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Geography
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विश्व की प्रमुख नदियाँ और उनके किनारे स्थित ऐतिहासिक एवं प्रमुख नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. ब्यूनस आयर्स (Buenos Aires) — पराना नदी (Parana River)
- 2. रोम (Rome) — टाइबर नदी (Tiber River)
- 3. खार्तूम (Khartoum) — नील नदी (Nile River)
- 4.
पेरिस (Paris) — सीन नदी (Seine River) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी युग्म पूरी तरह से सही सुमेलित हैं। ब्यूनस आयर्स अर्जेंटीना की राजधानी है जो पराना नदी के मुहाना क्षेत्र (ला प्लाटा एस्चुअरी) के पास स्थित है; इटली की राजधानी रोम टाइबर नदी के तट पर बसी है; सूडान की राजधानी खार्तूम नीली नील (Blue Nile) और श्वेत नील (White Nile) के संगम पर स्थित है; और फ्रांस की राजधानी पेरिस सीन नदी के तट पर अवस्थित है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार विश्व के अधिकांश प्राचीन और आधुनिक महानगर प्रमुख नदियों के किनारे ही विकसित हुए हैं क्योंकि नदियाँ परिवहन, पेयजल और कृषि के लिए उपजाऊ मिट्टी प्रदान करती हैं।
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के कायांतरण (Metamorphic Rocks) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कायांतरण (Metamorphism) की प्रक्रिया के दौरान, अत्यधिक दाब और विवर्तनिक बलों के कारण जब खनिज एक निश्चित समानांतर रेखाओं या पट्टियों के रूप में व्यवस्थित हो जाते हैं, तो इस संरचना को 'पत्रण' (Foliation) कहा जाता है, जिसका सर्वोत्तम उदाहरण 'नीस' (Gneiss) है जो ग्रेनाइट के रूपांतरण से बनता है।
2. 'क्वार्ट्जाइट' (Quartzite) और 'संगमरमर' (Marble) गैर-पत्रित (Non-foliated) रूपांतरित चट्टानों के प्रमुख उदाहरण हैं, जिनका निर्माण क्रमशः बलुआ पत्थर (Sandstone) और चूना पत्थर (Limestone) के तापीय या संपर्क कायांतरण (Thermal Metamorphism) के फलस्वरूप होता है।
3. पृथ्वी की आंतरिक पर्पटी (Crust) में गहराई की ओर जाने पर तापमान में प्रति 32 मीटर की वृद्धि पर लगभग 1°C की दर से सामान्य ताप वृद्धि होती है, जिसे 'भू-तापीय प्रवणता' (Geothermal Gradient) कहा जाता है, और यह मेंटल के पिघले हुए मैग्मा के निर्माण के लिए मुख्य ऊर्जा स्रोत है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कायांतरित चट्टानें अपने मूल रूप को पूरी तरह बदल लेती हैं और इनमें जीवाश्म (Fossils) अत्यधिक उच्च दाब के कारण पूर्ण रूप से सुरक्षित और अच्छी अवस्था में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) और उनके प्रकार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बेसाल्ट' (Basalt) एक बहिर्भेदी आग्नेय शैल (Extrusive Igneous Rock) है, जो द्रवित मैग्मा के धरातल पर तेजी से ठंडा होने के कारण छोटे रवेदार (Fine-grained) संरचना बनाती है, जबकि 'ग्रेनाइट' एक अंतर्भेदी आग्नेय शैल (Intrusive Igneous Rock) है जो धीरे-धीरे ठंडा होने के कारण बड़े क्रिस्टलीय कणों से युक्त होती है।
2. 'क्वार्टजाइट' (Quartzite) और 'संगमरमर' (Marble) क्रमशः बलुआ पत्थर (Sandstone) और चूना पत्थर (Limestone) के तापीय या स्पर्श कायांतरण (Thermal Metamorphism) के परिणामस्वरूप बनने वाली गैर-पर्येत (Non-foliated) कायांतरित चट्टानें हैं।
3. 'सिफ़' (Sill) और 'डाइक' (Dyke) मैग्मा के अंतर्भेदी रूपों के उदाहरण हैं, जहाँ सिफ़ मैग्मा का क्षैतिज (Horizontal) या कम झुकाव वाला संस्तर होता है, जबकि डाइक मैग्मा का दीवार जैसी लंबवत (Vertical) संरचना में जमाव होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) पृथ्वी के धरातल पर अपक्षय और अपरदन के एजेंटों द्वारा निक्षेपित पदार्थों के संपीड़न एवं समेकन (Lithification) से बनती हैं, और ये चट्टानें पर्णयुक्त (Layered or Stratified) होती हैं जिनमें जीवाश्म (Fossils) पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि इन्हें जल वर्षा के साथ-साथ पिघलते हुए हिमनदों (Glaciers) से भी प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ अनित्य (Non-perennial / Seasonal) होती हैं और इनका प्रवाह मुख्य रूप से मानसूनी वर्षा पर निर्भर करता है।
