BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
22 views

सौर मंडल के ग्रहों, उनकी आंतरिक संरचना, चुंबकीय क्षेत्रों और उपग्रहों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) हमारे सौर मंडल के ऐसे दो ग्रह हैं जो अन्य ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम (Clockwise/वामावर्त) दिशा में अपनी धुरी पर घूर्णन करते हैं, जिसका मुख्य कारण उनके प्राचीन इतिहास में किसी बड़े उल्कापिंड का प्रभाव या ज्वारीय उत्क्रमण हो सकता है।
  2. 2. बृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह 'गैनीमेड' (Ganymede) हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है, और इसका अपना आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र (Intrinsic Magnetic Field) है, जो इसे सौर मंडल का एकमात्र ऐसा उपग्रह बनाता है जिसके पास स्वयं का चुंबकीय क्षेत्र मौजूद है।
  3. 3. शनि ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' (Titan) बुध ग्रह से भी आकार में बड़ा है और इसके वायुमंडल में मुख्य रूप से नाइट्रोजन तथा मीथेन गैस पाई जाती है, जहाँ मीथेन चक्र (जैसे पृथ्वी पर जल चक्र होता है) के कारण मीथेन की बारिश और तरल हाइड्रोकार्बन की झीलें पाई जाती हैं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के मध्य स्थित है, और इस पेटी में सबसे बड़ा पिंड 'सेरेस' (Ceres) है जिसे वर्तमान में एक बौने ग्रह (Dwarf Planet) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1. शुक्र और अरुण सौर मंडल के ऐसे ग्रह हैं जिनका घूर्णन (Rotation) अन्य अधिकांश ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम की ओर है। 2. गैनीमेड बृहस्पति का उपग्रह है और यह सौर मंडल का सबसे बड़ा चंद्रमा है, जिसके पास अपना चुंबकमंडल (Magnetosphere) है। 3. टाइटन शनि का सबसे बड़ा उपग्रह है, जो बुध से बड़ा है और वहाँ सघन नाइट्रोजन-मीथेन वायुमंडल के साथ मीथेन की झीलें पाई जाती हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्षुद्रग्रह पेटी मार्स और जुपिटर के बीच स्थित है तथा सेरेस इसका सबसे प्रमुख बौना ग्रह है।
Share:

Related Questions

→ प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) और भूगर्भीय प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महाद्वीपीय विस्थापन और प्लेटों के अभिसरण क्षेत्रों में सबडक्शन जोन (Subduction Zone) के सहारे उत्पन्न होने वाले गहरे भूकंप, 'बैनियोफ ज़ोन' (Benioff Zone) के रूप में जाने जाते हैं, जहाँ भूकंपीय फोकस की गहराई 300 किमी से अधिक हो सकती है। 2. प्रशांत महासागर की परिधि पर स्थित 'रिंग ऑफ़ फ़ायर' (Ring of Fire) मुख्य रूप से महासागरीय-महासागरीय और महासागरीय-महाद्वीपीय अभिसारी प्लेट सीमाओं का एक वृहद क्षेत्र है, जहाँ दुनिया के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी और मध्य-गहरे भूकंप दर्ज किए जाते हैं। 3. 'सुनामी' (Tsunami) लहरें समुद्र के भीतर अचानक उत्पन्न होने वाले विस्थापन जैसे कि बड़े पैमाने पर सबडक्शन ज़ोन के भूकंप या भूस्खलन के कारण पैदा होती हैं, और खुले महासागर में इनकी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) अत्यधिक लंबी होने के कारण जलपोतों को इनकी उपस्थिति का आसानी से आभास हो जाता है। 4. पैसिफिक रिंग ऑफ़ फायर के विपरीत, मध्य अटलांटिक कटक (Mid-Atlantic Ridge) एक अपसारी (Divergent) प्लेट सीमा का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ दरारी ज्वालामुखी (Fissure Volcanoes) और उथले फोकस वाले भूकंप सामान्य रूप से आते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता के प्रकार और चक्रवातों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'रोरिंग फिफ्टीज' (Roaring Forties) दक्षिणी गोलार्ध में 40° से 50° दक्षिणी अक्षांशों के बीच बहने वाली तीव्र पश्चिमी पवनें हैं, जहाँ महाद्वीपों के अवरोधों की अनुपस्थिति के कारण इनकी गति अत्यधिक तेज और निर्बाध होती है। 2. 'साम्भावी आर्द्रता' (Relative Humidity) वायु में मौजूद जलवाष्प की वास्तविक मात्रा और उसी तापमान पर वायु की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का प्रतिशत अनुपात होती है, और तापमान बढ़ने पर साम्भावी आर्द्रता में वृद्धि होती है। 3. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) की उत्पत्ति मुख्य रूप से 'वाताग्र' (Frontogenesis) के निर्माण के कारण होती है, जहाँ गर्म और ठंडी हवाएँ आपस मिलती हैं, जबकि उष्णकटिबंधीय चक्रवात कोरियोलिस बल के अभाव के कारण विषुवत रेखा (0° से 5° अक्षांश) के ठीक ऊपर आसानी से विकसित हो जाते हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के केंद्र को 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Storm) कहा जाता है, जो शांत मौसम, आंशिक रूप से साफ आसमान और न्यूनतम वायुदाब वाला क्षेत्र होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूपर्पटी (Crust) के रासायनिक संघटन और चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में भार के अनुसार सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व 'ऑक्सीजन' है, जिसके बाद दूसरा स्थान 'सिलिकॉन' का और तीसरा स्थान 'एल्युमिनियम' का आता है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी के स्तर पर सबसे प्रधान तत्व 'लोहा' (Iron) है। 2. 'बेसाल्ट' और 'ग्रेब्रो' अंतर्वेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टानों के प्रमुख उदाहरण हैं, जो मैग्मा के अत्यधिक गहराई में धीरे-धीरे ठंडे होने से बड़े रवेदार कणों के रूप में निर्मित होती हैं। 3. रूपांतरित या कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप, दाब या रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के प्रभाव से पूर्ववर्ती आग्नेय और अवसादी चट्टानों के रूप-परिवर्तन से बनती हैं, जैसे स्लेट का फायलाइट में तथा चूना पत्थर का संगमरमर में बदलना। 4. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) परतदार या स्तरीकृत (Stratified) होती हैं, जिनमें जीवाश्मों (Fossils) के पाए जाने की संभावना सबसे अधिक होती है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय-देशांतीर्य स्थिति और मानक समय रेखा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश के मध्य है, जबकि इसका देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर तक फैला हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप देश के सबसे पश्चिमी और सबसे पूर्वी छोर के बीच लगभग 30 डिग्री देशांतर का अंतर पाया जाता है। 2. भारत की मानक समय रेखा (82°30' पूर्व देशांतर) देश के कुल पाँच राज्यों—उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश—से होकर गुजरती है, और यह रेखा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के निकट से गुजरते हुए भारतीय मानक समय का निर्धारण करती है। 3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से होकर गुजरती है और यह कुल आठ राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से गुजरती है, जिसमें झारखंड की राजधानी रांची कर्क रेखा के सबसे निकट स्थित प्रमुख शहर है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का उत्तर से दक्षिण तक कुल वास्तविक विस्तार लगभग 3,214 किलोमीटर तथा पूर्व से पश्चिम तक कुल विस्तार लगभग 2,933 किलोमीटर है, तथा देश की कुल स्थलीय सीमा की लंबाई लगभग 15,200 किलोमीटर है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत में सिंचाई तकनीकों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों की भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'सूक्ष्म सिंचाई' (Micro-irrigation) के अंतर्गत ड्रिप और फव्वारा (Sprinkler) सिंचाई पद्धतियाँ आती हैं, जो सतही सिंचाई की तुलना में जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अत्यधिक बढ़ाती हैं और भूजल के अति-दोहन को रोकने में मदद करती हैं। 2. 'धान' (Rice) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है जिसके लिए उच्च तापमान, उच्च आर्द्रता और जल-भराव की आवश्यकता होती है, और भारत में रोपण विधि (Transplanting) से इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। 3. 'सकल बोया गया क्षेत्र' (Gross Cropped Area) और 'शुद्ध बोए गए क्षेत्र' (Net Sown Area) के बीच का अंतर 'फसल गहनता' (Cropping Intensity) को दर्शाता है, जो यह बताता है कि एक कृषि वर्ष में किसी निश्चित भूमि पर कितनी बार फसलें उगाई जाती हैं। 4. 'जायद' की फसलें मुख्य रूप से खरीफ और रabi के बीच ग्रीष्मकालीन अल्प अवधि में उगाई जाती हैं, जिनमें तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसी फसलें शामिल हैं, जिन्हें पकने के लिए कम तापमान और उच्च आर्द्रता की आवश्यकता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.