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Geography
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ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति, तारकीय विकास (Stellar Evolution), सौर मंडल के ग्रहों की आंतरिक संरचना और खगोलीय पिंडों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. तारों के जीवन चक्र में, जब मुख्य अनुक्रम (Main Sequence) का तारा अपनी कोर का हाइड्रोजन ईंधन समाप्त कर लेता है, तो इसका बाहरी आवरण फैलता है और यह 'लाल दानव' (Red Giant) या 'सुपरजायंट' में बदल जाता है, जिसके पश्चात अत्यधिक द्रव्यमान वाले तारों का अंतिम अंत एक भीषण 'सुपरनोवा' विस्फोट और उसके बाद न्यूट्रॉन तारा या ब्लैक होल के रूप में होता है।
- 2. 'हबल का नियम' (Hubble's Law) यह स्पष्ट करता है कि आकाशगंगाएँ (Galaxies) एक-दूसरे से दूर जा रही हैं और किसी आकाशगंगा का हमसे दूर जाने का वेग उसकी हमसे दूरी के सीधे आनुपातिक (Proportional) होता है, जो ब्रह्माण्ड के विस्तार (Expanding Universe) का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करता है।
- 3. आंतरिक ग्रह (पार्थिव ग्रह) मुख्य रूप से चट्टानों और धातुओं से बने होते हैं और इनका घनत्व उच्च होता है, जबकि बाह्य ग्रह (जोवियन ग्रह) मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम जैसी हल्की गैसों से बने गैसीय दिग्गज हैं और इनका औसत घनत्व बहुत कम होता है, यहाँ तक कि शनि ग्रह का घनत्व जल के घनत्व से भी कम है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार हमारे सौर मंडल के सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा पश्चिम से पूर्व की ओर करते हैं और उनके घूर्णन की दिशा भी परिक्रमा की दिशा के समान होती है, सिवाय इसके कि शुक्र और अरुण (Uranus) ग्रह अपनी धुरी पर पूर्व से पश्चिम की ओर विपरीत घूर्णन करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन ब्रह्माण्ड, सौर मंडल और खगोलीय विज्ञान के दृष्टिकोण से पूर्णतः सत्य हैं। प्रथम कथन में तारों के विकास और सुपरनोवा विस्फोट के बाद न्यूट्रॉन तारे या ब्लैक होल बनने की प्रक्रिया का सटीक वर्णन किया गया है। दूसरा कथन एडविन हबल के उस प्रसिद्ध नियम को दर्शाता है जो ब्रह्मांड के लगातार फैलने (Expanding Universe) की पुष्टि करता है। तीसरे कथन में पार्थिव (Terrestrial) और जोवियन (Jovian) ग्रहों की संरचना और उनके असामान्य रूप से कम घनत्व (विशेषकर शनि का घनत्व जल से कम होना) को सही ढंग से समझाया गया है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शुक्र और अरुण (Uranus) को छोड़कर सौर मंडल के लगभग सभी ग्रह अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूर्णन करते हैं, जबकि ये दोनों ग्रह उल्टी दिशा (पूर्व से पश्चिम) में घूमते हैं। अतः सभी चार कथन सही हैं।
Related Questions
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विश्व की प्रमुख नदियों और उनके किनारे बसे नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. कायरो (Cairo): यह मिस्र की राजधानी है जो 'नील नदी' (Nile River) के तट पर स्थित है।
2. बुडापेस्ट (Budapest): यह हंगरी की राजधानी है जो 'डैन्यूब नदी' (Danube River) के दोनों तटों पर बसी हुई है।
3. पेरिस (Paris): यह फ्रांस की राजधानी है जो 'सीन नदी' (Seine River) के किनारे स्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रोम (Rome) इटली की राजधानी है जो 'पो नदी' (Po River) के तट पर स्थित है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-कौन से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा वर्गीकृत भारतीय मृदाओं और उनके क्षेत्रीय वितरण तथा रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक विस्तृत मृदा 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) है, जो मुख्य रूप से उत्तर के विशाल मैदानों और प्रायद्वीपीय भारत के नदी डेल्टाओं में पाई जाती है, तथा इसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है जबकि नाइट्रोजन और फास्फोरस की कमी पाई जाती है।
2. 'काली मृदा' (Black Soil), जिसे स्थानीय रूप से 'रेगुर' या 'कपासी मृदा' भी कहा जाता है, में स्वतः जुताई (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है क्योंकि यह गीली होने पर चिपचिपी और सूखी होने पर चौड़ी-चौड़ी गहरी दरारों से फट जाती है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'शुष्क और मरुस्थलीय मृदा' (Arid and Desert Soil) मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है, जिसमें घुलनशील लवणों और कैल्शम कार्बोनेट की अधिकता होती है, तथा नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत पाए जाने के कारण इस मृदा में जल अंतःस्यंदन (Infiltration) की क्षमता अत्यधिक तीव्र होती है।