2. प्रायद्वीपीय नदियों के विपरीत, हिमालयी नदियाँ अपने विकास के प्रारंभिक चरण में हैं और मैदानी भागों में पहुँचकर विसर्पण (Meandering), गोखुर झीलों (Oxbow Lakes) का निर्माण तथा अपने मार्ग में बार-बार परिवर्तन (Lateral Migration) जैसी युवा स्थलाकृतियों का प्रदर्शन करती हैं।
3. गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी प्रायद्वीपीय नदियाँ पश्चिमी घाट से निकलकर पूर्व की ओर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और अपने मुहाने पर बड़े-बड़े डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और तापी नदियाँ भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होते हुए पश्चिम की ओर बहकर एश्चुअरी (Estuary) बनाती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र भारत का सबसे प्राचीन अपवाह तंत्र है, जिसकी नदियाँ अपने परिपक्व (Mature) अवस्था को प्राप्त कर चुकी हैं, और इनकी घाटियाँ चौड़ी तथा उथली (Broad and Shallow Valleys) होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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एल निनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) और भारतीय मानसून के पारस्परिक संबंधों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल निनो (El Niño) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी और मध्य विषुवतीय भागों में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे पेरू के तट पर ठंडे पानी के ऊपर उठने (Upwelling) की प्रक्रिया बाधित होती है और भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा कमजोर हो जाती है।
2. 'दक्षिणी दोलन सूचकांक' (Southern Oscillation Index - SOI) ताहिती (दक्षिण प्रशांत महासागर) और डार्विन (उत्तरी ऑस्ट्रेलिया) के बीच वायुमंडलीय दाब के अंतर को मापता है, और जब SOI का मान ऋणात्मक (Negative) होता है, तो यह भारत में सामान्य या उससे अधिक मानसून वर्षा का संकेत देता है।
3. 'इंडियन ओपेन डाइपोल' (IOD) का धनात्मक चरण (Positive IOD) पश्चिमी हिंद महासागर में असामान्य रूप से गर्म जल और पूर्वी हिंद महासागर में ठंडे पानी की स्थिति पैदा करता है, जो एल निनो के नकारात्मक प्रभावों को आंशिक रूप से बेअसर या संतुलित कर सकता है।
4. मैसेन जूलियन ऑसिलेशन (MJO) एक महासागरीय-वायुमंडलीय परिघटना है जो पूर्व दिशा की ओर बढ़ती है, और इसके सक्रिय चरण के दौरान यदि यह हिंद महासागर के ऊपर से गुजरती है, तो यह मानसूनी हवाओं को तीव्र करके भारत में वर्षा की गतिविधियों को बढ़ा देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों और प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. देश में कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा नूरो-ट्यूबवेल (नलकूप और अन्य कुओं) द्वारा सिंचित होता है, जिसके बाद दूसरा स्थान नहरों (Canals) का आता है, तथा पंजाब और हरियाणा राज्यों में कुल शुद्ध सिंचित क्षेत्र का अधिकांश भाग नलकूपों पर निर्भर है।
2. 'राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन' (NMSA) के अंतर्गत अपनाई जाने वाली 'परम्परागत कृषि विकास योजना' (PKVY) का मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरકો के स्थान पर जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देना है, और सिक्किम भारत का पहला शत-प्रतिशत जैविक खेती करने वाला राज्य घोषित किया गया है।
3. 'ड्रिप सिंचाई प्रणाली' (Drip Irrigation) सूक्ष्म सिंचाई का एक अत्यंत कुशल तरीका है, जिसमें जल सीधे पौधों की जड़ों के पास टपकता है, जिससे वाष्पीकरण और सतही अपवाह द्वारा जल की बर्बादी न्यूनतम होती है, और यह विधि विशेष रूप से जल-कमी वाले शुष्क क्षेत्रों में बागवानी फसलों के लिए अत्यधिक उपयुक्त है।
4. भारत में खरीफ की फसल के रूप में उगाई जाने वाली 'धान' (Rice) की खेती के लिए उच्च तापमान (25°C से अधिक), 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा और जल-भराव वाली चिकनी दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है, तथा इसे 'रोपण विधि' (Transplanting Method) के माध्यम से उगाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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