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Geography
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपात और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. चिलिका झील (Chilika Lake) ओडिशा राज्य में स्थित भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून झील है, जो महानबी और रुशिकुल्या नदियों के बीच स्थित है तथा सर्दियों के मौसम में यहाँ साइबेरियाई पक्षी बड़ी संख्या में प्रवास करके आते हैं।
  2. 2. 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls), जो कर्नाटक के शिमोगा जिले में वाराही नदी पर स्थित है, भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात (लगभग 455 मीटर) माना जाता है, जबकि शरावती नदी पर स्थित 'जोग जलप्रपात' भारत का सबसे ऊँचा मुक्त रूप से गिरने वाला एकल-बूंद जलप्रपात है।
  3. 3. दामोदर घाटी निगम (DVC) भारत की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है, जिसे अमेरिका की 'टेनेसी वैली अथॉरिटी' (TVA) की त पर 1948 में स्थापित किया गया था, और এর मुख्य उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई तथा जलविद्युत उत्पादन था।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार लोनार झील (Lonar Lake) महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में दक्कन ट्रैप के बेसाल्ट चट्टानों पर उल्कापिंड के प्रभाव (Meteorite Impact) से बनी एक क्रेटर झील है, जिसे रामसर साइट के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए कथनों में कथन 1, 3 और 4 सही हैं, जबकि कथन 2 में तकनीकी अशुद्धि है। कुंचिकल जलप्रपात भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, लेकिन जोग जलप्रपात (गेरसोप्पा) भारत का सबसे ऊँचा सीधा (मुक्त रूप से गिरने वाला) जलप्रपात नहीं है बल्कि नोकलिकाई (मेघालय) या थैयायर जलप्रपात को अधिक ऊँचा माना जाता है, और जोग जलप्रपात शरावती नदी पर स्थित है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में भौगोलिक विविधताओं के कारण झीलों और जलप्रपातों की एक विस्तृत श्रृंखला पाई जाती है।
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भारत के भौगोलिक विस्तार, भू-आकृतिक सीमाओं और देशांतरीय एवं अक्षांशीय स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश के बीच है, और भूमध्य रेखा से उत्तर की ओर स्थित होने के कारण पूरा देश उत्तरी गोलार्ध में स्थित है, जबकि ग्रीनविच रेखा के पूर्व में स्थित होने के कारण यह पूर्वी गोलार्ध में आता है। 2. भारत का देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर तक है, जिसके कारण देश के सबसे पश्चिमी छोर (गुहार मोती, गुजरात) और सबसे पूर्वी छोर (किबुथु, अरुणाचल प्रदेश) के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर पाया जाता है। 3. भारत की स्थलीय सीमा लगभग 15,106.7 किमी है जो सात देशों से लगती है, जिसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ और सबसे छोटी सीमा म्यांमार के साथ साझा होती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और देश के कुल आठ राज्यों से होकर निकलती है, जिसमें राजस्थान और मिजोरम भी शामिल हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? विश्व के देशों, उनकी राजधानियों और सीमाओं के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. उरुग्वे - मोंटेवीडियो (यह देश ब्राजील और अर्जेंटीना के साथ अपनी सीमा साझा करता है) 2. कजाकिस्तान - अस्ताना (यह देश उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और रूस के साथ अपनी सीमा साझा करता है, लेकिन इसका कैस्पियन सागर से कोई संपर्क नहीं है) 3. मंगोलिया - उलानबटार (यह एक भूआवेष्टित देश है जो रूस और चीन के बीच स्थित है) 4. पराग्वे - असुन्सिओन (यह दक्षिण अमेरिका का एक स्थलावरुद्ध देश है जो बोलीविया, ब्राजील और अर्जेंटीना से घिरा है) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? भारत की प्रमुख पर्वत श्रेणियों, उनकी संरचनात्मक विशेषताओं और घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पीर पंजाल श्रेणी' (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (या मध्य हिमालय) की सबसे लंबी और सबसे महत्वपूर्ण श्रेणी है, जो मुख्य रूप से कश्मीरी चूना पत्थर, ट्रैप और ईओसीन चट्टानों से बनी है और इसी श्रेणी में प्रसिद्ध 'बनिहाल दर्रा' स्थित है जो जम्मू को श्रीनगर से जोड़ता है। 