले से बह रही थीं और इन्होंने अपने मार्ग में गहरी गार्ज (Gorges) और खड्डों का निर्माण करते हुए हिमालय को काटा है।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से अधोरोपित (Superimposed) या अनुवर्ती (Consequent) प्रवाह प्रदर्शित करती हैं, जिनकी घाटियाँ चौड़ी, उथली और प्रौढ़ावस्था (Mature stage) को प्राप्त कर चुकी हैं, क्योंकि ये प्राचीन और स्थिर भू-भाग पर प्रवाहित होती हैं।
3. सिंधु, सतलुज और ब्रह्मपुत्र नदियाँ ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र से निकलती हैं और ये हिमालय की तीनों प्रमुख श्रेणियों को पार करती हुई 'एपिजेनिक' (Epigenetic) या पूर्ववर्ती नदियों की श्रेणी में आती हैं।
4. प्रायद्वीपीय भारत की अपवाह द्रोणियाँ जल-संभर (Water divides) द्वारा स्पष्ट रूप से विभाजित हैं, और इनकी ढाल प्रवणता (Gradient) हिमालयी नदियों की तुलना में बहुत तीव्र होती है, जिसके कारण ये अपने ऊपरी पाठ्यक्रमों में भीषण बाढ़ का कारण बनती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के वन आवरण और वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार, देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का सबसे बड़ा वनाच्छादित क्षेत्र क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्य प्रदेश में है, जबकि कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के प्रतिशत के रूप में मिजोरम राज्य का स्थान सर्वोच्च है।
2. 'हेमिस राष्ट्रीय उद्यान' (Hemis National Park) भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है, जो ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र में लद्दाख में स्थित है और यह मुख्य रूप से 'हिम तेंदुए' (Snow Leopard) के संरक्षण के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
3. 'जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान' भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है, जिसकी स्थापना वर्ष 1936 में 'हैली नेशनल पार्क' के रूप में की गई थी, और यह शिवालिक हिमालय की तलहटी में स्थित है जहाँ से 'रामगंगा नदी' प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वायुदाब पेटियों (Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल (Troposphere) की मोटाई विषुवत वृत्त (Equator) पर सबसे अधिक होती है, क्योंकि यहाँ तीव्र संवहन धाराओं (Convection currents) के कारण गर्म हवा ऊपर उठती है, जबकि ध्रुवों पर अत्यधिक ठंड और संकुचन के कारण यह सबसे पतला होता है।
2. समतापमंडल (Stratosphere) में स्थित ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करती है, जिसके कारण इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में कमी आने के बजाय तीव्र वृद्धि होने लगती है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts), जिन्हें 'अश्व अक्षांश' (Horse Latitudes) भी कहा जाता है, थर्मल रूप से प्रेरित (Thermally induced) पेटियाँ हैं जो अत्यधिक उच्च तापमान के कारण हवा के गर्म होकर ऊपर उठने से बनती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आयनमंडल (Ionosphere) में स्थित 'ई-परत' (Kennelly-Heaviside layer) पृथ्वी से भेजी जाने वाली रेडियो तरंगों को वापस धरातल पर परावर्तित करती है, जिससे लंबी दूरी के बेतार संचार (Wireless communication) को संभव बनाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और विभिन्न भू-वैज्ञानिक परतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मोहरोविक असांतत्य' (Mohorovicic Discontinuity) भूपर्पटी (Crust) और ऊपरी मेंटल के बीच स्थित है, जहाँ से प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) के वेग में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
2. 'ग्यूटेनबर्ग असांतत्य' (Gutenberg Discontinuity) निचली मेंटल और बाह्य क्रोड के बीच की सीमा को स्पष्ट करता है, और इस रेखा को पार करते समय द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं क्योंकि बाह्य क्रोड तरल अवस्था में है।
3. 'लेहमान असांतत्य' (Lehmann Discontinuity) पृथ्वी के बाह्य क्रोड और आंतरिक क्रोड के बीच स्थित है, जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति में परिवर्तन होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रस्ट (भूपर्पटी) में भार के अनुसार सर्वाधिक प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व 'सिलिकॉन' है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी की रासायनिक संरचना में सबसे अधिक 'लोहा' पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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