4. 'पर्वतीय और वन मृदा' (Mountain and Forest Soils) हिमालयी क्षेत्रों में ढलानों पर विकसित होती है, जो अम्लीय प्रकृति की होती है और इसमें ह्यूमस की मात्रा बहुत कम पाई जाती है, विशेषकर निचले भागों में यह मृदा बागवानी फसलों के लिए अत्यधिक उपयुक्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी उत्पत्ति को प्रभावित करने वाले कारकों तथा प्रमुख धाराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय जलधाराएँ महासागरों में जल का एक निश्चित दिशा में 3-D निरंतर प्रवाह है, जो मुख्य रूप से पृथ्वी के घूर्णन (कोरिओलिस बल), प्रचलित हवाओं (प्रवाहित पवनें), तापमान और लवणता में भिन्नता के कारण उत्पन्न होता है।
2. 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक ठंडी जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्तर की ओर बहती हुई पश्चिमी यूरोप के तटों पर पहुँचकर वहाँ के तापमान को अत्यधिक सर्द और हिमाच्छादित बना देती है।
3. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) एक ठंडी जलधारा है जो आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहती हुई न्यूफाउंडलैंड के पास गर्म गल्फ स्ट्रीम से मिलती है, जिससे वहाँ दुनिया के सबसे समृद्ध मत्स्यन क्षेत्रों (Fishing Grounds) में से एक का विकास होता है।
4. 'पेरूवियन या हम्बोल्ट जलधारा' (Humboldt Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जिसके तापमान में वृद्धि होने से 'एल निनो' (El Niño) घटना का निर्माण होता है और भारतीय मानसून कमजोर पड़ जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल में पवन प्रणालियों, आर्द्रता के प्रकार और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अभिसारी वर्षा' (Convectional Rainfall) मुख्य रूप से विषुवतीय क्षेत्रों में होती है, जहाँ अत्यधिक तापमान के कारण हवा गर्म होकर ऊपर उठती है, ठंडी होती है और कपाशावर्षा मेघ (Cumulonimbus clouds) के निर्माण से तीव्र मूसलाधार वर्षा के साथ गर्जन और तड़ित उत्पन्न होती है।
2. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के केंद्र में 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) स्थित होती है, जो उच्च दाब और घने बादलों वाला क्षेत्र होता है, जहाँ हवाएँ बहुत तीव्र गति से नीचे उतरती हैं।
3. 'फ्योहन' (Faehn) और 'चिकॉक' (Chinook) स्थानीय पवनें 'कैटैबैटिक' (Katabatic) और 'एनाबैटिक' (Anabatic) पवनों का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो पर्वतीय क्षेत्रों के लीवार्ड (प्रतिपवन) ढलानों पर उतरने के कारण अत्यधिक गर्म और शुष्क हो जाती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Extra-tropical Cyclones) विभिन्न वायु संहतियों (Air Masses) के मिलने से बनने वाले वाताग्र (Fronts) के सहारे उत्पन्न होते हैं और इनका प्रभाव क्षेत्र उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तुलना में बहुत विस्तृत होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और झीलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नागार्जुन सागर परियोजना कृष्णा नदी पर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सीमा पर स्थित एक बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसका निर्माण चिनाई (Masonry) बांध के रूप में किया गया है और इसके पीछे बनी कृत्रिम झील का नाम 'गुरु गोबिंद सागर' है।
2. रिहन्द परियोजना, जिसे 'गोविन्द बल्लभ पंत सागर' के नाम से भी जाना जाता है, सोन नदी की एक प्रमुख सहायक नदी रिहन्द पर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित है और यह भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है।
3. उक्काई परियोजना (Ukai Project) तापी नदी पर गुजरात में निर्मित है, जिसके फलस्वरूप बनी जलाशय झील को 'वल्लभ सागर' कहा जाता है।
4. हीराकुंड बांध परियोजना महानदी पर ओडिशा में निर्मित विश्व के सबसे लंबे मिट्टी के बांधों (Earthen Dams) में से एक है, जिसके जलागार का नाम 'महानाला जलाशय' है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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