BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
20 views

भारत के भौगोलिक विस्तार, सीमा रेखाओं और अक्षांश-देशांतर स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत का मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तरी अक्षांशों के बीच तथा 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्वी देशांतरों के बीच स्थित है, जिसके कारण देश का अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार लगभग 30° का है, फिर भी पूर्व-पश्चिम का वास्तविक भौतिक विस्तार उत्तर-दक्षिण की लंबाई की तुलना में कम प्रतीत होता है।
  2. 2. 'मानक मध्याह्न रेखा' (82°30' पूर्वी देशांतर) भारत के कुल पाँच राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है, तथा यह रेखा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर और उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (नैनी) से होकर गुजरती है।
  3. 3. भारत की कुल स्थलीय सीमा लगभग 15,200 किलोमीटर है, जो सात देशों (पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश) के साथ लगती है, जिसमें सबसे लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश के साथ और सबसे छोटी सीमा अफगानिस्तान के साथ साझा होती है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कर्क रेखा (23°30' उत्तरी अक्षांश) भारत के लगभग बीचों-बीच से गुजरती है और यह देश के कुल 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से होकर गुजरती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: भारत का मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तथा देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है। अक्षांशीय व देशांतरीय विस्तार दोनों लगभग 30° के हैं, किंतु ध्रुवों की ओर देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी कम होने के कारण पूर्व-पश्चिम की वास्तविक भौतिक चौड़ाई (लगभग 2933 किमी) उत्तर-दक्षिण लंबाई (लगभग 3214 किमी) से कम है। कथन 2 गलत है: 82°30' पूर्वी देशांतर को भारत की मानक समय रेखा माना जाता है, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल 5 राज्यों से गुजरती है, किंतु छत्तीसगढ़ में यह सूरजपुर से नहीं बल्कि कोरिया, बलरामपुर और सूरजपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों से गुजरते हुए आगे बढ़ती है (मुख्य रूप से बलौदा बाजार, महासमुंद, गरियाबंद आदि जिलों को स्पर्श करती है, और मिर्जापुर नैनी इसका मुख्य पारंपरिक संदर्भ बिंदु है)। अधिक सटीक रूप से, छत्तीसगढ़ का सूरजपुर मानक रेखा पर सीधे स्थित नहीं है। कथन 3 सही है: भारत की कुल स्थलीय सीमा लगभग 15,200 किमी है, जो 7 पड़ोसी देशों से मिलती है। सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश (लगभग 4096.7 किमी) के साथ और सबसे छोटी सीमा अफगानिस्तान (लगभग 106 किमी) के साथ पीओके क्षेत्र में लगती है। कथन 4 सही है: विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कर्क रेखा देश के मध्य से गुजरती है और इसके दायरे में आने वाले 8 राज्य गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम हैं। अतः कथन 1, 3 और 4 सही हैं।
Share:

