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Geography
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भारत के परिवहन तंत्र और प्रमुख बंदरगाहों तथा अंतर्देशीय जलमार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राष्ट्रीय जलमार्ग-3 (NW-3), जो केरल में कोट्टापुरम से कोल्लम तक पश्चिमी तट नहर (West Coast Canal) के साथ-साथ उद्योगमंडल और चंपाकारा नहरों पर स्थित है, देश का पहला ऐसा राष्ट्रीय जलमार्ग है जो पूरी तरह से नौगम्य और नेविगेशन के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त विस्तृत जलमार्ग है।
- 2. 'पूर्वी तट' पर स्थित 'विशाखापत्तनम बंदरगाह' भारत का सबसे गहरा भूमि-संलग्न (Land-locked) और सुरक्षित प्राकृतिक बंदरगाह है, जो मुख्य रूप से जापान को लौह अयस्क के निर्यात के लिए जाना जाता है।
- 3. भारत के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 'पूर्वी उत्तर-दक्षिण गलियारा' (North-South and East-West Corridor) श्रीनगर को कन्याकुमारी और पोरबंदर को सिलचर से जोड़ता है, जिसका निर्माण और प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार राष्ट्रीय जलमार्ग-4 (NW-4) कृष्णा और गोदावरी नदियों के कुछ हिस्सों के साथ-साथ काकीनाडा से पुदुचेरी तक फैले नहर नेटवर्क पर आधारित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि राष्ट्रीय जलमार्ग-3 (NW-3) केरल राज्य में कोट्टापुरम से कोल्लम तक स्थित है और यह पश्चिमी तट नहर, उद्योगमंडल व चंपाकारा नहरों पर बना देश का पहला पूर्णतः नौगम्य जलमार्ग है। कथन 2 सही है क्योंकि विशाखापत्तनम बंदरगाह आंध्र प्रदेश में स्थित भारत का सबसे गहरा प्राकृतिक और भूमि-संलग्न (land-locked) बंदरगाह है, जहाँ से डोलमिट और लौह अयस्क का निर्यात किया जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारा 'राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP)' के तहत आता है, न कि इसे 'पूर्वी' नाम से विशेषीकृत किया जाता है (यह सामान्यतः उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर कहलाता है)। कथन 4 सही है क्योंकि विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार राष्ट्रीय जलमार्ग-4 (NW-4) गोदावरी और कृष्णा नदियों के विशिष्ट हिस्सों तथा काकीनाडा-पुदुचेरी नहर नेटवर्क से होकर गुजरता है। अतः सही विकल्प (b) है जिसमें 1, 2 और 4 कथन सम्मिलित हैं।
Related Questions
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वायुमंडल के संगठन, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल की निचली परत यानी क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) लगभग 6.5 डिग्री सेल्सियस प्रति किलोमीटर की दर से ह्रास होता है, जिसका मुख्य कारण इस परत में पृथ्वी के धरातल से दीर्घ तरंगीय स्थलीय विकिरण (Terrestrial Radiation) द्वारा नीचे से ऊपर की ओर गर्म होना है।
2. समताप मंडल (Stratosphere) के निचले भाग में ओजोन गैस की प्रचुरता पाई जाती है जो पराबैंगनी किरणों का अवशोषण करती है, जिसके कारण इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है और यही कारण है कि यह परत मौसम संबंधी उथल-पुथल से मुक्त होने के कारण जेट विमानों की उड़ान के लिए आदर्श दशा प्रदान करती है।
3. भूमध्य रेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low Pressure Belt) मुख्य रूप से एक तापीय रूप से प्रेरित (Thermally Induced) पेटी है, जहाँ अत्यधिक सूर्यताप के कारण हवाएँ गर्म होकर ऊपर उठती हैं (संवहन धाराएँ), जबकि उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High Pressure Belts) गतिक रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) पेटियाँ हैं जो पृथ्वी के घूर्णन के कारण विषुवत वृत्त से उठने वाली हवाओं के अवतलन (Subsidence) से बनती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है जहाँ ऊँचाई के साथ तापमान पुनः गिरने लगता है और इसकी ऊपरी सीमा पर यानी मेसोपॉज में तापमान लगभग -90 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंतोषह रेखाओं (Discontinuities) और चट्टानों के वर्गीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गुटेनबर्ग असंतोषह' (Gutenberg Discontinuity) निचली मैन्टल और बाहरी क्रोड (Outer Core) के बीच की सीमा पर स्थित है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक भारी गिरावट आती है और द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
