BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
20 views

भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भौगोलिक अवस्थिति, उनकी उत्पत्ति और भंडार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत के कुल कोयला भंडारों और उत्पादन का अधिकांश हिस्सा 'गोंडवाना कोयला' (Gondwana Coal) से प्राप्त होता है, जिसमें मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियाँ शामिल हैं, और यह उच्च कोटि का कोकिंग तथा नॉन-कोकिंग बिटुमिनस कोयला है जिसमें सल्फर की मात्रा बहुत कम होती है।
  2. 2. देश में 'लिग्नाइट कोयला' (Lignite Coal) के प्रमुख निक्षेप मुख्य रूप से टर्शरी युग से संबंधित हैं, जिनका सबसे बड़ा कार्यशील भंडार तमिलनाडु के नेवेली (Neyveli) क्षेत्र में स्थित है, इसके अलावा यह राजस्थान, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में भी पाया जाता है।
  3. 3. 'मुंबई हाई' (Mumbai High) भारत का सबसे बड़ा अपतटीय पेट्रोलियम उत्पादन क्षेत्र है, जो खंभात बेसिन के महाद्वीपीय मग्नतट पर स्थित है और यहाँ पेट्रोलियम का निष्कर्षण मुख्य रूप से इओसीन (Eocene) और ओलिगोसीन (Oligocene) युग के चूना पत्थर के संस्तरों से किया जाता है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में परमाणु खनिज के रूप में 'थोरियम' का मुख्य स्रोत 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) है, जो केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों की प्लेacer बालू में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूरी तरह से सत्य हैं। भारत में लगभग 98% कोयला गोंडवाना क्रम की चट्टानों से मिलता है जो बिटुमिनस प्रकार का होता है और इसमें सल्फर की मात्रा कम होती है। टर्शरी युगीन लिग्नाइट कोयले का सबसे बड़ा भंडार तमिलनाडु के नेवेली में है। मुंबई हाई पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र है जहाँ इओसीन और ओलिगोसीन संस्तरों से पेट्रोलियम निकाला जाता है। इसके अतिरिक्त, मोनाज़ाइट बालू थोरियम का प्रमुख स्रोत है जो प्रायद्वीपीय भारत के तटीय भागों में पाई जाती है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत खनिज संसाधनों के मामले में एक समृद्ध देश है।
Share:

