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Geography
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'रॉकी पर्वतमाला' (Rockies) और 'एंडीज पर्वतमाला' (Andes) दोनों ही युवा वलित पर्वत (Young Fold Mountains) के उदाहरण हैं, जिनका निर्माण टर्शरी कल्प में प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के फलस्वरूप महासागरीय और महाद्वीपीय प्लेटों के अभिसरण से हुआ है।
- 2. 'तिब्बत का पठार' (Tibetan Plateau) एक अंतरपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का सर्वोच्च उदाहरण है, जो हिमालय और कुतुआन (Kunlun) पर्वतों के बीच स्थित है तथा इसका निर्माण यूरेशियन और भारतीय प्लेटों की टक्कर के कारण हुआ है।
- 3. 'ग्रेट बेसिन मरुस्थल' (Great Basin Desert) संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक शीत मरुस्थल (Cold Desert) है, जो वृष्टिछाया क्षेत्र (Rain Shadow Area) और बेसिन-एंड-रेंज (Basin-and-Range) स्थलाकृतिक संरचना के कारण निर्मित हुआ है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'दक्कन का पठार' एक लावा पठार है, जिसका निर्माण क्रिटेशस काल के अंतिम चरण में 'डक्कन ट्रैप' (Deccan Traps) के ज्वालामुखी उद्गार के दौरान दरारी उदभेदन से निकले बेसॉल्ट लावा के क्षैतिज निक्षेपण के परिणामस्वरूप हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1. रॉकी (उत्तर अमेरिका) और एंडीज (दक्षिण अमेरिका) दोनों टर्शरी काल में बनी नवीन वलित पर्वतमालाएँ हैं। 2. तिब्बत का पठार दुनिया का सबसे बड़ा और ऊँचा अंतरपर्वतीय पठार है जो दो पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित है। 3. ग्रेट बेसिन मरुस्थल यूएसए का एक समशीतोष्ण/शीत मरुस्थल है जो सिएरा नेवादा पर्वत के वृष्टिछाया प्रभाव और बेसिन-रेंज भू-आकृति के कारण बनता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्कन ट्रैप का निर्माण मेसोज़ोइक महाकल्प के अंत में हुए व्यापक बेसॉल्टिक ज्वालामुखी उद्गार से हुआ है, जिससे यहाँ सीढ़ीनुमा लावा पठार का विकास हुआ।
Related Questions
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भूगर्भीय विशेषताओं और निष्कर्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के कुल कोयला भंडारों का लगभग 98 प्रतिशत भाग गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से कार्बन की उच्च मात्रा और कम राख (Ash) सामग्री के कारण उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला प्रदान करता है, जबकि टर्शरी कालीन कोयला मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में मिलता है जो उच्च गंधक (High Sulphur) युक्त होता है।
2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) अपतटीय पेट्रोलियम क्षेत्र खंभात बेसिन के अंतर्गत अरब सागर के महाद्वीपीय शेल्फ पर स्थित है, जहाँ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के मुख्य भंडार 'मायोसीन' (Miocene) युग की चूना पत्थर संरचनाओं में संकेंद्रित हैं।
3. भारत में परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों के लिए आवश्यक 'यूरेनियम' का उत्पादन झारखंड के जादूगोड़ा के अतिरिक्त आंध्र प्रदेश के तुम्मलापल्ली क्षेत्र से भी बड़े पैमाने पर किया जाता है, जहाँ डोलोमाइट और कार्बोनेट चट्टानों में यूरेनियम के विशाल भंडार खोजे गए हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में देश का पहला कोयला खनन कार्य वर्ष 1774 में दामोदर घाटी क्षेत्र में रानीगंज (पश्चिम बंगाल) में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में शुरू किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के संदर्भ में 'रेह', 'कल्लर' और 'ऊसर' निम्नलिखित में से किस प्रकार की मृदा से संबंधित स्थानीय नाम हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदा का लाल रंग क्रिस्टलीय और कायांतरित आग्नेय शैलों में लौह ऑक्साइड (Iron Oxide) के व्यापक विसरण के कारण होता है, जबकि इसका पीला रंग इसमें जलयोजन (Hydration) की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रदर्शित होता है।
