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Geography
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भारत के परिवहन तंत्र और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (DFCCIL) के तहत निर्मित 'पूर्वी समर्पित माल गलियारा' (Eastern DFC) लुधियाना (पंजाब) से शुरू होकर दानकुनी (पश्चिम बंगाल) तक जाता है, जो मुख्य रूप से कोयला, इस्पात और खाद्यान्न के तीव्र परिवहन को सुगम बनाता है।
- 2. भारत का 'राष्ट्रीय जलमार्ग 2' (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के बीच लगभग 891 किलोमीटर की लंबाई में स्थित है, और इसे वर्ष 1988 में राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया था।
- 3. 'विशाखापत्तनम स्टील प्लांट' (RINL) भारत का पहला तटवर्ती (Coast-based) इस्पात संयंत्र है, जिसे आयातित कोकिंग कोल और रणनीतिक बंदरगाह अवसंरचना का प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग वर्तमान में NH-44 है, जो उत्तर में श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किलोमीटर की दूरी तय करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। (1) पूर्वी समर्पित माल गलियारा (Eastern DFC) लुधियाना से दानकुनी तक फैला है। (2) राष्ट्रीय जलमार्ग-2 ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के मध्य स्थित है। (3) विशाखापत्तनम स्टील प्लांट देश का प्रथम तटवर्ती इस्पात कारखाना है। (4) विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार NH-44 भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है।
Related Questions
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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक गलियारों और परिवहन नेटवर्क (राष्ट्रीय राजमार्ग, समर्पित माल गलियारे और अंतर्देशीय जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'स्वर्णिम चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना भारत के चार महानगरों—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ने वाली छह-लेन वाली राष्ट्रीय राजमार्गों की एक प्रणाली है, जिसका क्रियान्वयन और प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
2. पूर्वी समर्पित माल गलियारा (Eastern Dedicated Freight Corridor - EDFC) पंजाब के लुधियाना से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के दानकुनी तक जाता है, और यह मुख्य रूप से कोयला, इस्पात और भारी औद्योगिक वस्तुओं के परिवहन के लिए डिज़ाइन किया गया है।
3. राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1), जो देश का सबसे लंबा अंतर्देशीय जलमार्ग है, गंगा नदी प्रणाली के अंतर्गत हल्दिया से प्रयागराज के मध्य अवस्थित है।
4. दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) परियोजना भारत और जापान के सहयोग से विकसित की जा रही एक मेगा अवसंरचना परियोजना है, जो पश्चिमी समर्पित माल गलियारे (WDFC) के प्रभाव क्षेत्र के दोनों किनारों पर औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व के महाद्वीपों, देशों, प्रमुख जलडमरूमध्यों और अंतर्देशीय सीमाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मैगेलन जलडमरूमध्य' (Strait of Magellan) दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के मुख्य भूभाग और टिएरा डेल फुएगो द्वीप समूह के बीच स्थित एक नौगम्य जलमार्ग है, जो प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर को आपस में जोड़ता है।
2. 'कांगो गणराज्य' और 'डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो' (DRC) दोनों अफ्रीकी देश भूमध्य रेखा (Equator) पर स्थित हैं, तथा इन दोनों देशों की राजधानियाँ (ब्राज़ाविले और किंशासा) कांगो नदी के तट पर आमने-सामने स्थित दुनिया की सबसे नजदीक की राजधानियों में से एक हैं।
