BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
21 views

भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) प्रकृति की होती हैं क्योंकि इन्हें जल का पोषण पिघलती हुई बर्फ (Glaciers) और मानसूनी वर्षा दोनों से प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ अनित्य (Seasonal या Ephemeral) होती हैं और इनका मुख्य स्रोत वर्षा का जल होता है।
  2. 2. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपनी युवावस्था को पार कर चुकी हैं और एक लंबी भूवैज्ञानिक काल अवधि से बहते हुए इन्होंने अपने आधार तल (Base Level) को प्राप्त कर लिया है, जिसके परिणामस्वरूप ये अपने मध्य और निचले पाठ्यक्रमों में अत्यधिक विसर्पण (Meandering) और गोखुर झीलों का निर्माण करती हैं।
  3. 3. हिमालयी नदियों द्वारा निर्मित 'सिंधु', 'ब्रह्मपुत्र' और 'गंगा' नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह तंत्र के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो हिमालय के उत्थान से पहले से ही प्रवाहित हो रही थीं और उत्थान के साथ-साथ गहरी महाखड्डों (Gorges) का निर्माण करती गईं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी गोदावरी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, तथा इसका अपवाह बेसिन महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा राज्यों में फैला हुआ है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि हिमालयी नदियाँ ग्लेशियरों के पिघलने और वर्षा दोनों से जल प्राप्त करती हैं, जिससे वे बारहमासी होती हैं, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से मानसूनी वर्षा पर निर्भर करती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि प्रायद्वीपीय नदियाँ अपनी प्रौढ़ावस्था (Mature stage) में हैं और उनके मार्ग में विसर्पण बहुत कम या ना के बराबर होता है (वे समतल और कठोर चट्टानी तलों पर बहती हैं)। कथन 3 सही है क्योंकि सिंधु, ब्रह्मपुत्र और सतलुज जैसी नदियाँ पूर्ववर्ती नदियाँ (Antecedent rivers) हैं जो हिमालय के उत्थान से भी पुरानी हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी गोदावरी है, जो अपने बड़े बेसिन और जल निकासी के कारण दक्षिण भारत की प्रमुख नदी प्रणाली का निर्माण करती है, इसलिए कथन 4 भी सही है। अत: सही विकल्प (b) है।
Share:

Related Questions

→ भारतीय जलवायु, मानसून की क्रियाविधि और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'मैडियन-जूलीन ऑसिलेशन' (MJO - Madden-Julian Oscillation) एक पूर्व की ओर बढ़ने वाली महासागरीय-वायुमंडलीय घटना है, जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बादलों और वर्षा के पैटर्न को प्रभावित करती है, तथा जब इसका सक्रिय चरण हिंद महासागर के ऊपर होता है, तो यह भारतीय मानसून वर्षा को तीव्रता प्रदान करता है। 2. भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून के दौरान, तिब्बत के पठार का अत्यधिक गर्म होना और वहाँ एक प्रबल उच्च-क्षोभमंडलीय प्रति-चक्रवात (High-tropospheric Anticyclone) का विकसित होना मानसून की उत्पत्ति और दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं को आकर्षित करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। 3. अल-नीनो (El Niño) के साथ अक्सर 'दक्षिणी दोलन' (Southern Oscillation) जुड़ा होता है, जिसमें जब डार्विन (उत्तरी ऑस्ट्रेलिया) में वायुदाब उच्च होता है और ताहिती (दक्षिण प्रशांत महासागर) में निम्न होता है, तो इसे ENSO का अनुकूल चरण माना जाता है जो भारत में अत्यधिक वर्षा लाता है। 4. उत्तर-पूर्वी मानसून (शीतकालीन मानसून) मुख्य रूप से बंगाल की खाड़ी से नमी प्राप्त करके तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों, आंध्र प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों और केरल में शीतकाल के दौरान भारी वर्षा का प्रमुख स्रोत बनता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → महासागरीय जलधाराओं की उत्पत्ति, उनकी दिशा और क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'अगुल्हास जलधारा' (Agulhas Current) हिंद महासागर में प्रवाहित होने वाली एक गर्म जलधारा है, जो अफ्रीका के पूर्वी तट के सहारे दक्षिण की ओर बहती है और मोजाम्बिक जलधारा के मिलने से इसका विस्तार होता है। 2. 'कैलिफोर्निया जलधारा' (California Current) उत्तरी प्रशांत महासागर में बहने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट के तापमान को कम करती है और इसके प्रभाव से इस क्षेत्र में शुष्क और मरुस्थलीय दशाओं को बल मिलता है। 3. 'ब्राजील जलधारा' (Brazil Current) दक्षिणी अटलांटिक महासागर में उत्तर से दक्षिण की ओर बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जो विषुवतीय धारा की शाखा के रूप में दक्षिण अमेरिकी तट के सहारे प्रवाहित होती है। 4. 'ओशियो या कुरुशियो जलधारा' के विपरीत 'कुरीले जलधारा' (Kurile Current) एक गर्म जलधारा है जो बेरिंग जलडमरूमध्य से दक्षिण की ओर जापानी द्वीपों के पास प्रवाहित होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → विश्व के महाद्वीपों, देशों, प्रमुख जलडमरूमध्यों और अंतर्देशीय सीमाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'मैगेलन जलडमरूमध्य' (Strait of Magellan) दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के मुख्य भूभाग और टिएरा डेल फुएगो द्वीप समूह के बीच स्थित एक नौगम्य जलमार्ग है, जो प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर को आपस में जोड़ता है। 2. 'कांगो गणराज्य' और 'डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो' (DRC) दोनों अफ्रीकी देश भूमध्य रेखा (Equator) पर स्थित हैं, तथा इन दोनों देशों की राजधानियाँ (ब्राज़ाविले और किंशासा) कांगो नदी के तट पर आमने-सामने स्थित दुनिया की सबसे नजदीक की राजधानियों में से एक हैं। 3. 'दक्षिण अमेरिका' महाद्वीप में 'इक्वाडोर' (Ecuador) और 'चिली' (Chile) ऐसे दो देश हैं जिनकी सीमाएँ महाद्वीप के सबसे बड़े देश ब्राजील (Brazil) के साथ बिल्कुल भी स्पर्श नहीं करती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'डूरंड रेखा' (Durand Line) वर्तमान में मुख्य रूप से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत में सिंचाई प्रणालियों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों के भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा साधन 'नहरें' (Canals) हैं, जिनके माध्यम से देश के सिंचित क्षेत्रफल का लगभग 60% भाग सिंचित होता है, और इनका सर्वाधिक विस्तार उत्तर प्रदेश तथा पंजाब राज्यों में पाया जाता है। 2. 'धान' (Rice) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है, जिसके अंकुरण और वानस्पतिक वृद्धि के लिए उच्च तापमान (25°C से ऊपर) और अत्यधिक जल की आवश्यकता होती है, तथा पारंपरिक रूप से इसकी खेती के लिए 'सिल्क और मृतिका' (Clay and Clayey Loam) मृदा सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है जो जल को रोके रखती है। 3. 'ड्रिप सिंचाई' (Drip Irrigation) और 'स्प्रिंकलर सिंचाई' (Sprinkler Irrigation) जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकें जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अत्यधिक बढ़ाती हैं, और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के 'पर ड्राप मोर क्रॉप' घटक के अंतर्गत इन्हें देश भर में विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में नलकूपों और कुओं (Tube wells and Wells) द्वारा कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा सिंचित किया जाता है, जो कुल सिंचाई का लगभग 62% से अधिक भाग कवर करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत की मृदा प्रणालियों के संदर्भ में 'काली मृदा' (Black Soil) या 'रेगुर मृदा' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस मृदा का स्थानीय विकास मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप के बेसल्ट लावा के अपक्षय (Weathering) के कारण हुआ है और इसमें टिटैनिफेरस मैग्नेटाइट की उपस्थिति के कारण इसका रंग काला होता है। 2. इस मृदा की जल धारण क्षमता (Water retention capacity) अत्यधिक होती है, और सूखने पर इसमें चौड़ी दरारें पड़ जाती हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि इसमें स्वतः जुताई (Self-ploughing) हो गई है। 3. रासायनिक दृष्टि से इस मृदा में पोटाश, चूना, और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, किंतु इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.