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Geography
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'पामीर का पठार' (Pamir Plateau), जिसे 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है, एक अंतर-पर्वतीय (Intermontane) पठार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो ट्यूनेशिया, तियान शान, कुनलुन, काराकोरम और हिंदूकुश पर्वत श्रेणियों के मिलने से बनता है।
- 2. 'ग्रेट बेसिन मरुस्थल' (Great Basin Desert) संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक शीत मरुस्थल (Cold Desert) है, जो रॉकी पर्वत और साइरा नेवादा पर्वत श्रेणियों के बीच वृष्टिछाया (Rain-shadow) क्षेत्र में स्थित होने के कारण शुष्क प्रकृति का है।
- 3. हंगरी के 'पुस्ताज' (Puszta) और अर्जेंटीना के 'पंपास' (Pampas) मैदान मुख्य रूप से समशीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान हैं, जो आंतरिक महाद्वीपीय स्थितियों और अर्ध-शुष्क जलवायु के कारण कृषि एवं पशुपालन के लिए अत्यधिक उपजाऊ माने जाते हैं।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'रॉकी पर्वत' (Rocky Mountains) और 'एंडिज पर्वत' (Andes Mountains) दोनों ही नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountains) हैं, जिनका निर्माण विवर्तनिक प्लेटों के अभिसरण (Convergent Plate Boundaries) के फलस्वरूप हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि पामीर का पठार ट्यूनेशिया (ट्यूनीशिया अफ्रीका में है) के बजाय तियान शान, कुनलुन, काराकोरम, हिंदूकुश और हिमालय श्रेणियों के मध्य स्थित है। कथन 2 सत्य है; ग्रेट बेसिन मरुस्थल अमेरिका का सबसे बड़ा मरुस्थल है और यह एक शीत/शुष्क मरुस्थल है जो वृष्टिछाया प्रभाव के कारण बना है। कथन 3 सत्य है; पुस्ताज (हंगरी) और पंपास (अर्जेंटीना) शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदानों के प्रमुख उदाहरण हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रॉकी और एंडिज दोनों ही टर्शरी काल में निर्मित नवीन वलित पर्वत हैं। अतः विकल्प (b) सही है।
Related Questions
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भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों और थार मरुस्थल क्षेत्र में अत्यधिक तापमान के कारण विकसित होने वाला निम्न वायुदाब क्षेत्र (जिसे 'मानसून गर्त' या मानसून ट्रफ कहा जाता है) दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनों को भूमध्य रेखा पार करने के बाद दक्षिण-पश्चिमी मानसून के रूप में भारत की ओर आकर्षित करता है।
2. 'एल निनो' (El Nino) घटना के दौरान पूर्वी प्रशांत महासागर (पेरू के तट के पास) में समुद्री सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि हो जाती है, जिसके कारण भारतीय उपमहाद्वीप में वायुदाब की स्थिति प्रतिकूल हो जाती है और यह सामान्यतः भारत में दक्षिण-पश्चिमी मानसून की वर्षा को कमजोर या बाधित करती है।
3. 'मैडन-जूलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) एक पूर्वगामी महासागरीय-वायुमंडलीय तरंग है, जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बादलों और वर्षा के क्षेत्रों को पूर्व की ओर संचालित करती है, और इसका सक्रिय चरण भारतीय मानसून के दौरान वर्षा में वृद्धि या 'ब्रेक मानसून' की स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार तिब्बत के पठार का ग्रीष्मकाल में अत्यधिक गर्म होना एक तापीय कारक के रूप में कार्य करता है, जो ऊपरी क्षोभमंडल में पूर्वी जेट स्ट्रीम (Easterly Jet Stream) के विकास में सहायक होता है और मानसून की सक्रियता को तीव्र करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा संपर्क मार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. बनिहाल दर्रा (Banihal Pass) - यह पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है, जो जम्मू को श्रीनगर से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है और इसी दर्रे के नीचे 'जवाहर सुरंग' (Jawahar Tunnel) का निर्माण किया गया है।
2. बारालाचा ला (Baralacha La) - यह जांसकर श्रेणी में स्थित एक प्रमुख दर्रा है, जो लेह को मनाली से जोड़ता है और यहीं से चिनाव नदी की दो मुख्य धाराएँ चन्द्र और भागा निकलती हैं।
3. थालघाट (Thal Ghat) - यह पश्चिमी घाट में स्थित एक दर्रा है, जो मुंबई को पुणे से जोड़ता है और इसके माध्यम से सड़क व रेल मार्ग दोनों नासिक-नागपुर की ओर निकलते हैं।
