त्वरित लिंक्स
Geography
12 views
पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों—पर्वतों, पठारों, मैदानों और मरुस्थलों—की उत्पत्ति और विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'अनातोलिया का पठार' (Anatolian Plateau) तुर्की में स्थित एक अंतःप्रतीय (Intermontane) पठार है, जो उत्तर में पोंटिक और दक्षिण में टॉरस पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित है, तथा यह मुख्य रूप से शुष्क और अर्द्ध-शुष्क जलवायु वाला एक विवर्तनिक रूप से सक्रिय पठार है।
- 2. 'ग्रेट विक्टोरिया मरुस्थल' (Great Victoria Desert) ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय मरुस्थल है, जो मुख्य रूप से एक बालुकास्तूप (Sandy) और बजरी युक्त रेगिस्तान है, और यह उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटी के अवतलन (Subsidence) तथा महाद्वीपीयता के प्रभाव के कारण विकसित हुआ है।
- 3. 'हंगरी का मैदान' (Hungarian Plain या Pannonian Basin) एक संरचनात्मक बेसिन मैदान (Structural Plain) का सर्वोत्तम उदाहरण है, जो चारों ओर से युवा वलित पर्वतों (कार्पेथियन और आल्प्स) से घिरा हुआ है और इसे डेन्यूब तथा उसकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए अवसादों से पाटा गया है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'कोलोरैडो का पठार' (Colorado Plateau) एक लावा निर्मित पठार (Lava Plateau) है, जहाँ अपरदन की तीव्र क्रियाओं के कारण विश्वप्रसिद्ध 'ग्रैंड कैनियन' का निर्माण हुआ है तथा यह पपड़ी के क्षैतिज उत्थान (Epeirogenic uplift) का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सही हैं, जबकि कथन 4 गलत है।
- **कथन 1 सही है:** अनातोलिया का पठार (Anatolian Plateau) तुर्की के मध्य भाग में स्थित एक अंतःप्रतीय पठार है, जो पोंटिक और टॉरस पर्वतों के बीच घिरे होने के कारण विवर्तनिक रूप से अत्यधिक सक्रिय और भूकंपीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
- **कथन 2 सही है:** ग्रेट विक्टोरिया मरुस्थल ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान है, जो उपोष्ण कटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियों के नीचे उतरने वाली शुष्क हवाओं (अवतलन) और ठंडी धाराओं के प्रभाव के बिना मुख्य रूप से महाद्वीपीय शुष्कता के कारण निर्मित हुआ है।
- **कथन 3 सही है:** पन्नोनियन बेसिन या हंगरी का मैदान एक अंतःपर्वतीय संरचनात्मक मैदान है जो टेथिस सागर के अवशेष के रूप में या पर्वत निर्माण के समय धंसे हुए बेसिन में नदीय निक्षेपों के भरने से बना है।
- **कथन 4 गलत है:** कोलोरैडो का पठार कोई 'लावा निर्मित पठार' (Lava Plateau) नहीं है, बल्कि यह एक विशाल 'विवर्तनिक व उच्चीकृत पठार' (Epeirogenic uplifted plateau) है जो मुख्य रूप से अवसादी चट्टानों (Sedimentary rocks) से बना है, जिस पर नदीय अपरदन के कारण ग्रैंड कैनियन का निर्माण हुआ है। लावा पठार का उत्कृष्ट उदाहरण कोलंबिया का पठार या दक्कन का ट्रैप है।
विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पठारों को उनके भौगोलिक और विवर्तनिक परिवेश के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
Related Questions
→
भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, परिवहन नेटवर्क (सड़क, रेल और जलमार्ग) तथा बंदरगाहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'स्वर्ण चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना देश के चार महानगरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता) को जोड़ने वाली छह-लेन वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 5,846 किलोमीटर है।
2. देश का पहला कृत्रिम और खुला तटीय बंदरगाह 'चेन्नई बंदरगाह' है, जबकि 'विशाखापत्तनम बंदरगाह' देश का सबसे गहरा और एक प्राकृतिक भूमि-आबद्ध (Landlocked) बंदरगाह है जो डॉल्फ़िन नोज पहाड़ी के पीछे सुरक्षित है।
3. भारत का 'राष्ट्रीय जलमार्ग-2' (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के बीच लगभग 891 किलोमीटर की लंबाई में स्थित है, और यह पूर्वोत्तर राज्यों के आंतरिक जल परिवहन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की पहली रेलगाड़ी वर्ष 1853 में बॉम्बे (अब मुंबई) से ठाणे के बीच चलाई गई थी, जबकि देश का सबसे लंबा रेल मार्ग 'विवेक एक्सप्रेस' डिब्रूगढ़ (असम) से कन्याकुमारी (तमिलनाडु) के बीच संचालित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में 'हिमालयी नदियों' और 'प्रायद्वीपीय नदियों' की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ अपने उद्गम स्थल से लेकर समुद्र में मिलने तक युवा, परिपक्व और जीर्ण - सभी अवस्थाओं से गुजरती हैं तथा अपने मार्ग में विशाल गार्ज, महाखड्ड (Canyons) और विसर्पण (Meandering) जैसी स्थलाकृतियों का निर्माण करती हैं।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ एक सुविकसित और प्राचीन आधार तल (Base level) को प्राप्त कर चुकी हैं, जिसके कारण इनकी घाटियाँ चौड़ी, उथली और प्रवणता-रहित होती हैं, तथा ये अपने मुहाने पर केवल ज्वारनदमुख (Estuaries) का निर्माण करती हैं, कभी भी डेल्टा नहीं बनातीं।