2. शुष्क मृदा (Arid Soils) का रंग हल्के लाल से लेकर भूरे रंग तक होता है, और इनमें नमक की मात्रा अधिक होने के कारण जल को वाष्पीकृत करके सामान्य नमक प्राप्त किया जाता है, तथा नाइट्रोजन की अधिकता और ह्यूमस की कमी इन मृदाओं की प्रमुख विशेषता है।
3. लवण मृदा (Saline Soils), जिन्हें स्थानीय रूप से 'रेह', 'कल्लर' या 'उरसर' भी कहा जाता है, में सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवण प्रचुर मात्रा में होते हैं, तथा इनका विकास उन क्षेत्रों में होता है जहाँ शुष्क जलवायु और जल निकास (Drainage) की उचित व्यवस्था नहीं होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पीटमय और जैविक मृदा (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत जैविक पदार्थों के संचयन के कारण विकसित होती हैं, जिनमें घुलनशील लवणों की मात्रा कम परंतु ह्यूमस की मात्रा 10 से 40 प्रतिशत तक पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और उनकी संरचनात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अरावली पर्वतमाला' (Aravalli Range) विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है, जो अब एक 'अवशिष्ट पर्वत' (Residual Mountain) के रूप में गुजरात के पालनपुर से लेकर राजस्थान और हरियाणा होते हुए दिल्ली तक उत्तर-पूर्व दिशा में फैली हुई है।
2. 'सतपुड़ा पर्वतश्रेणी' (Satpura Range) एक 'ब्लॉक पर्वत' (Block Mountain) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो नर्मदा और ताप्ती नदियों के बीच एक जल विभाजक का कार्य करती है और इसके दक्षिण में ताप्ती तथा उत्तर में नर्मदा घाटी स्थित है।
3. 'पश्चिमी घाट' (Western Ghats), जिसे 'सह्याद्री' भी कहा जाता है, एक वास्तविक पर्वत न होकर दक्कन के पठार का एक भ्रंशित कगार (Fault Scarp) है, जिसकी औसत ऊँचाई उत्तर की तुलना में दक्षिण की ओर जाने पर बढ़ती जाती है और इसकी सर्वोच्च चोटी 'अनामुडी' है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पूर्वी घाट (Eastern Ghats) एक सतत और अत्यधिक ऊँची वलित पर्वत श्रृंखला है जो बंगाल की खाड़ी के समानांतर बिना किसी अंतराल के फैली हुई है और महानदी, गोदावरी तथा कृष्णा नदियाँ इसे कहीं भी काटती नहीं हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पवन प्रणालियों, आर्द्रता के प्रकारों और चक्रवातों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नार्वेस्टर' (Norwesters) या 'काल बैसाखी' स्थानीय रूप से उत्पन्न होने वाली तड़ित झंझावात (Thunderstorms) हैं, जो मुख्य रूप से असम और पश्चिम बंगाल राज्यों में ग्रीष्मकाल के अंत में आती हैं और चाय, जूट तथा धान की फसलों के लिए अत्यधिक लाभकारी होती हैं।
2. सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) किसी वायु parcel में मौजूद जलवाष्प के वास्तविक भार और उसी तापमान पर उस वायु की अधिकतम जलवाष्प धारण करने की क्षमता का अनुपात होती है, और यह तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है।
3. 'फॉन' (Foehn) एक स्थानीय गर्म और शुष्क पवन है, जो आल्प्स पर्वत को पार करते समय उसकी उत्तर की ढलान पर नीचे उतरती है, जिससे घाटी के क्षेत्रों में बर्फ जल्दी पिघलती है और अंगूर की फसल पकने में सहायता मिलती है।
4. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के विपरीत, शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) केवल महासागरों पर उत्पन्न होते हैं और इनमें उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तरह कोई स्पष्ट 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) नहीं पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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