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Geography
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भारतीय मानसून की क्रियाविधि और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ग्रीष्मकाल में तिब्बत का पठार अत्यधिक गर्म हो जाता है, जिससे वहाँ एक तीव्र निम्न वायुदाब क्षेत्र का निर्माण होता है, जो समुद्र तल से लगभग 9 किलोमीटर की ऊँचाई तक प्रभावी रहता है और यह जेट स्ट्रीम की स्थिति को प्रभावित करने में प्रमुख भूमिका निभाता है।
  2. 2. 'पश्चिमी विक्षوب' (Western Disturbances) शीतकाल में भूमध्य सागर की ओर से उत्पन्न होकर उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ते हैं, और इनके आगमन से होने वाली वर्षा को 'महावत' कहा जाता है, जो रबी की फसलों (विशेषकर गेहूँ) के लिए अत्यधिक लाभदायक होती है।
  3. 3. दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'बंगाल की खाड़ी शाखा' जब म्यांमार के अराकान योमा पर्वत से टकराती है, तो इसकी एक उप-शाखा उत्तर-पूर्व भारत की ओर मुड़ जाती है, जिसके कारण मेघालय के खासी पहाड़ियों में स्थित मौसिनराम और चेरापूंजी में विश्व की सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा दर्ज की जाती है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में मानसूनी वर्षा का स्थानिक वितरण काफी असमान है, जहाँ पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढालों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में 200 सेमी से अधिक वर्षा होती है, वहीं राजस्थान के पश्चिमी भागों और लद्दाख में 50 सेमी से भी कम वर्षा होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन भारतीय जलवायु, मानसून की उत्पत्ति और वर्षा के वितरण के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। ग्रीष्मकाल में तिब्बत के पठार का गर्म होना और निम्न वायुदाब बनाना मानसून को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण है। शीतकाल में भूमध्य सागर से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा करते हैं, जिसे स्थानीय भाषा में 'महावत' कहा जाता है जो रबी फसलों के लिए वरदान है। बंगाल की खाड़ी की शाखा अराकान योमा से टकराकर उत्तर-पूर्व में भारी वर्षा कराती है, और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भी भारत में वर्षा का स्थानिक वितरण उच्चावच और मानसूनी पवनों की दिशा के अनुसार अत्यधिक असमान है।
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भारतीय मानसून की क्रियाविधि और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (Retreating Monsoon) के समय, बंगाल की खाड़ी से गुजरने वाली मानसूनी पवनें नमी ग्रहण करके उत्तर-पूर्वी मानसून के रूप में तमिलनाडु के कोरोमंडल तट पर शीतकाल में भारी वर्षा करती हैं। 2. 'एल नीनो' (El Nino) की घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग (तस्मान सागर और ऑस्ट्रेलिया के पास) में वायुदाब कम हो जाता है और पूर्वी भाग (पेरू के तट के पास) में वायुदाब अधिक हो जाता है, जिससे भारतीय मानसून अत्यधिक शक्तिशाली हो जाता है। 3. भारत में वर्षा का स्थानिक वितरण मुख्य रूप से उच्चावच (Relief) और पश्चिमी घाट जैसी पर्वतीय बाधाओं पर निर्भर करता है, जिसके कारण पश्चिमी घाट के पवन-विमुख ढाल (Leeward side) पर 'वृष्टि छाया क्षेत्र' (Rain shadow area) का निर्माण होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? सौर मंडल के पिंडों, ग्रहों की गतियों और खगोलीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केप्लर के ग्रहीय गति के द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) के अनुसार, सूर्य और ग्रह को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा समान समय अंतरालों में समान क्षेत्रफल तय करती है, जिसका अर्थ है कि जब कोई ग्रह सूर्य के निकट (उपसौर या Perihelion) होता है, तो उसकी कक्षीय चाल न्यूनतम होती है। 2. आंतरिक ग्रहों (बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल) की तुलना में बाह्य या जोवियन ग्रह (बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेपच्यून) आकार में बहुत बड़े हैं, जिनका घनत्व अपेक्षाकृत कम है और उनके चारों ओर वलय प्रणालियाँ पाई जाती हैं। 3. 'ऑर्ट मेघ' (Oort Cloud) हमारे सौर मण्डल की सबसे बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले प्लूटोइड्स और धूमकेतुओं (Comets) का एक काल्पनिक गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period Comets) का मुख्य स्रोत माना जाता है। 