2. आग्नेय चट्टानों में सिलिका की मात्रा के आधार पर उनका वर्गीकरण किया जाता है; अम्लीय आग्नेय चट्टानों (जैसे ग्रेनाइट) में सिलिका की मात्रा 65% से अधिक होती है, जिसके कारण इनका लावा अत्यधिक श्यान (Viscous) और हल्का होता है, जबकि क्षारीय या बेसिक चट्टानों (जैसे बेसाल्ट) में फेरोमैग्नेशियन तत्वों की अधिकता होती है।
3. 'मेटामॉर्फिज्म' या कायांतरण की प्रक्रिया के दौरान, चूना पत्थर (Limestone) का रूपांतरण संगमरमर (Marble) में तथा बलुआ पत्थर (Sandstone) का रूपांतरण क्वार्ट्जाइट (Quartzite) में होता है, जो तापीय (Thermal) या स्पर्श कायांतरण के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे (Nife) से बनी है, जिसके कारण आंतरिक क्रोड (Inner Core) अत्यधिक उच्च दाब के प्रभाव के कारण ठोस अवस्था में पाई जाती है, जबकि बाहरी क्रोड तरल अवस्था में है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कॉनराड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट और निचली क्रस्ट के बीच अलग करने वाली सीमा है, जबकि 'मोहोरविक असंबद्धता' (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच स्थित होती है।
2. 'ग्यूटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) निचली मेंटल और बाहरी कोर को पृथक् करती है, जहाँ से प्राथमिक तरंगें (P-waves) गुजर सकती हैं परंतु द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
3. 'आग्नेय चट्टानें' (Igneous Rocks) पृथ्वी के आंतरिक भाग से मैग्मा के ठंडे होने और जमने से बनती हैं, और ग्रेनाइट, बेसाल्ट, गैब्रो तथा पेग्माटाइट इसी श्रेणी के प्रमुख उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'लेहमान असंबद्धता' (Lehmann Discontinuity) बाहरी कोर और आंतरिक कोर के बीच स्थित होती है, जहाँ प्राथमिक तरंगों के वेग में अचानक परिवर्तन देखा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा उनसे संबद्ध मार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Line/Pass) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है, जो महान हिमालय श्रेणी में स्थित है और प्राचीन काल से ही मध्य एशिया और भारत के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग रहा है।
2. 'शिपकी ला दर्रा' हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में जास्कर श्रेणी में स्थित है, जिससे होकर 'सतलज नदी' भारत में प्रवेश करती है और यह भारत तथा तिब्बत के बीच व्यापार का प्रमुख बिंदु है।
3. 'नीति दर्रा' और 'माना दर्रा' उत्तराखंड राज्य में कुमाऊं हिमालय क्षेत्र में स्थित हैं, जो उत्तराखंड को तिब्बत के मानसरोवर और कैलाश पर्वत क्षेत्र से जोड़ते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अरुणाचल प्रदेश में स्थित 'दीफू दर्रा' (Dichu Pass) भारत, म्यांमार और चीन की त्रि-संधि (Tri-junction) के निकट स्थित एक प्रमुख पर्वतीय दर्रा है, जो अरुणाचल प्रदेश को मंडेला से जोड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के औद्योगिक गलियारों, प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और अंतर्देशीय जलमार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा' (DMIC) परियोजना भारत की एक प्रमुख अवसंरचना पहल है, जो मुख्य रूप से पश्चिमी समर्पित माल गलियारे (Western DFC) के प्रभाव क्षेत्र में विकसित की जा रही है और यह छह राज्यों से होकर गुजरती है।
2. राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) हल्दिया से प्रयागराज तक गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर स्थित देश का सबसे लंबा जलमार्ग है, जो उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों से होकर प्रवाहित होता है।
3. स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) परियोजना देश के चार महानगरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता) को जोड़ने वाली छह/चार लेन वाली उच्च गति की राजमार्ग परियोजना है, जिसका क्रियान्वयन और प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
4. 'सीमा सड़क संगठन' (BRO) की स्थापना देश के उत्तर और उत्तर-पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और उनके रखरखाव के लिए की गई है, तथा यह रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कार्य नहीं करता है बल्कि सीधे सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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