2. 'महान हिमालय' (Greater Himalaya) या हिमाद्रि आंतरिक हिमालय का सबसे उत्तरी भाग है, जो लगभग सतत रूप से फैली एक प्राचीन वलित पर्वत श्रृंखला है और इसका कोर (Core) मुख्य रूप से ग्रेनाइट और नाइस (Gneiss) जैसी कायांतरित चट्टानों से निर्मित है। 3. 'स्पीति घाटी' (Spiti Valley) और 'लाहौल घाटी' (Lahaul Valley) ट्रांस-हिमालय और महान हिमालय के बीच स्थित शुष्क ठंडे मरुस्थल क्षेत्र हैं, जिनका निर्माण और जल निकासी मुख्य रूप से 'चिनाव' और उसकी सहायक नदियों द्वारा होती है। 4. 'साइलेंट वैली' (Silent Valley) या 'शांत घाटी' दक्षिण भारत की नीलगिरी पहाड़ियों के अंतर्गत कुंथिपुझा नदी बेसिन में स्थित उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षावनों की एक अद्वितीय घाटी है, जिसका निर्माण विवर्तनिक धंसान (Tectonic Subsidence) के कारण हुआ है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारत की पर्वत श्रेणियाँ, उनकी भू-आकृतिक संरचना और प्रमुख घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पीर पंजाल श्रेणी' लघु हिमालय (Himachal/Lesser Himalayas) की सबसे लंबी और सबसे महत्वपूर्ण श्रृंखला है, जो मुख्य रूप से ज्वालामुखी मूल की बेसाल्टिक चट्टानों और जलोढ़ अवसादों से निर्मित है, तथा यह कश्मीर घाटी को पीर पंजाल दर्रे के माध्यम से पुंछ और राजौरी से जोड़ती है। 2. 'नुबरा घाटी' (Nubra Valley) काराकोरम और लद्दाख श्रेणियों के बीच श्योक नदी की सहायक नुबरा नदी द्वारा निर्मित एक उच्च-तुंगता (High-altitude) वाली घाटी है, जिसे सियाचिन ग्लेशियर का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। 3. 'स्पीति घाटी' (Spiti Valley) हिमाचल प्रदेश के लाहुल और स्पीति जिले में ट्रांस-हिमालय क्षेत्र के अंतर्गत स्थित एक शुष्क शीत मरुस्थलीय घाटी है, जिससे होकर स्पीति नदी प्रवाहित होती है और यह तिब्बत की सीमा के निकट स्थित है। 4. 'काठगोदाम घाटी' या 'दून घाटियाँ' (Duns) महान हिमालय और शिवालिक श्रेणी के बीच पाई जाने वाली अनुदैर्ध्य (Longitudinal) घाटियाँ हैं, जो बजरी और जलोढ़ अवसादों (Alluvium) से ढकी हुई हैं और कृषि के लिए अत्यधिक उपजाऊ मानी जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पृथ्वी के वायुमंडल, उसकी तापीय संरचना और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊंचाई के साथ तापमान में गिरावट की सामान्य दर (Normal Lapse Rate) लगभग 6.5°C प्रति 1000 मीटर होती है, और इस परत की ऊपरी सीमा 'क्षोभसीमा' पर तापमान ध्रुवों के ऊपर सबसे कम होता है। 2. आयनमंडल (Ionosphere) में रेडियो तरंगें पृथ्वी की सतह से परावर्तित होकर वापस लौटती हैं, क्योंकि इस परत में गैसों के अणु सौर विकिरण के कारण आयनित (Ionised) हो जाते हैं, और इस क्षेत्र में तापमान ऊंचाई के साथ तेजी से घटता है। 3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) मुख्य रूप से गतिजन्य कारणों (Dynamically Induced) से उत्पन्न होती हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन और भूमध्य रेखा से उठने वाली गर्म हवाओं के ठंडे होकर उपोष्ण कटिबंधों (लगभग 30°-35° अक्षांश) में नीचे बैठने के कारण बनती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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