3. कोसी और दामोदर जैसी नदियाँ अपने मार्ग परिवर्तन और भयंकर बाढ़ के लिए कुख्यात हैं, जिनमें कोसी नदी को अपने मार्ग बदलने की प्रवृत्ति के कारण 'बिहार का शोक' कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और उनमें स्थित प्रसिद्ध घाटियों (Valleys) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'चुम्बी घाटी' (Chumbi Valley) एक सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण घाटी है जो भारत, भूटान और चीन (तिब्बत) के त्रिसंधि (Tri-junction) के पास स्थित है और नाथू ला दर्रे के समीप हिमालयी क्षेत्र में प्रवेश का मार्ग प्रदान करती है।
2. 'मार्कहा घाटी' (Markha Valley) लद्दाख क्षेत्र में स्थित एक शुष्क और शीत मरुदद्यान जैसी घाटी है, जो हेमिस राष्ट्रीय उद्यान (Hemis National Park) के भीतर से होकर गुजरती है और पर्वतारोहियों के बीच ट्रेकिंग के लिए प्रसिद्ध है।
3. 'शांत घाटी' (Silent Valley) केरल के पलक्कड़ जिले में नीलगिरी पहाड़ियों के दक्षिण-पश्चिम भाग में स्थित एक उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षावन घाटी है, जो सदाबहार शेनकोट्टा दर्रे के उत्तर में स्थित है और शेर-पूंछ वाले मकाक (Lion-tailed Macaque) के प्राकृतिक आवास के रूप में जानी जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पीर पंजाल और मुख्य हिमालय के मध्य स्थित 'कश्मीर घाटी' (Kashmir Valley) एक प्रकार की विवर्तनिक (Tectonic) घाटी है, जिसके तल में प्राचीन झील के निक्षेपण पाए जाते हैं जिन्हें 'करेवा' (Karewas) कहा जाता है और ये जाफरान (केसर) की खेती के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
जेट स्ट्रीम (Jet Streams), वायुमंडलीय परिसंचरण और चक्रवातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम' (Polar Front Jet Stream) का निर्माण अत्यधिक ठंडी ध्रुवीय हवाओं और गर्म उष्णकटिबंधीय हवाओं के मिलने से बने वाताग्र (Front) के ऊपर क्षोभसीमा के पास होता है, जो मध्य अक्षांशों में मौसम प्रणालियों और चक्रवातों के मार्ग को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2. 'रॉस्बी तरंगें' (Rossby Waves) ऊपरी क्षोभमंडल में बहने वाली लंबी और घुमावदार तरंगें हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन (कोरिऑलिस बल) के प्रभाव से उत्पन्न होती हैं और वैश्विक स्तर पर मौसम के मिजाज, दाब पेटियों के विस्थापन तथा जेट स्ट्रीम के विन्यासों के लिए उत्तरदायी होती हैं।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान न्यूनतम 20°C होना आवश्यक है, और इनकी उत्पत्ति के लिए कोरिऑलिस बल का शून्य होना (अर्थात विषुवत रेखा पर) सबसे अनुकूल दशा प्रदान करता है।
4. 'फ्यूजीहारा प्रभाव' (Fujiwara Effect) तब देखा जाता है जब दो उष्णकटिबंधीय चक्रवात एक-दूसरे के अत्यधिक समीप आते हैं और वे एक साझा केंद्र के चारों ओर चक्कर लगाने लगते हैं या अंततः एक-दूसरे में विलीन हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत की 2011 की जनगणना और मानवाजातियों (Tribes/Ethnic groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार देश की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) का कुल जनसंख्या के प्रतिशत के आधार पर 'मिजोरम' राज्य शीर्ष पर है, जहाँ कुल आबादी का लगभग 94.4% हिस्सा जनजातीय है, जबकि абсолюत (Absolute) संख्या के मामले में मध्य प्रदेश राज्य पहले स्थान पर है।
2. भारत की जनगणना में नृजातीय (Ethnic) और भाषाई वर्गीकरण का एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आधार ब्रिटिश नृवंशविज्ञानी बी.एस. गुहा (B.S. Guha) का वर्गीकरण रहा है, जिन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप की जनसंख्या को मुख्य रूप से छह प्रमुख प्रजातीय समूहों में विभाजित किया था।
3. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में निवास करने वाली जारवा (Jarawa) और ओंगे (Ongi) जनजातियाँ 'प्रोटो-ऑस्ट्रेलाइड' (Proto-Australoid) प्रजाति से संबंधित हैं, जो भारत के मूल निवासियों में गिनी जाती हैं और वर्तमान में विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के अंतर्गत संरक्षित हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की कुल अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी देश की कुल जनसंख्या का 8.6% है, जिसमें देश की सबसे बड़ी आदिवासी जनजाति 'भील' है, और दूसरे स्थान पर 'गोंड' जनजाति आती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.