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General Science
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अमृता?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
खेजड़ली।
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मानव पोषण और जैव अणुओं (Biomolecules) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन D एक वसा-में-घुलनशील विटामिन है जिसे 'कैल्सीफेरॉल' कहा जाता है, और इसका सक्रिय रूप (Calcitriol) वास्तव में एक हॉर्मोन की तरह कार्य करता है जो आंत से कैल्शियम और फॉस्फेट के अवशोषण को नियंत्रित करता है।
2. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential Amino Acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण हमारे शरीर की कोशिकाओं में नहीं हो पाता है, इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना अनिवार्य होता है, जैसे कि 'लाइसिन' और 'ट्रिप्टोफैन'।
3. सेल्यूलोज एक शाखित पॉलिसैकेराइड है जो ग्लूकोज की इकाइयों से मिलकर बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने के लिए 'सेल्युलेज' एंजाइम प्रचुर मात्रा में स्रावित होता है।
4. विटामिन C (ऐस्कॉर्बिक अम्ल) एक जल-में-घुलनशील विटामिन है जिसका संश्लेषण मानव शरीर द्वारा यकृत में किया जा सकता है और यह कोलेजन तंतुओं के निर्माण के लिए आवश्यक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में केंद्रक और कोशिका विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समसूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था के दौरान गुणसूत्र अपनी अधिकतम संघनन अवस्था में पहुँच जाते हैं, जिससे उनकी आकृति का अध्ययन सबसे स्पष्ट रूप से किया जा सकता है, और इस चरण में सभी गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा पर 'मेटाफेज प्लेट' पर व्यवस्थित हो जाते हैं।
2. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की 'पैकाइटीन' (Pachytene) उप-अवस्था में समझात गुणसूत्रों के गैर-भ्रातृ अर्धगुणसूत्रों (Non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' (Crossing over) कहा जाता है, और यह प्रक्रिया 'रेकॉम्बीनेज' (Recombinase) एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है।
3. केंद्रिका (Nucleolus) एक झिल्ली-रहित संरचना है जो केंद्रक द्रव्य में स्थित होती है और यह राइबोसोमी आरएनए (rRNA) के संश्लेषण तथा उनके प्राथमिक असेंबली का प्रमुख केंद्र होने के कारण प्रोटीन संश्लेषण में अप्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्म (Colligative properties) और रासायनिक अभिक्रियाओं में उत्प्रेरण (Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में होने वाला अपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह एक अणुसंख्यक गुणधर्म है जो विलेय के कणों की प्रकृति पर निर्भर करता है, न कि उनकी संख्या पर।
2. क्वथनांक में उन्नयन ($\Delta T_b$) और हिमांक में अवनमन ($\Delta T_f$) दोनों ही molal सांद्रता (मोललता) के सीधे आनुपातिक होते हैं, तथा इनके आनुपातिक स्थिरांक क्रमशः मोलल उन्नयन स्थिरांक ($K_b$) और मोलल अवनमन स्थिरांक ($K_f$) कहलाते हैं, जो केवल विलायक की प्रकृति पर निर्भर करते हैं।
3. समांगी उत्प्रेरण (Homogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारकों की भौतिक अवस्था (phase) समान होती है, जैसे सींबर प्रक्रिया में सल्फर डाइऑक्साइड का सल्फर ट्राइऑक्साइड में ऑक्सीकरण, जबकि विषमांगी उत्प्रेरण में उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न कलाओं में होते हैं।
4. एन्जाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) अत्यधिक विशिष्ट और प्रभावी होता है, तथा इसकी कार्यप्रणाली 'ताला-चाबी' मॉडल (Lock and key model) या प्रेरित फिट मॉडल पर आधारित होती है, जिसमें सक्रिय ऊर्जा (Activation energy) का मान उत्प्रेरक की उपस्थिति में बढ़ जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और पेट्रोकेमिकल प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्काइन्स (Alkynes) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनका सामान्य सूत्र $C_n H_{2n-2}$ होता है, और इनमें कार्बन-कार्बन परमाणुओं के मध्य कम से कम एक त्रिक बंध (Triple bond) पाया जाता है, जो इन्हें एल्कीन्स की तुलना में अधिक अम्लीय प्रकृति प्रदान करता है।
2. 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) पेट्रोल की प्रज्वलन गुणवत्ता का माप है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या वाले ईंधन (जैसे आइसो-ऑक्टेन, मान 100) नॉकिंग (अपस्फोटन) का अधिक प्रतिरोध करते हैं, जबकि निम्न ऑक्टेन संख्या वाले ईंधन (जैसे एन-हेप्टेन, मान 0) शीघ्रता से अपस्फोटन उत्पन्न करते हैं।
3. उत्प्रेरकी रिफॉर्मिंग (Catalytic Reforming) प्रक्रिया के दौरान, निम्न ऑक्टेन वाले नैप्था और पैराफिन हाइड्रोकार्बनों को प्लेटिनम जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में एरोमैटिक हाइड्रोकार्बनों (जैसे बेंजीन और टुप्युलीन) में परिवर्तित किया जाता है ताकि गैसोलीन की गुणवत्ता सुधारी जा सके।
4. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से मीथेन और एथेन का एक उच्च संपीड़ित मिश्रण है, जिसे घरेलू ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है, और रिसाव का तुरंत पता लगाने के लिए इसमें गंधयुक्त पदार्थ एथिल मर्कैप्टेन मिलाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ऊष्मागतिकी के शून्यवें नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) और विभिन्न तापमापीय पैमानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवां नियम तापमान की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह बताता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य (Thermal equilibrium) में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. परम शून्य ताप (Absolute Zero) वह सैद्धांतिक तापमान है जिस पर किसी आदर्श गैस की गतिज ऊर्जा शून्य हो जाती है, और सेल्सियस पैमाने पर इसका मान -273.15 °C होता है।
3. फारेनहाइट और सेल्सियस पैमाने एक विशिष्ट तापमान पर बिल्कुल समान पाठ्यांक (Reading) दर्शाते हैं, और यह तापमान -40 डिग्री होता है।
4. स्थिर आयतन गैस तापमापी (Constant volume gas thermometer) में पारे का उपयोग किया जाता है क्योंकि पारा सभी तापमानों पर एकसमान प्रसार गुणांक प्रदर्शित करता है और काँच को नहीं भिगोता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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