त्वरित लिंक्स
Geography
19 views
भारत की मृदा प्रणालियों और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत के उत्तरी मैदानों और तटीय मैदानी क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) में पोटाश, phosphoric acid और चूना प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, किंतु इसमें नाइट्रोजन और ह्यूमस की मात्रा अपर्याप्त होती है।
- 2. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का लाल रंग मुख्य रूप से क्रिस्टलीय और रूपांतरित चट्टानों में लौह (Iron) के व्यापक प्रसार के कारण होता है, जबकि इसका पीला रंग इसमें जलयोजित (Hydrated) अवस्था में आयरन ऑक्साइड के मौजूद होने से दिखाई देता है।
- 3. 'लवण मृदा' (Saline Soils), जिसे स्थानीय रूप से उसर, रे, और कलर जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है, में सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम का अनुपात अत्यधिक होता है, जिसके कारण यह मृदा अनुजाऊ होती है और इसमें नाइट्रोजन एवं चूने की अधिकता होती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार लैटेराइट मृदा अत्यधिक तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) के परिणामस्वरूप विकसित होती है, जिसमें सिलिका जैसे घुलनशील तत्व बह जाते हैं और आयरन तथा एल्युमिनियम के यौगिक शेष बच जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारत की जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) में पोटाश, फॉस्फोरिक एसिड और चूना पर्याप्त मात्रा में होते हैं, लेकिन इसमें नाइट्रोजन और ह्यूमस (जैविक पदार्थ) की कमी होती है। कथन 2 सही है: लाल मृदा का लाल रंग क्रिस्टलीय और रूपांतरित आग्नेय चट्टानों में लौह ऑक्साइड के प्रसार के कारण होता है, और जब यह जलयोजित (Hydrated) रूप में आती है तो पीली दिखाई देती है। कथन 3 गलत है: लवण मृदा (Saline Soils) में सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम का अनुपात अधिक होता है, जिसके कारण यह अनुपजाऊ होती है, किंतु इसमें नाइट्रोजन और चूने की कमी होती है (अधिकता नहीं)। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार लैटेराइट मृदा का निर्माण उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में निक्षालन प्रक्रिया से होता है, जिससे यह कृषि के लिए कम उपजाऊ होती है किंतु खाद और उर्वरक डालने पर चाय-कॉफी की खेती में सहायता मिलती है। अतः केवल कथन 1, 2 और 4 सही हैं।
Related Questions
→
भारत के संरक्षित क्षेत्रों (Protected Areas) और बायोस्फीयर रिजर्व (Biosphere Reserves) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व' (Nanda Devi Biosphere Reserve) उत्तराखंड राज्य में स्थित है, जिसके कोर जोन को यूनेस्को (UNESCO) द्वारा प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी गई है और यह पश्चिमी हिमालयी स्थानिक प्रजातियों जैसे स्नो लेपर्ड (हिम तेंदुआ) का प्राकृतिक आवास है।
2. 'सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान' (Sundarbans National Park) पश्चिम बंगाल में गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा के मैंग्रोव वनों में स्थित है, जो दुनिया का एकमात्र ऐसा नदी डेल्टा है जहाँ रॉयल बंगाल टाइगर प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं और यह रामसर साइट के रूप में भी सूचीबद्ध है।
3. 'नोकरेक बायोस्फीयर रिजर्व' (Nokrek Biosphere Reserve) मेघालय के गारो पहाड़ियों में स्थित है, जो लाल पांडा (Red Panda) के प्राकृतिक संरक्षण के लिए विशेष रूप से जाना जाता है और यूनेस्को के मैन एंड बायोस्फीयर (MAB) प्रोग्राम में शामिल है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'निलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व' (Nilgiri Biosphere Reserve) भारत का सबसे पहला स्थापित बायोस्फीयर रिजर्व है, जो केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के त्रिसंधि क्षेत्र में पश्चिमी घाट के अंतर्गत फैला हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
महासागरीय जलधाराओं और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कुरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) उत्तर प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो फिलीपींस के तट से उत्तर की ओर बहते हुए जापान के पूर्वी तट के सहारे प्रवाहित होती है और इसे 'जापान की काली धारा' भी कहा जाता है।
2. 'बेंग्युला जलधारा' (Benguela Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो अफ्रीकी महाद्वीप के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और इसके प्रभाव से कालाहारी मरुस्थल के तटीय भागों में अति-शुष्क परिस्थितियों का निर्माण होता है।
3. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जो न्यूफाउंडलैंड के तट के पास गल्फ स्ट्रीम से मिलकर दुनिया के सबसे बड़े मरुस्थलीय क्षेत्रों का निर्माण करती है।
4. 'अलास्का जलधारा' (Alaska Current) उत्तरी प्रशांत महासागर के उच्च अक्षांशों पर प्रवाहित होने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो अलास्का की खाड़ी में तापमान को अत्यधिक गिरा देती है और बंदरगाहों को जमा देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत में जनसंख्या वितरण, नगरीकरण और मानवजातीय संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 68.8% भाग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है, और उत्तर प्रदेश राज्य में ग्रामीण जनसंख्या की कुल संख्या देश में सर्वाधिक है, जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य में कुल आबादी का सबसे बड़ा ग्रामीण प्रतिशत (लगभग 90%) दर्ज किया गया।
2. भारत की कुल नगरीय जनसंख्या का सबसे बड़ा हिस्सा 'महाराष्ट्र' राज्य में निवास करता है, जिसके पश्चात दूसरा स्थान 'उत्तर प्रदेश' राज्य का आता है, किंतु यदि कुल राज्य की जनसंख्या में नगरीय आबादी के अनुपात को देखा जाए तो 'गोवा' राज्य प्रथम स्थान पर है।
3. प्रसिद्ध मानवशास्त्री बी.एस. गुहा (B.S. Guha) के वर्गीकरण के अनुसार, भारत की जनसंख्या को प्रमुख रूप से छह मुख्य मानवजातीय समूहों में विभाजित किया गया है, जिसमें 'निग्रिटो' (Negrito) भारत की सबसे प्राचीन मानवजाति मानी जाती है जो वर्तमान में मुख्य रूप से केरल की पहाड़ियों, अंडमान द्वीप समूह और खासी-जयंतिया पहाड़ियों के कुछ भागों में पाई जाती है।
4. जनगणना 2011 के अंतिम आँकड़ों के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) का प्रतिशत 8.6% है, और संख्या की दृष्टि से इस वर्ग की सर्वाधिक आबादी 'मध्य प्रदेश' राज्य में निवास करती है, जबकि कुल जनसंख्या में इनके अनुपात के मामले में 'लक्षद्वीप' शीर्ष पर है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति तथा उसकी क्रियाशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और पाकिस्तान के तराई क्षेत्रों में विकसित होने वाला अत्यधिक कम वायुदाब का क्षेत्र ('मानसून गर्त' या मानसून ट्रफ) अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) के उत्तर की ओर खिसकने का परिणाम है।
2. 'अल-निनो' (El Niño) घटना के दौरान प्रशांत महासागर में पेरू के तट के पास ठंडी जलधारा का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी हवाओं का दबाव मजबूत होता है और सामान्य से अधिक वर्षा होती है।
3. 'मैडन-जूलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) एक पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और हवाओं की एक महासागरीय-वायुमंडलीय प्रणाली है, जो हिंद महासागर के ऊपर से गुजरने पर भारतीय मानसून की सक्रियता को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है।
4. तिब्बत के पठार का ग्रीष्मकालीन अत्यधिक गर्म होना वायुमंडलीय तापीय परिसंचरण (Thermal Convection) को जन्म देता है, जो ऊपरी क्षोभमंडल में पूर्वी जेट स्ट्रीम (Easterly Jet Stream) के विकास में सहायक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत की मृदा (मिट्टी) के वितरण, उनकी भौगोलिक अवस्थिति और कृषि योग्य विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का विकास मुख्य रूप से दक्कन के पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में कम वर्षा वाले प्राचीन रवेदार (Crystalline) आग्नेय चट्टानों के अपक्षय से होता है, और इसमें लोहे के व्यापक प्रसार के कारण इसका रंग लाल होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) के बाद यह पीले रंग की दिखाई देती है।
2. 'मरुस्थलीय मृदा' (Arid Soil) का विस्तार मुख्य रूप से अरावली पर्वतमाला के पश्चिमी क्षेत्र में पाया जाता है, जिसमें घुलनशील लवणों और कैल्शिएम कार्बोनेट की अधिकता होती है, तथा नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत पाए जाने के कारण इस मिट्टी में जल अंतःस्यंदन (Infiltration) की क्षमता अत्यधिक तीव्र होती है।
3. 'पीट और दलदली मृदा' (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत जैविक पदार्थों के भारी संचय के कारण विकसित होती है, जो सामान्यतः अम्लीय प्रकृति की होती हैं और इनमें ह्यूमस की मात्रा 10% से 40% तक पाई जाती है, तथा ये केरल के 'कैरियॉइल' क्षेत्रों में धान की खेती के लिए जानी जाती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में मृदा अपरदन और उसकी उर्वरता के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण और भूमि उपयोग योजना ब्यूरो (NBSS&LUP) नागपुर में स्थित है, जो देश के कृषि जलवायु क्षेत्रों के आधार पर मृदा वर्गीकरण का कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.