Related Questions

→ भारत के भौगोलिक विस्तार, भू-आकृतिक सीमाओं और अक्षांशीय-देशांतरीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, तथा इसके कुल अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार में लगभग 30 डिग्री का अंतर होने के बावजूद, अरुणाचल प्रदेश (सबसे पूर्वी छोर) और गुजरात (सबसे पश्चिमी छोर) के स्थानीय समय में लगभग 1 घंटा 56 मिनट का वास्तविक समयान्तर पाया जाता है। 2. भारत का मानक समय (IST) 82°30' पूर्वी देशांतर है, जो ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे आगे है और यह देशांतर रेखा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के पास से गुजरती हुई कुल पाँच राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर जाती है। 3. भारत का सबसे दक्षिणतम बिंदु (दूरस्थ बिंदु) 'इंदिरा पॉइंट' है, जो ग्रेट निकोबार द्वीप समूह के दक्षिण में 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है, जबकि मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिंदु कन्याकुमारी में स्थित 'केप कोमोरिन' है। 4. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और यह देश के कुल आठ राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से होकर अपनी सीमा बनाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की संरचना, उनके जलप्रवाह पैटर्न और भू-आकृतिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ अपने उद्गम से लेकर समुद्र तक पहुँचने के क्रम में 'युवावस्था' से 'प्रौढ़ावस्था' और अंत में 'वृद्धावस्था' के सभी चरणों का स्पष्ट प्रदर्शन करती हैं, तथा ये नदियाँ अपने मैदानी भागों में विसर्प (Meanders) बनाने के साथ-साथ मार्ग परिवर्तन (Course Shifting) के लिए भी कुख्यात हैं, जिसका सर्वोत्तम उदाहरण कोसी नदी है। 2. प्रायद्वीपीय नदियाँ 'परिपक्व' (Mature) अपवाह तंत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनके घाटों की ढाल प्रवणता बहुत कम होती है और ये अपनी तली के कटाव (Vertical Erosion) के बजाय पार्श्व कटाव (Lateral Erosion) को अधिक प्राथमिकता देती हैं, जिसके कारण इनकी घाटियाँ चौड़ी और उथली होती हैं। 3. प्रायद्वीपीय पठार की अधिकांश मुख्य नदियाँ (जैसे महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी) पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, जिसका मुख्य कारण प्रायद्वीपीय पठार का सामान्य ढाल पश्चिम से पूर्व की ओर होना है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, चंबल और बेतवा नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार के उत्तर की ओर बहने वाली नदियाँ हैं जो यमुना नदी में मिलती हैं, तथा यह प्रदर्शित करता है कि संपूर्ण प्रायद्वीपीय पठार का ढाल केवल एक दिशा में न होकर स्थानीय उच्चावच के अनुसार भिन्न-भिन्न है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भूकंपीय तरंगों के संचरण, ज्वालामुखी उद्गार के प्रकार और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों में संचरित हो सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यम में ही गति करती हैं और तरल बाह्य क्रोर (Outer Core) में प्रवेश करते ही लुप्त हो जाती हैं। 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रिक्टर पैमाना भूकंप की ऊर्जा को मापने का एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जिसमें पैमाने का प्रत्येक पूर्ण अंक वृद्धि ऊर्जा के विमोचन में लगभग 32 गुना की वृद्धि को प्रदर्शित करती है। 3. 'सुनामी' तरंगें गहरे समुद्र में प्रवेश करते समय अत्यधिक तीव्र गति (लगभग 700-900 किमी प्रति घंटा) से चलती हैं और इनकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) बहुत लंबी होती है, परंतु गहरे समुद्र में इनकी ऊँचाई (Amplitude) बहुत कम होती है जिससे जहाजों को इनका आभास नहीं होता है। 4. 'स्ट्रॉम्बोली' (Stromboli) ज्वालामुखी को 'भूमध्यसागर का प्रकाशस्तंभ' (Lighthouse of the Mediterranean) कहा जाता है, जो एक शांत (Extinct) ज्वालामुखी का उत्कृष्ट उदाहरण है, क्योंकि इसमें सदियों से कोई नया उद्गार दर्ज नहीं किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के भौगोलिक विस्तार, भू-सीमाओं और दूरस्थ बिंदुओं (Extreme Points) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी बिंदु कन्याकुमारी (केप कोमोरिन) है, जबकि संपूर्ण भारतीय संघ का सबसे दूरस्थ दक्षिणी बिंदु 'इंदिरा पॉइंट' (पिग्मेलियन पॉइंट) है जो ग्रेट निकोबार द्वीप पर 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है। 2. देश का सबसे पश्चिमी बिंदु 'गुहार मोती' (Ghuar Moti) गुजरात में स्थित है, जबकि सबसे पूर्वी बिंदु 'किबिथु' (Kibithu) अरुणाचल प्रदेश में स्थित है, और इन दोनों स्थानों के स्थानीय समय के बीच लगभग 1 घंटे 57 मिनट का अंतर पाया जाता है। 3. भारत की स्थलीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जो कुल सात देशों (पाकिस्तान, अफ़्गानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश) के साथ साझा होती है, जिसमें बांग्लादेश के साथ सबसे लंबी और अफ़्गानिस्तान के साथ सबसे छोटी सीमा लगती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की कुल तटरेखा (मुख्य भूमि और द्वीपों सहित) की लंबाई लगभग 7,516.6 किलोमीटर है, जिसमें मुख्य भूमि की तटरेखा लगभग 6,100 किलोमीटर लंबी है और इसमें गुजरात राज्य की तटरेखा सबसे लंबी है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंबद्धता (Discontinuities) और शैलों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कॉनराड असंबद्धता (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट (Upper Crust) और निचली क्रस्ट (Lower Crust) के बीच स्थित होती है, जबकि मोहरोविकिक असंबद्धता (Mohorovičić Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा का निर्धारण करती है। 2. आग्नेय शैलों (Igneous Rocks) में जीवाश्म (Fossils) पूरी तरह से अनुपस्थित होते हैं क्योंकि इनका निर्माण तप्त मैग्मा या लावा के ठंडा होकर जमने से होता है, जिसके अत्यधिक उच्च तापमान के कारण जैविक अवशेष नष्ट हो जाते हैं। 3. कायांतरण (Metamorphism) की प्रक्रिया के दौरान चूना पत्थर (Limestone) का कायांतरण होकर 'क्वार्ट्जाइट' (Quartzite) का निर्माण होता है, जबकि बलुआ पत्थर (Sandstone) के कायांतरण से 'संगमरमर' (Marble) बनता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी के क्रोड (Core) का मुख्य हिस्सा निकल (Nickel) और लोहे (Iron) से बना है, जिसे 'निफे' (Nife) परत कहा जाता है, और यह पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) की उत्पत्ति में प्रमुख भूमिका निभाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.