3. 'दक्षिण अमेरिका' महाद्वीप में 'इक्वाडोर' (Ecuador) और 'चिली' (Chile) ऐसे दो देश हैं जिनकी सीमाएँ महाद्वीप के सबसे बड़े देश ब्राजील (Brazil) के साथ बिल्कुल भी स्पर्श नहीं करती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'डूरंड रेखा' (Durand Line) वर्तमान में मुख्य रूप से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों के संचरण और चट्टानों के भौतिक-रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लेहमान असंतोषह' (Lehmann Discontinuity) पृथ्वी के बाहरी क्रोड और आंतरिक क्रोड के बीच स्थित है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक वृद्धि होती है, जो आंतरिक क्रोड के ठोस होने का मुख्य प्रमाण देती है।
2. आग्नेय चट्टानों के अंतर्गत 'बैथोलिथ' (Batholiths) एक विशाल अंतर्भेदी (Intrusive) आग्नेय भू-आकृति है, जिसका निर्माण मैग्मा के धरातल के काफी नीचे बड़े पैमाने पर ठंडे होने से होता है और यह ग्रेनाइट चट्टानों के रूप में अपरदन के बाद प्रकट होती है।
3. 'मेटामॉर्फिज्म' या कायांतरण प्रक्रिया के दौरान, शेल (Shale) का रूपांतरण स्लेट (Slate) में, ग्रेनाइट का रूपांतरण नाइस (Gneiss) में तथा कोयले (Bituminous Coal) का रूपांतरण ग्रेफाइट या हीरे में होता है, जो क्षेत्रीय (Regional) कायांतरण के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रस्ट (Crust) और मैन्टल के बीच की सीमा को 'मोहरोविक असंतोषह' (Mohorovicic Discontinuity) कहा जाता है, जहाँ से भूकंपीय तरंगों (P-waves) की वेग में अचानक तीव्र कमी आ जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल के भौगोलिक स्वरूप तथा उनकी उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में एंडीज पर्वतमाला (Andes Mountains) विश्व की सबसे लंबी वलित पर्वत श्रृंखला है, जिसका निर्माण नाज़का प्लेट (Nazca Plate) और दक्षिण अमेरिकी प्लेट (South American Plate) के अभिसरण (Convergence) के परिणामस्वरुप हुआ है।
2. 'पामीर का पठार' (Pamir Knot), जिसे 'विश्व की छत' कहा जाता है, एक अंतरपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) है जो टैन शान, कुतुन और हिन्दुकुश जैसी महान पर्वत श्रृंखलाओं को आपस में जोड़ता है।
3. ऑस्ट्रेलिया का 'ग्रेट विक्टोरिया मरुस्थल' एक उष्णकटिबंधीय शीत-प्रकार का मरुस्थल है, जो मुख्य रूप से व्यापारिक पवनों के अवरोही (Descending) स्वभाव और तटवर्ती ठंडी 'वेस्ट ऑस्ट्रेलियन करेंट' के प्रभाव के कारण अत्यधिक शुष्क बना हुआ है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार तिब्बत का पठार विश्व का सबसे ऊँचा और सबसे बड़ा 'ज्वालामुखी पठार' (Volcanic Plateau) है, जिसका निर्माण व्यापक बेसाल्टिक लावा के क्षैतिज उद्गार से हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में ऊर्जा खनिजों, कोयला भंडारों और परमाणु ऊर्जा से जुड़े निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में टर्शरी कोयला (Tertiary Coal) के प्रमुख भंडार मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में पाए जाते हैं, और इन कोयलों में गंधक (Sulphur) की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है।
2. देश में लिग्नाइट (Brown Coal) का सबसे बड़ा भंडार तमिलनाडु के नेवेली क्षेत्र में स्थित है, जिसका उपयोग बड़े पैमाने पर तापीय विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है।
3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों में उपयोग किए जाने वाले 'प्रेशरयुक्त भारी पानी रिएक्टर' (PHWR) प्राकृतिक यूरेनियम को ईंधन के रूप में उपयोग करते हैं और मंदक (Moderator) तथा शीतक (Coolant) दोनों के रूप में भारी पानी का उपयोग करते हैं।
4. देश में यूरेनियम के प्रमाणित भंडार केवल झारखंड के सिंहभूम क्षेत्र और आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ले क्षेत्र तक सीमित हैं, और भारत के किसी भी अन्य राज्य में यूरेनियम अयस्क के भंडार नहीं खोजे गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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