4. दीफु दर्रा (Dipu Pass) - यह अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी छोर पर भारत-म्यांमार-चीन की त्रिसंधि (Tri-junction) के पास स्थित एक रणनीतिक दर्रा है जो भारत को म्यांमार से जोड़ता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream) एक गर्म जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से निकलकर उत्तर-पूर्वी अटलांटिक महासागर की ओर प्रवाहित होती है और पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों के जलवायु को समशीतोष्ण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2. लैब्राडोर जलधारा (Labrador Current) एक ठंडी जलधारा है जो आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बेaffin की खाड़ी और न्यूफाउंडलैंड के तटों के सहारे बहती है, तथा इसके गर्म गल्फ स्ट्रीम से मिलने वाले क्षेत्र में दुनिया के सबसे समृद्ध मतस्यन क्षेत्रों (Fishing Grounds) का विकास होता है।
3. पेरू या हम्बोल्ट जलधारा (Peru/Humboldt Current) एक ठंडी जलधारा है जो प्रशांत महासागर में दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर दिशा में प्रवाहित होती है और इस जलधारा के कारण 'अल नीनो' (El Nino) जैसी मौसमी परिघटना का निर्माण होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्षिणी गोलार्ध में महासागरीय जलधाराएँ कोरियोलिस बल के प्रभाव के कारण घड़ी की सुइयों की दिशा में (Clockwise) प्रवाहित होती हैं, जबकि उत्तरी गोलार्ध में ये घड़ी की सुइयों की विपरीत दिशा में (Anti-clockwise) घूमती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की अवस्थिति और उनके geological संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में मिलने वाला लगभग 98% से अधिक कोयला 'गोडवाना क्रम' की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दाम्बा, महानदी, गोदावरी और सोन नदी घाटियों में संकेंद्रित है, और यह उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला है जिसमें गंधक (Sulfur) की मात्रा बहुत कम होती है।
2. 'मुंबई हाई' (Mumbai High) क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा अपतटीय पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है, जिसकी खोज वर्ष 1974 में की गई थी, और यहाँ पेट्रोलियम का मुख्य उत्पादन 'मिशेल कै L-III' (Miocene Limestone) संस्तर से होता है।
3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए आवश्यक 'यूरेनियम' के प्रमुख भंडार झारखंड के जादूगोड़ा के अतिरिक्त मेघालय के 'डोंगयहृल' (Domiasiat) क्षेत्र और आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली (तुम्मलपल्ले) में स्थित हैं, जहाँ डोलोमाइट और चूना पत्थर की चट्टानों में यूरेनियम का संचय पाया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का पहला कोयला खनन स्थल पश्चिम बंगाल का 'रानीगंज' क्षेत्र है, जहाँ वर्ष 1774 में ईस्ट इंडिया कंपनी के समय वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जलवायु और मानसून की क्रियाशीलता को प्रभावित करने वाले कारकों एवं विभिन्न मौसम प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जेट स्ट्रीम' (Jet Stream) विशेष रूप से क्षोभमंडल की ऊपरी सीमा पर अत्यधिक तीव्र गति से चलने वाली संकीर्ण हवाएँ हैं, जिनमें शीतकाल के दौरान उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) तिब्बत के पठार के दक्षिण में प्रवाहित होकर उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) को लाने में सहायक होती है।
2. 'अल नीनो-दक्षिणी दोलन' (ENSO) का भारतीय मानसून के साथ सीधा और नकारात्मक संबंध देखा जाता है; जब पूर्वी प्रशांत महासागर में जल का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है, तो यहWalker Circulation को कमजोर करता है, जिससे भारत में सूखे या मानसूनी वर्षा में कमी की संभावना बढ़ जाती है।
3. 'मैथ्यू मैडेलिन' और आधुनिक मौसम वैज्ञानिकों के गतिकीय सिद्धांत के अनुसार, ग्रीष्मकाल में मेडागास्कर के पूर्व में हिंद महासागर के ऊपर विकसित होने वाला 'मस्कैरेन उच्च दाब' (Mascarene High) दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं को भारतीय उपमहाद्वीप की ओर धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'मानसून का निवर्तन' (Retreating Monsoon) सितंबर के अंत से शुरू होता है, जिसके दौरान मानसूनी गर्त (Monsoon Trough) दक्षिण की ओर खिसकता है और साफ आसमान तथा उच्च तापमान के कारण उत्तर भारत में 'अक्टूबर की गर्मी' (October Heat) की स्थिति उत्पन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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