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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, मैग्मा के शीतलन और चट्टानों के चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पैटालिथ (Batholith) और लैकोलित (Laccolith) अंतर्भेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टानों के प्रमुख रूप हैं, जहाँ पैटालिथ मैग्मा का एक विशाल गुंबदाकार पिंड है जो गहराई में ठंडा होकर बनता है, जबकि लैकोलित गुंबद के आकार की उत्तल (Convex) संरचना होती है जो तलछटी परतों के बीच मैग्मा के क्षैतिज रूप से फैलने से बनती है।
  2. 2. रूपांतरण (Metamorphism) की प्रक्रिया के दौरान, क्षेत्रीय रूपांतरण (Regional Metamorphism) अत्यधिक दाब और विवर्तनिक बलों के कारण बड़े क्षेत्रों में होता है, जिससे चट्टानों में पत्रण (Foliation) या विदलन की विशेषता उत्पन्न होती है, जैसा कि ग्रेनाइट के रूपांतरण से 'नीस' (Gneiss) के बनने में देखा जाता है।
  3. 3. बेसाल्टिक लावा के अत्यधिक क्षैतिज प्रवाह (Fissure eruption) के ठंडे होने से दक्कन ट्रैप जैसी 'बेसाल्टिक' और 'गैब्रो' जैसी चट्टानों का निर्माण होता है, जिनमें सिलिका की मात्रा कम और फेरो-मैग्नीशियम खनिजों की अधिकता होती है, जिसके कारण ये चट्टानें गहरे रंग की और भारी होती हैं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) पृथ्वी के क्रस्ट के कुल क्षेत्रफल का लगभग 75% भाग आच्छादित करती हैं, किंतु द्रव्यमान (Mass) के दृष्टिकोण से भूपर्पटी का अधिकांश भाग आग्नेय और रूपांतरित चट्टानों से बना हुआ है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1. पैटालिथ (Batholith) गहराई में मैग्मा के ठंडा होने से बना विशालकाय अंतर्भेदी पिंड है और लैकोलित (Laccolith) गुंबदाकार अंतर्भेदी आग्नेय संरचना है। 2. क्षेत्रीय रूपांतरण विवर्तनिक दबाव के कारण होता है जिससे ग्रेनाइट 'नीस' में और बलुआ पत्थर 'क्वाट्र्जाइट' में बदल जाता है, जिसमें पत्रण (Foliation) स्पष्ट दिखाई देता है। 3. बेसाल्ट और गैब्रो बेसिक या मैफिक आग्नेय चट्टानें हैं जिनमें सिलिका की मात्रा कम (लगभग 45-55%) और भारी खनिज जैसे लोहा व मैग्नीशियम अधिक होते हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, यद्यपि अवसादी चट्टानें सतह पर सर्वाधिक क्षेत्रफल घेरती हैं, किंतु कुल भूपर्पटी (Crust) के द्रव्यमान का लगभग 95% हिस्सा आग्नेय और रूपांतरित चट्टानों से निर्मित है।
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'गुटेनबर्ग असंतुलन' (Gutenberg Discontinuity) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल को अलग करता है, तथा इस गहराई पर पहुँचकर द्वितीयक (S) भूकंपीय तरंगें पूर्णतः विलुप्त हो जाती हैं क्योंकि यह क्षेत्र तरल अवस्था में है। 3. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) पृथ्वी के आंतरिक भाग से पिघले हुए मैग्मा के ठंडे होने और जमने से बनती हैं, और इनमें जीवाश्म (Fossils) का पूर्ण अभाव होता है, जबकि अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) परतों के रूप में पाई जाती हैं और इनमें जीवाश्म प्रचुरता से मिलते हैं। 4. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप (Temperature) और दाब (Pressure) के प्रभाव से अपने मूल रूप या संरचना में परिवर्तन के फलस्वरुप बनती हैं, और इस प्रक्रिया में चूना पत्थर का संगमरमर में कायांतरण इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों (Biosphere Reserves), वन्यजीव अभ्यारण्यों और बायोम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत सरकार द्वारा अब तक कुल 18 जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves) स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 'नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र' (Nilgiri Biosphere Reserve) देश का पहला आरक्षित क्षेत्र था, जिसे यूनेस्को (UNESCO) के 'मैन एंड बायोस्फेयर' (MAB) प्रोग्राम के तहत विश्व नेटवर्क में सबसे पहले शामिल किया गया था। 2. 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