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Geography
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल) की उत्पत्ति, संरचना और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विश्व के अधिकांश नवीन वलित पर्वत (Fold Mountains), जैसे हिमालय, आल्प्स और रॉकीज, विवर्तनिक प्लेटों के अभिसारी सीमाओं (Convergent Boundaries) पर महाद्वीपीय-महाद्वीपीय या महासागरीय-महाद्वीपीय टक्कर के परिणामस्वरूप बने हैं और इनमें रूपांतरित व अवसादी चट्टानों की प्रधानता होती है।
  2. 2. 'पामीर का पठार' (Pamir Knot) एक अंतर-पर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो त्शियन शान, कुनलुन, काराकोरम और हिंदूकुश पर्वतमालाओं के मध्य स्थित है और इसे 'विश्व की छत' कहा जाता है।
  3. 3. 'ग्रेट बेसिन मरुस्थल' (Great Basin Desert) संयुक्त राज्य अमेरिका का एक शीत/शीतोष्ण मरुस्थल है, जो वर्षाछाया क्षेत्र (Rain Shadow Area) के अंतर्गत स्थित होने के कारण एक अंतःप्रवाह बेसिन (Inland Drainage Basin) का निर्माण करता है और यहाँ की अधिकांश नदियाँ महासागर तक नहीं पहुँच पाती हैं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'दक्कन का पठार' एक अंतर-पर्वतीय पठार है जिसका निर्माण पोटाश और चूना पत्थर के अत्यधिक संचयन से हुआ है, और यह लावा प्रवाह से पूरी तरह अछूता क्षेत्र है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि विश्व के अधिकांश नवीन वलित पर्वत प्लेट विवर्तनिकी के अभिसरण किनारों पर महाद्वीपीय प्लेटों या महासागरीय-महाद्वीपीय प्लेटों की टक्कर से बने हैं। कथन 2 सही है क्योंकि पामीर का पठार कई पर्वतीय श्रेणियों के मिलने से बना एक प्रसिद्ध अंतर-पर्वतीय पठार है। कथन 3 सही है क्योंकि ग्रेट बेसिन मरुस्थल सिएरा नेवादा पर्वत के वर्षाछाया क्षेत्र में स्थित एक शुष्क अंतःप्रवाह बेसिन है। कथन 4 गलत है क्योंकि दक्कन का पठार एक लावा पठार (Volcanic Plateau) है जिसका निर्माण बेसल्टिक लावा के फिशर उद्भेदन (Fissure Eruption) से हुआ है, न कि अंतर-पर्वतीय पठार के रूप में। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मरुस्थल और भू-आकृतियों की ये विशेषताएँ विवर्तनिक और जलवायु दशाओं द्वारा निर्धारित होती हैं।
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Related Questions

पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पृथ्वी की क्रूर (Core) का बाहरी भाग तरल अवस्था में है, जिसके कारण 'एस-वेव' (S-waves) या द्वितीयक तरंगें इस भाग से होकर नहीं गुजर पाती हैं, जिससे 'शADOW ज़ोन' (Shadow Zone) का निर्माण होता है। 2. रूपांतरित या कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) केवल अवसादी चट्टानों के अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से अपने मूल रूप को बदलकर नई चट्टानों में परिवर्तित होने से बनती हैं, इसमें आग्नेय चट्टानों की कोई भूमिका नहीं होती। 3. 'बेसाल्ट' और 'ग्रेब्रो' क्रमशः आग्नेय चट्टानों के बहिर्भेदी (Extrusive) और अंतर्भेदी (Intrusive) रूपों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिनका निर्माण मैग्मा या लावा के ठंडा होने से होता है। 4. 'पेरिडोटाइट' (Peridotite) एक अल्ट्रामाफिक आग्नेय चट्टान है, जो मुख्य रूप से पृथ्वी के क्रस्ट में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है और यह महाद्वीपीय क्रस्ट (Sial) के निर्माण की मुख्य घटक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारत के वन आवरण, संरक्षित क्षेत्रों और वन्यजीव अभ्यारण्यों के भौगोलिक वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार, देश में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के प्रतिशत के रूप में सर्वाधिक वनावरण 'लक्षद्वीप' केंद्र शासित प्रदेश में है, जबकि राज्यों में मिजोरम का स्थान प्रथम आता है। 2. मणिपुर राज्य में स्थित 'केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान' विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है, जो 'लोकटक झील' का हिस्सा है और यहाँ संगाई हिरण (Brow-antlered deer) प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। 