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Geography
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटीय गतिशीलता और जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. महासागरीय नितल पर स्थित 'महासागरीय गर्त' (Ocean Trenches) सबसे गहरे भाग होते हैं, जो सामान्यतः महाद्वीपीय मग्नतट के पास विवर्तनिक रूप से सक्रिय क्षेत्रों (जैसे प्रशांत महासागर की 'रिंग ऑफ फायर') में पाए जाते हैं और 'ममीरिया' (Mariana Trench) इसका सबसे प्रमुख उदाहरण है।
  2. 2. 'लघु ज्वार' (Neap Tide) के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक समकोण (Right Angle) की स्थिति में होते हैं, जिसके कारण सूर्य और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल एक-दूसरे के विपरीत दिशा में कार्य करके ज्वारीय प्रभाव को न्यूनतम कर देते हैं, और यह स्थिति प्रत्येक पक्ष की सप्तमी या अष्टमी को होती है।
  3. 3. 'सुण्डा जलडमरूमध्य' (Sunda Strait) सुमात्रा और जावा द्वीपों के बीच स्थित है जो जावा सागर को सीधे तौर पर प्रशांत महासागर से जोड़ता है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी पर प्रतिदिवस (24 घंटे 52 मिनट में) दो बार ज्वार और दो बार भाटा आने का मुख्य कारण पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन करना तथा चंद्रमा के ज्वार-उत्पादक बल का दो बार प्रभावी होना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि महासागरीय गर्त महासागरीय नितल के सबसे गहरे भाग होते हैं जो विवर्तनिक रूप से सक्रिय किनारों पर पाए जाते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि लघु ज्वार (Neap Tide) समकोण स्थिति (Quadrature) में चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बलों के एक-दूसरे के प्रभाव को आंशिक रूप से काटने के कारण उत्पन्न होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि सुण्डा जलडमरूमध्य जावा सागर को हिंद महासागर से जोड़ता है, न कि प्रशांत महासागर से। कथन 4 सही है, विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी पर प्रत्येक स्थान पर 24 घंटे और 52 मिनट में दो बार ज्वार और दो बार भाटा आता है।
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