4. शुक्र ग्रह को 'सुबह का तारा' या 'शाम का तारा' कहा जाता है, और इसका अपनी धुरी पर घूर्णन काल इसके सूर्य के चारों ओर परिक्रमण काल से कम है, जिसके परिणामस्वरूप शुक्र पर एक सौर दिवस उसके एक वर्ष से भी अधिक लंबा होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारत की पर्वत प्रणालियों, उनकी संरचनात्मक विशेषताओं और प्रमुख घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पीर पंजाल श्रेणी' (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (Lesser Himalayas) की सबसे लंबी और सबसे महत्वपूर्ण श्रेणी है, जो कश्मीर घाटी को जम्मू क्षेत्र से अलग करती है और यहीं प्रसिद्ध 'बनिहाल दर्रा' स्थित है जो जवाहर सुरंग के माध्यम से बारहमासी सड़क संपर्क प्रदान करता है। 2. 'ज़ास्कर श्रेणी' (Zaskar Range) ट्रांस-हिमालय का एक प्रमुख हिस्सा है, जो महान हिमालय के उत्तर में सिंधु नदी के सामानांतर फैली हुई है और इसका सर्वोच्च शिखर 'कामेत' (Kamet) है, जबकि नंदा देवी महान हिमालय का भाग है। 3. 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley) धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य व्यास (Beas) नदी द्वारा निर्मित एक अनुप्रस्थ (Transverse) और अत्यधिक उर्वर विवर्तनिक घाटी है, जिसे 'देवों की घाटी' (Valley of Gods) भी कहा जाता है। 4. 'महान हिमालय' (Greater Himalayas) पूरी तरह से तलछटी (Sedimentary) चट्टानों से निर्मित एक सतत वलित पर्वत श्रेणी है, जिसमें कभी भी कोई आग्नेय या कायांतरित चट्टानें नहीं पाई जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के अपवाह तंत्र और हिमालयी तथा प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का उदाहरण हैं, जो हिमालय के उत्थान से पहले से प्रवाहित हो रही हैं और उन्होंने गहरे गार्ज (Gorges) तथा महाखड्डों का निर्माण किया है, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से 'परवर्ती' (Consecutive/Subsequent) या 'पुनरुज्जीवित' (Rejuvenated) प्रणालियों के अंतर्गत आती हैं। 2. ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में 'त्सांगपो' नाम से बहती है और नामचा बारवा के पास यू-टर्न (Gorge) लेकर भारत में प्रवेश करती है, जहाँ इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ दिवांग, लोहित और सुबनसिरी हैं, और यह दुनिया की सबसे बड़ी नदी द्वीप 'माजुली' का निर्माण करती है। 3. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी 'गोदावरी' (जिसे 'दक्षिण गंगा' भी कहा जाता है) का उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर (नासिक) से होता है, और यह बेनगंगा, पेनगंगा, वर्धा और प्राणहिता जैसी सहायक नदियों के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है, जबकि कृष्णा नदी इससे भी लंबी प्रायद्वीपीय नदी है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार नर्मदा और तापी नदियाँ प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख नदियाँ हैं जो पश्चिम की ओर बहते हुए अरब सागर में गिरती हैं और डेल्टा के स्थान पर ऐश्चुअरी (Estuary) या ज्वारनदमुख का निर्माण करती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत की भौगोलिक स्थिति, अक्षांशीय-देशांतीय विस्तार और सीमावर्ती रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश तथा 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर के मध्य है, जिसके फलस्वरूप देश के सबसे पश्चिमी (गुजरात के किबिथू) और सबसे पूर्वी (अरुणाचल प्रदेश के गुहार मोती) बिंदुओं के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे (116 मिनट) का अंतर पाया जाता है। 2. भारत का मानक समय (IST) 82°30' पूर्वी देशांतर पर आधारित है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के पास नैनी से गुजरती है और यह रेखा कुल 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है। 3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) देश के बीचों-बीच गुजरती है और यह कुल 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से होकर निकलती है, तथा त्रिपुरा की राजधानी अगरतला कर्क रेखा के सबसे निकट स्थित राजधानी शहर है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की स्थलीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,106.7 किमी है, जो 7 देशों के साथ साझा होती है, जिसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ (लगभग 4,096.7 किमी) और सबसे छोटी सीमा अफगानिस्तान के साथ (लगभग 106 किमी) लगती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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