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Geography
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ज़ोजिला दर्रा (Zoji La) - महान हिमालय श्रेणी (लद्दाख/कश्मीर)
  2. 2. शिपकी ला दर्रा (Shipki La) - जास्कर श्रेणी (हिमाचल प्रदेश)
  3. 3. बारालाचा ला दर्रा (Baralacha La) - पीर पंजाल श्रेणी (लद्दाख और हिमाचल प्रदेश की सीमा)
  4. 4.

बोमडिला दर्रा (Bomdila Pass) - अरुणाचल प्रदेश (कम्पांग घाटी के पास तवांग को जोड़ने वाला) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

युग्म 1 सही है क्योंकि ज़ोजिला दर्रा महान हिमालय श्रेणी में स्थित है जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है। युग्म 2 सही है क्योंकि शिपकी ला दर्रा जास्कर श्रेणी में हिमाचल प्रदेश में स्थित है जहाँ से सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है। युग्म 3 गलत है क्योंकि बारालाचा ला दर्रा पीर पंजाल श्रेणी में नहीं, बल्कि ज़स्कर श्रेणी पर हिमाचल प्रदेश के लाहौल और लद्दाख को जोड़ने वाला दर्रा है। युग्म 4 सही है क्योंकि बोमडिला दर्रा अरुणाचल प्रदेश में स्थित है जो तवांग और तिब्बत को जोड़ता है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत के ये पर्वतीय दर्रे रणनीतिक और व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति तथा वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्रीष्मकाल में उत्तर-पश्चिम भारत के विशाल मैदानी भागों में अत्यधिक तापमान के कारण विकसित होने वाला 'मानसून गर्त' (Monsoon Trough) निम्न वायुदाब का एक ऐसा क्षेत्र है जो भूमध्य रेखा को पार कर आने वाली दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को दक्षिण-पश्चिम मानसूनी पवनों के रूप में आकर्षित करता है। 2. 'अल नीनो' (El Niño) घटना के दौरान दक्षिणी प्रशांत महासागर में ताहिती (पॉलीनेशिया) की तुलना में डार्विन (ऑस्ट्रेलिया) के ऊपर वायुमंडलीय दाब में असामान्य वृद्धि होती है, जिससे भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता बढ़ जाती है और सामान्य से अधिक वर्षा होती है। 3. तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन दक्षिण-पश्चिम मानसून से बहुत कम वर्षा होती है, क्योंकि यह क्षेत्र पश्चिमी घाट के 'वृष्टिछाया क्षेत्र' (Rain Shadow Area) में स्थित है, और यहाँ मुख्य रूप से वर्षा शीतकाल में उत्तर-पूर्वी मानसून (लौटते मानसून) द्वारा होती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार तिब्बत का पठार ग्रीष्मकाल में एक विशाल 'ऊष्मीय इंजन' (Thermal Low) के रूप में कार्य करता है, जो क्षोभमंडल के ऊपरी स्तरों में पूर्वी जेट स्ट्रीम (Easterly Jet Stream) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महासागरीय नितल के उच्चावच में 'महाद्वीपीय मग्नतट' (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत प्रवणता बहुत कम होती है और यहाँ सूर्य का प्रकाश प्रचुर मात्रा में पहुँचने के कारण ये क्षेत्र विश्व के सबसे बड़े मछली पकड़ने के क्षेत्र (Fishing Grounds) माने जाते हैं। 2. 'अपोजी' (Apogee) वह स्थिति है जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी पर होता है, जिसके परिणामस्वरूप पृथ्वी पर सामान्य से बहुत कम ऊँचे 'लघु ज्वार' (Neap Tides) जैसी स्थितियाँ और कमजोर ज्वार-भाटे आते हैं। 3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है और सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) को मलय प्रायद्वीप से अलग करती है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यधिक रणनीतिक महत्व रखती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'बेरिंग जलसंधि' (Bering Strait) प्रशांत महासागर के बेरिंग सागर को आर्कटिक महासागर के चुकची सागर से जोड़ती है और एशिया महासागर के साइबेरिया क्षेत्र को उत्तरी अमेरिका के अलास्का से अलग करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सौर मण्डल के ग्रहों, उनकी गति और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार (Elliptical) कक्षाओं में परिक्रमा करते हैं, और केप्लर के द्वितीय नियम (Law of Areas) के अनुसार जब कोई ग्रह सूर्य के निकट होता है (उपसौर/Perihelion), तो उसकी कक्षीय चाल न्यूनतम हो जाती है। 2. 'शुक्र' (Venus) और 'अरुण' (Uranus) हमारे सौर मण्डल के ऐसे दो ग्रह हैं जो अन्य अधिकांश ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम (Clockwise/दक्षिणावर्त) दिशा में अपने अक्ष पर घूर्णन करते हैं। 3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल (Mars) और बृहस्पति (Jupiter) ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, जहाँ छोटे-छोटे चट्टानी पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं, और इसी पेटी से बाहर निकलने वाले पिंडों को 'उल्कापिंड' (Meteoroids) कहा जाता है जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर जल उठते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'जास्कर श्रेणी' (Zanskar Range) महान हिमालय के उत्तर में समानांतर रूप से फैली हुई एक पार-हिमालयी श्रेणी है, जो लद्दाख क्षेत्र को तिब्बत से अलग करती है और इसी श्रेणी के पूर्वी विस्तार में प्रसिद्ध 'नंगा पर्वत' स्थित है जो इस श्रेणी का सर्वोच्च शिखर है। 2. 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'अलनिनो-दक्षिणी दोलन' (ENSO) के नकारात्मक चरण के दौरान, जब पश्चिमी प्रशांत महासागर में वायुदाब कम और पूर्वी प्रशांत महासागर (पेरू तट) में उच्च वायुदाब होता है, तब भारतीय मानसून की वर्षा में भारी वृद्धि दर्ज की जाती है। 3. पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढलानों पर भारी वर्षा होती है क्योंकि नमी से लदी दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाएँ इनसे सीधे टकराकर तेजी से ऊपर उठती हैं और संघनन की प्रक्रिया पूरी करती हैं, जिससे दक्कन का पठार इसके 'वृष्टिच्छाया क्षेत्र' (Rain Shadow Area) में स्थित होने के कारण अपेक्षाकृत शुष्क रहता है। 4. उत्तर-पूर्वी भारत में स्थित 'मावसिनराम' (Mawsynram) में विश्व की सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा दर्ज की जाती है, जिसका प्रमुख भौगोलिक कारण खासी पहाड़ियों की कीपनुमा (Funnel-shaped) स्थलाकृति है, जो मानसूनी हवाओं को चारों ओर से रोककर ऊपर की ओर बाध्य करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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