3. 'नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान' और 'फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान' को संयुक्त रूप से यूनेस्को द्वारा प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है, जो पश्चिमी हिमालय के जैव-भौगोलिक क्षेत्र (Biogeographic zone) के अंतर्गत आते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? विश्व की प्रमुख नदियों और उनके तटों पर स्थित नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. राइन नदी (Rhine River) - बॉन (Bonn) और रॉटरडम (Rotterdam) 2. रौन नदी (Rhone River) - ल्योन (Lyon) और पेरिस (Paris) 3. एल्बे नदी (Elbe River) - हैम्बर्ग (Hamburg) और ड्रेसडेन (Dresden) 4. सीन नदी (Seine River) - मार्सिले (Marseille) और ल्योन (Lyon) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? भारतीय मानसून की क्रियाप्रणाली, वर्षा के स्थानिक वितरण और मानसूनी तंत्र को प्रभावित करने वाले कारकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'बंगाल की खाड़ी शाखा' जब म्यांमार के अराकान योमा पर्वत से टकराती है, तो इसका एक उप-घटक विक्षेपित होकर पूर्वोत्तर भारत की ओर मुड़ जाता है, जिससे मेघालय के पठारी क्षेत्रों (जैसे मावसिनराम और चेरापूंजी) में विश्व की सर्वाधिक वार्षिक वर्षा दर्ज होती है। 2. 'अल नीनो' (El Nino) और दक्षिण दोलन (ENSO) का भारतीय मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, क्योंकि अल नीनो के कारण प्रशांत महासागर के पूर्वी तट (पेरू के पास) पर उच्च वायुदाब और पश्चिमी प्रशांत (ऑस्ट्रेलिया/इंडोनेशिया) के पास निम्न वायुदाब बनता है, जिससे भारत में मानसूनी हवाएँ कमजोर हो जाती हैं। 3. 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) भूमध्य सागर क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातीय प्रणालियाँ हैं, जो जेट स्ट्रीम के प्रभाव से पूर्व की ओर बहते हुए शीतकाल में उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा (रबी की फसलों के लिए वरदान) और हिमालयी क्षेत्रों में भारी हिमपात का कारण बनती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार तिब्बत के पठार का ग्रीष्मकाल में अत्यधिक गर्म होना और वहाँ उच्च क्षोभमंडलीय प्रति-चक्रवात (High Tropospheric Anti-cyclone) का बनना, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन और उसके स्थायित्व के लिए एक मुख्य नकारात्मक (अवरोधक) कारक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सौर मंडल के ग्रहों, उनकी आंतरिक संरचना और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आंतरिक (पार्थिव) ग्रह सूर्य के समीप स्थित चट्टानी पिंड हैं, जिनमें बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल शामिल हैं, तथा इनका घनत्व बाह्य (जोवियन) ग्रहों की तुलना में अधिक होता है। 2. 'शुक्र' (Venus) ग्रह को 'पृथ्वी की जुड़वां बहन' कहा जाता है क्योंकि इसका आकार, घनत्व और द्रव्यमान पृथ्वी के लगभग समान है, और इसके वायुमंडल में 90-95% कार्बन डाइऑक्साइड होने के कारण यह सौर मंडल का सबसे गर्म ग्रह है। 3. बृहस्पति और शनि के मध्य क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) में परिक्रमा करने वाला 'सरेसे' (Ceres) सौर मंडल का सबसे बड़ा क्षुद्रग्रह होने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा वर्गीकृत एक 'बौना ग्रह' (Dwarf Planet) भी है। 4. उल्कापिंड (Meteorites) मूल रूप से अंतरिक्ष में घूमने वाले छोटे चट्टानी और धात्विक टुकड़े होते हैं, जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर घर्षण के कारण जल जाते हैं और 'शूटिंग स्टार' कहलाते हैं, तथा सतह पर पहुँचने वाले पिंड 'उल्काश्म' कहलाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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