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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, मोहरोविकिक असंबद्धता (Moho Discontinuity) और चट्टानों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मोहरोविकिक असंबद्धता क्रस्ट (Crust) और मेंटल (Mantle) के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ भूकंपीय तरंगों (P-waves और S-waves) की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
- 2. पृथ्वी की पपड़ी (Crust) में भार के अनुसार सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व 'सिलिकॉन' है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी के क्रोड (Core) में मुख्य रूप से निकल और लोहे की प्रधानता के कारण इसे 'निफे' (NIFE) परत कहा जाता है।
- 3. चूना पत्थर (Limestone) के अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से कायांतरित होकर संगमरमर (Marble) में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को तापीय या संपर्क कायांतरण (Contact Metamorphism) कहा जाता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ऊपरी मेंटल के ठीक नीचे स्थित 'दुर्बलता मंडल' (Asthenosphere) लगभग 100 किमी से 400 किमी की गहराई तक फैला हुआ एक अत्यधिक श्यान (Viscous) और अर्ध-पिघला हुआ क्षेत्र है, जो विवर्तनिक प्लेटों के संचलन के लिए मैग्मा का मुख्य स्रोत प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: मोहरोविकिक असंबद्धता (Moho Discontinuity) भूपर्पटी (Crust) और ऊपरी मेंटल के बीच स्थित होती है, और घनत्व में अचानक परिवर्तन के कारण यहाँ भूकंपीय तरंगों की गति बढ़ जाती है। कथन 2 गलत है: पृथ्वी की पपड़ी (Crust) में भार के अनुसार सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व 'ऑक्सीजन' (~46.6%) है, उसके बाद सिलिकॉन (~27.7%) का स्थान आता है। कथन 3 सही है: चूना पत्थर जब उच्च ताप और दाब के संपर्क में आता है, तो वह कायांतरित होकर संगमरमर (Marble) में बदल जाता है, जो संपर्क कायांतरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। कथन 4 सही है: दुर्बलता मंडल (Asthenosphere) में चट्टानें प्लास्टिक की अवस्था में होती हैं और यह प्लेट विवर्तनिकी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
Related Questions
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भारत की पर्वत प्रणालियों, उनकी संरचनात्मक विशेषताओं और प्रमुख घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लद्दाख श्रेणी' (Ladakh Range) ट्रांस-हिमालय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण भाग है, जो ज़ांस्कर श्रेणी के उत्तर में और काराकोरम श्रेणी के दक्षिण में सिंधु नदी के समानांतर फैली हुई है।
2. 'धौलाधार श्रेणी' (Dhauladhar Range) लघु हिमालय (Lesser Himalayas) का एक प्रमुख भाग है, जो मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश में स्थित है और इसके दक्षिणी ढलानों पर प्रसिद्ध पर्यटक स्थल 'शिमला' स्थित है, जबकि शिमला स्वयं धौलाधार पर न होकर एक अन्य रिज पर है, परंतु कुल्लू घाटी इसी श्रेणी के उत्तर में स्थित है।
3. 'न्युम्ब्रा घाटी' (Nubra Valley) काराकोरम और लद्दाख श्रेणियों के मध्य प्रवाहित होने वाली श्योक नदी की सहायक नदियों द्वारा निर्मित एक उच्च-तुंगता वाली ठंडी मरुस्थलीय घाटी है, जिसे सियाचिन ग्लेशियर का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है।
4. 'पालघाट दर्रा' (Palghat Gap) पश्चिमी घाट के दक्षिणी भाग में स्थित एक प्रमुख विखंडन या गैप है, जो नीलगिरी पहाड़ियों को अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों से अलग करता है और केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों, उनके रासायनिक गुणों और क्षेत्रीय वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदाएं (Red and Yellow Soils) मुख्य रूप से दक्कन के पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में कम वर्षा वाले क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों पर विकसित होती हैं, और इनमें लोहे के व्यापक विसरण के कारण इनका रंग लाल होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) के बाद यह पीले रूप में दिखाई देती हैं।
2. काली मृदा (Black Soil), जिसे स्थानीय रूप से 'रेगुर' (Regur) कहा जाता है, मूलतः ज्वालामुखी उद्गार से निर्मित बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से बनी है, जिसकी जल-धारण क्षमता अत्यंत उच्च होती है और भीगने पर यह चिपचिपी तथा सूखने पर इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
3. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) की प्रक्रिया के परिणामस्वरुप बनती है, जिसमें ह्यूमस की मात्रा कम पाई जाती है, किंतु यह मृदा खाद और उर्वरकों के उपयोग से चाय, कॉफ़ी और काजू की कृषि के लिए अत्यंत उपयुक्त हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अघिल दर्रा (Aghil Pass) - काराकोरम श्रेणी (लद्दाख)
2. बारालाचा ला (Baralacha La) - जांसकर श्रेणी (हिमाचल प्रदेश)
3. दीफू दर्रा (Dipu Pass) - महान हिमालय (अ Arunachal Pradesh)
4. पालघाट दर्रा (Palakkad Gap) - नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के मध्य (केरल-तमिलनाडु)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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भारत की पर्वत प्रणालियों, उनकी संरचनात्मक विशेषताओं और प्रमुख घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जांस्कर श्रेणी' (Zanskar Range) ट्रांस-हिमालय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण भाग है, जो मुख्य महान हिमालय (Greater Himalayas) के उत्तर में स्थित है और नंगा पर्वत के पश्चिमी छोर से होते हुए तिब्बत की ओर विस्तारित है।
2. 'पीर पंजाल श्रेणी' (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (Lesser Himalayas) की सबसे लंबी और सबसे पश्चिमी श्रेणी है, जो मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में फैली हुई है और यह 'बनिहाल दर्रा' के माध्यम से जम्मू को श्रीनगर से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ती है।
3. 'चुम्बी घाटी' (Chumbi Valley) एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घाटी है जो भारत, भूटान और चीन (तिब्बत) के त्रिसंधि (Tri-junction) क्षेत्र के पास स्थित है और इसे तिब्बत जाने वाले प्राचीन रेशम मार्ग (Silk Road) के एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है।
4. 'बारालाचा ला' (Baralacha La) दर्रा जांस्कर और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य स्थित एक जल-विभाजक दर्रा है, जिससे होकर 'चिनाव' नदी की दो प्रमुख स्रोत नदियाँ—चंद्र और भागा—निकलती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों और उनके स्थानिक वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) का विकास उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप होता है, और इस मृदा में आयरन ऑक्साइड तथा एल्युमिनियम की अधिकता के कारण यह ईंट बनाने के लिए अत्यंत उपयुक्त होती है।
2. शुष्क एवं मरुस्थलीय मृदा (Arid Soil) का रंग हल्के भूरे से लाल रंग तक होता है, जिसमें घुलनशील लवणों और कैल्शियम कार्बोनेट की मात्रा अधिक होती है, तथा नीचे की परतों में 'कंकड़' (Kankar) की परत पाए जाने के कारण जल का अंतःस्यंदन (Infiltration) अवरुद्ध हो जाता है।
3. लाल और पीली मृदा (Red and Yellow Soil) का निर्माण दक्कन पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में रवेदार आग्नेय चट्टानों के अपक्षय से होता है, जहाँ इसका पीला रंग फेरिक हाइड्रॉक्साइड की उपस्थिति को दर्शाता है जबकि लाल रंग क्रिस्टलीय रूप में आयरन ऑक्साइड की मौजूदगी के कारण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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