Related Questions

→ सौर मंडल, ग्रहों की गति और खगोलीय पिंडों (Asteroids, Comets and Meteoroids) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच स्थित क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) के अधिकांश पिंडों का उद्गम मुख्य रूप से एक पूर्ण ग्रह के टूटने से हुआ था, जो बृहस्पति के शक्तिशाली ज्वारीय गुरुत्वाकर्षण बलों के कारण बिखर गया था। 2. 'क्यूपर बेल्ट' (Kuiper Belt) नेपच्यून की कक्षा के परे सूर्य से लगभग 30 AU से 50 AU की दूरी तक फैली हुई एक तश्तरीनुमा डिस्क है, जो कम अवधि वाले धूमकेतुओं (Short-period Comets) का प्रमुख स्रोत है और इसी क्षेत्र में बौना ग्रह 'प्लूटो' स्थित है। 3. उल्कापिंड (Meteoroids) जब पृथ्वी के वायुमंडल में अत्यधिक वेग से प्रवेश करते हैं, तो वायुमंडलीय घर्षण के कारण जलकर चमकने लगते हैं, जिन्हें 'टूटता तारा' या उल्का (Meteor) कहा जाता है, और जो टुकड़े बिना पूरी तरह जले पृथ्वी की सतह पर गिरते हैं, उन्हें उल्कापिंड (Meteorites) कहा जाता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार हमारे सौर मंडल के सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा पश्चिम से पूर्व की ओर (वामावर्त या Counter-clockwise) करते हैं, और शुक्र (Venus) तथा अरुण (Uranus) को छोड़कर सभी ग्रहों का घूर्णन (Rotation) भी इसी दिशा में होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारतीय मृदाओं (मिट्टी) के वर्गीकरण, उनकी रासायनिक विशेषताओं और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) देश के कुल क्षेत्रफल का सबसे बड़ा हिस्सा घेरती है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से नदियों द्वारा लाई गई तलछट के निक्षेपण से होता है, और इसमें खादर मृदा पुरानी जलोढ़ होती है जिसमें कंकड़ या कैल्सियम कार्बोनेट ग्रंथियों की प्रचुरता पाई जाती है। 2. काली मृदा (Black Soil), जिसे 'रेगुर मृदा' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप क्षेत्र में बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से बनती है, और इसमें अत्यधिक आर्द्रता होने पर यह चिपचिपी हो जाती है तथा सूखने पर इसमें चौड़ी और गहरी दरारें पड़ जाती हैं, जिससे इसमें स्वतः जुताई (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है। 3. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) का विकास मानसूनी जलवायु के अंतर्गत उच्च तापमान और भारी वर्षा के बीच वैकल्पिक रूप से शुष्क और आर्द्र स्थितियों के दौरान तीव्र निक्षालन (Leaching) के फलस्वरूप होता है, जिसमें सिलिका का पूर्णक्षय हो जाता है और केवल आयरन व एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बचते हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शुष्क और मरुस्थलीय मृदाओं (Arid Soils) में घुलनशील लवणों और फॉस्फोरस की अधिकता होती है, जबकि नाइट्रोजन की कमी पाई जाती है और कैल्सियम की मात्रा नीचे की परतों में बढ़ने के कारण कंकड़ की परत बन जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में गोंडवाना युगीन कोयला मुख्य रूप से दामोदर, सोन, महानदी और गोदावरी नदी घाटियों में पाया जाता है, और देश का अधिकांश कोकिंग कोयला इसी क्षेत्र से प्राप्त होता है। 2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) अपतटीय क्षेत्र में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस का उत्पादन मुख्य रूप से मध्य-इयोसिन से लेकर ऑलिगोसीन युग की चूना पत्थर (Limestone) संरचनाओं से होता है। 3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में प्रयुक्त होने वाला 'थोरियम' मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की बालू में पाई जाने वाली 'मोनाज़ाइट' (Monazite) रेत से प्राप्त किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → पृथ्वी के प्रमुख उच्चावच स्वरूपों, यथा पर्वतों, पठारों, मैदानों और मरुस्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर एंडीज पर्वतमाला और प्रशांत महासागर के बीच स्थित एक शुष्क और वर्षाछाया प्रभाव वाला मरुस्थल है, जो विश्व के सबसे शुष्क स्थानों में से एक माना जाता है और यहाँ नाइट्रेट के विशाल भंडार पाए जाते हैं। 2. 'पामीर का पठार' (Pamir Knot) को 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है, जो एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है और यह तियान शान, काराकोरम, कुनलन तथा हिंदूकुश पर्वतमालाओं का संगम स्थल है। 3. 'ब्लैक फॉरेस्ट' (Black Forest) और 'वास्जेस' (Vosges) पर्वत ब्लॉक पर्वतों (Block Mountains / Horsts) के प्रमुख उदाहरण हैं, जो विवर्तनिक ताकतों के कारण उत्पन्न भ्रंशण (Faulting) प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप राइन नदी घाटी के दोनों किनारों पर विकसित हुए हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार गोबी मरुस्थल एशिया का एक विशाल शीत मरुस्थल है, जो मंगोलिया के अधिकांश भाग और चीन के उत्तरी क्षेत्रों में फैला हुआ है, और यह मरुस्थल मुख्य रूप से उच्च अक्षांशी स्थिति तथा हिमालय पर्वत द्वारा मानसूनी हवाओं के रोके जाने के कारण बनने वाले वर्षाछाया प्रभाव के अंतर्गत आता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाशीलता और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पी-वेव्स' (प्राथमिक तरंगें) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं, जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'एस-वेव्स' (द्वितीयक तरंगें) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होने के कारण केवल ठोस माध्यम से ही प्रवाहित हो सकती हैं। 2. 'शिल्ड ज्वालामुखी' (Shield Volcanoes) मुख्य रूप से बेसाल्टिक लावा के अत्यधिक तरल और कम चिपचिपे होने के कारण फैलकर कम ढाल वाले विशाल गुंबद बनाते हैं, और हवाई द्वीप समूह के ज्वालामुखी इसी श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। 3. 'सुनामी' तरंगें महासागर के गहरे जल में प्रवेश करते ही अपनी गति और ऊँचाई दोनों में अत्यधिक वृद्धि कर लेती हैं, क्योंकि खुले समुद्र में इनकी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) बहुत कम और वेग न्यूनतम होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.