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Geography
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भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय-देशांती स्थिति और मानक समय रेखा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसके कारण देश के सबसे दक्षिणी और सबसे उत्तरी बिंदु के बीच लगभग 30° का अक्षांशीय विस्तार पाया जाता है, और इसके परिणामस्वरूप कन्याकुमारी और कश्मीर के बीच स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर उत्पन्न होता है।
- 2. भारत का मानक समय (IST) 82.5° पूर्वी देशांतर रेखा पर आधारित है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के पास से गुजरती है और यह ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे आगे है, तथा यह देशांतर रेखा कुल 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है।
- 3. कर्क रेखा (23.5° उत्तर) भारत के लगभग मध्य से होकर गुजरती है और यह कुल 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से गुजरती है, जिसमें झारखंड की राजधानी रांची इस रेखा के सबसे निकट स्थित राजधानी शहर है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है, जो विश्व के कुल स्थलीय क्षेत्रफल का लगभग 2.4% हिस्सा है, और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि भारत का अक्षांशीय विस्तार लगभग 30° होने के बावजूद, कन्याकुमारी और अरुणाचल प्रदेश (या पश्चिमी और पूर्वी छोर) के बीच देशांतरीय विस्तार भी लगभग 30° है। देश के सबसे पूर्वी और पश्चिमी छोर के बीच स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे (116 मिनट) का अंतर देशांतरीय विस्तार के कारण होता है, न कि अक्षांशीय विस्तार के कारण। अक्षांशीय विस्तार से दिन और रात की अवधि में अंतर आता है। कथन 2 सत्य है क्योंकि 82.5° पूर्वी देशांतर भारत की मानक याम्योत्तर रेखा है जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश से गुजरती है। कथन 3 सत्य है क्योंकि कर्क रेखा 8 राज्यों से गुजरती है और रांची इसके निकटतम स्थित राजधानी है। कथन 4 सत्य है और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किमी है।
Related Questions
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भारत के अपवाह तंत्र और हिमालयी तथा प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का उदाहरण हैं, जो हिमालय के उत्थान से पहले से प्रवाहित हो रही हैं और उन्होंने गहरे गार्ज (Gorges) तथा महाखड्डों का निर्माण किया है, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से 'परवर्ती' (Consecutive/Subsequent) या 'पुनरुज्जीवित' (Rejuvenated) प्रणालियों के अंतर्गत आती हैं।
2. ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में 'त्सांगपो' नाम से बहती है और नामचा बारवा के पास यू-टर्न (Gorge) लेकर भारत में प्रवेश करती है, जहाँ इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ दिवांग, लोहित और सुबनसिरी हैं, और यह दुनिया की सबसे बड़ी नदी द्वीप 'माजुली' का निर्माण करती है।
3. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी 'गोदावरी' (जिसे 'दक्षिण गंगा' भी कहा जाता है) का उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर (नासिक) से होता है, और यह बेनगंगा, पेनगंगा, वर्धा और प्राणहिता जैसी सहायक नदियों के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है, जबकि कृष्णा नदी इससे भी लंबी प्रायद्वीपीय नदी है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार नर्मदा और तापी नदियाँ प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख नदियाँ हैं जो पश्चिम की ओर बहते हुए अरब सागर में गिरती हैं और डेल्टा के स्थान पर ऐश्चुअरी (Estuary) या ज्वारनदमुख का निर्माण करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों और उनके रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काली मृदा' (Regur Soil) का निर्माण मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप के बेसल्टिक चट्टानों के अपक्षय से हुआ है, और इसमें उच्च जल-धारण क्षमता (Water Retention Capacity) पाई जाती है, जिससे गीली होने पर यह अत्यधिक चिपचिपी और सूखी होने पर गहरी चौड़ी दरारों से विदीर्ण हो जाती है।
2. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) प्रक्रिया के परिणामस्वरुप विकसित होती है, जिसके कारण इसमें ह्यूमस, नाइट्रोजन और पोटाश की प्रचुरता होती है, जबकि आयरन ऑक्साइड और एल्यूमीनियम की कमी पाई जाती है।
3. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का लाल रंग क्रिस्टलीय और रूपांतरित चट्टानों में लौह धातु (Iron) के व्यापक प्रसार के कारण होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) की स्थिति में यह पीली दिखाई देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विश्व के महाद्वीप, प्रमुख देशों की सीमाओं और भू-आबद्ध (Landlocked) देशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में स्थित 'बोलीविया' और 'पराग्वे' दोनों देश पूर्ण रूप से भू-आबद्ध (Landlocked) हैं, और दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में केवल ये दो ही देश हैं जिनकी सीमाएं समुद्र से नहीं मिलती हैं।
2. अफ्रीका महाद्वीप में स्थित 'इथियोपिया' पहले लाल सागर से अपनी तटरेखा साझा करता था, किंतु वर्ष 1993 में इरिट्रिया के स्वतंत्र होने के बाद यह एक विशाल भू-आबद्ध (Landlocked) देश बन गया है।
3. एशिया महाद्वीप का 'कजाकिस्तान' दुनिया का सबसे बड़ा भू-आबद्ध देश है, जिसकी सीमाएं कैस्पियन सागर से लगती हैं, लेकिन यह सीधे तौर पर किसी खुले महासागर से नहीं जुड़ा है।
4. यूरोप महाद्वीप में स्थित 'लिक्टेंस्टीन' (Liechtenstein) और उज्बेकिस्तान दुनिया के ऐसे विशिष्ट देश हैं जो 'डबल लैंडलॉक्स' (Double-landlocked) अर्थात् दोहरे भू-आबद्ध देशों की श्रेणी में आते हैं, जिनकी सीमाएं केवल अन्य भू-आबद्ध देशों से ही घिरी हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय दर्रों तथा उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Darra) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है, और यह महान हिमालय श्रेणी में स्थित है जो श्रीनगर को गिलगित से जोड़ता है।
2. 'बनिहाल दर्रा' (Banihal Pass) पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है, जिससे होकर जम्मू और श्रीनगर को जोड़ने वाला सड़क मार्ग गुजरता है, और इसी दर्रे के नीचे 'जवाहर सुरंग' का निर्माण किया गया है।
3. 'थालघाट दर्रा' (Thal Ghat) पश्चिमी घाट में स्थित है, जो मुंबई को नासिक और नागपुर सड़क व रेल मार्ग द्वारा जोड़ता है, जबकि 'भोरघाट दर्रा' मुंबई को पुणे और बेलगाम से जोड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों (Cropping Systems) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'श्री पद्धति' (System of Rice Intensification - SRI) धान की खेती की एक ऐसी उन्नत तकनीक है जिसका उद्गम मेडागास्कर में हुआ था, जिसमें पारंपरिक रोपाई की तुलना में कम जल की आवश्यकता होती है, पौधों के बीच की दूरी अधिक रखी जाती है और युवा पौधों (Seedlings) का उपयोग किया जाता है।
2. भारत में कुल सिंचित क्षेत्र के स्रोतों के वितरण को देखें तो, देश के 'सकल सिंचित क्षेत्र' (Gross Irrigated Area) में कुओं और नलकूपों (Wells and Tube wells) का हिस्सा सर्वाधिक है, जिसके बाद दूसरा प्रमुख स्थान नहरों (Canals) का आता है।
3. 'जीरो टिलेज' (Zero Tillage) या शून्य जुताई कृषि तकनीक मृदा के स्वास्थ्य और नमी के संरक्षण में अत्यधिक प्रभावी है, क्योंकि इसमें खेत की पारंपरिक जुताई किए बिना और पिछली फसल के अवशेषों को जलाए बिना सीधे ही सीड-ड्रिल मशीन से नई फसल की बुवाई की जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजना' (PMKSY) के 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (Per Drop More Crop) घटक का मुख्य उद्देश्य जल के उपयोग की दक्षता में सुधार करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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