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General Science
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चींटी?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बिल।
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आवर्त सारणी (Periodic Table) के तत्वों के आवर्ती गुणों और उनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लैंथेनाइड आकुंचन (Lanthanide Contraction) के कारण, आवर्त सारणी में छठे आवर्त के संक्रमण तत्वों (जैसे Hafnium) की परमाणु त्रिज्या और रासायनिक गुण पाँचवें आवर्त के उनके समरूपी तत्वों (जैसे Zirconium) के लगभग समान हो जाते हैं।
2. 'विकर्ण संबंध' (Diagonal Relationship) मुख्य रूप से द्वितीय आवर्त के तत्वों (जैसे लिथियम, बेरिलियम, बोरॉन) और तृतीय आवर्त के ठीक उनके विकर्णतः नीचे स्थित तत्वों (जैसे मैग्नीशियम, एल्युमिनियम, सिलिकॉन) के बीच समानता को दर्शाता है, जिसका मुख्य कारण उनकी लगभग समान आयनिक त्रिज्या और ध्रुवण क्षमता है।
3. संक्रमण धातुओं (d-ब्लॉक तत्वों) के अधिकांश यौगिक रंगीन होते हैं, जिसका मुख्य कारण 'd-d संक्रमण' होता है, जिसमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों द्वारा दृश्य प्रकाश क्षेत्र से ऊर्जा का अवशोषण करके उच्च ऊर्जा स्तर में जाना शामिल है।
4. किसी परमाणु की 'विद्युत ऋणात्मकता' (Electronegativity) एक स्थिर भौतिक राशि है जो केवल उस तत्व के परमाणु क्रमांक पर निर्भर करती है, और एक ही तत्व के विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाओं वाले आयनों के लिए इसका मान सदैव समान रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) की अवधारणाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा वे यौगिक जिनमें केंद्रीय परमाणु का अष्टक अपूर्ण होता है (जैसे $BF_3$), इस श्रेणी में आते हैं।
2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) अत्यधिक प्रबल होता है, तथा एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म में केवल एक प्रोटॉन ($H^+$) का अंतर होता है।
3. जब किसी दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट) का जलीय अपघटन किया जाता है, तो प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति क्षारीय होती है और उसका pH मान 7 से अधिक होता है।
4. शुद्ध जल का स्व-आयनन (Self-ionization) एक ऊष्माशोषी (Endothermic) प्रक्रिया है, जिसके कारण तापमान बढ़ाने पर जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) बढ़ जाता है और शुद्ध जल का pH मान 7 से कम हो जाता है, यद्यपि जल अभी भी उदासीन ही रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुणों (पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज का सिद्धांत) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह द्वारा न्यूनतम क्षेत्रफल प्राप्त करने की प्रवृत्ति 'पृष्ठ तनाव' (Surface Tension) कहलाती है, जिसका मुख्य कारण अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल है, और तापमान में वृद्धि होने पर इसका मान घट जाता है।
2. श्यानता (Viscosity) द्रवों और गैसों दोनों का गुण है; जहाँ तापमान बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घटती है, वहीं गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है।
3. जब किसी केशिका नली (Capillary tube) को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जो नली की दीवारों को नहीं भिगोता है (जैसे जल और चाँदी का संपर्क), तो द्रव नली के भीतर ऊपर चढ़ने के बजाय नीचे दब जाता है और अवनमन प्रदर्शित करता है।
4. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में डुबोया जाता है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, और इस उत्प्लावन बल का प्रभावकारी केंद्र हटाए गए द्रव के द्रव्यमान केंद्र पर स्थित होता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' कहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले कोशिका अंगों (Cell organelles) और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर 'क्रिस्टी' (Cristae) नामक उंगली जैसी संरचनाएँ होती हैं, जिन पर 'ऑक्सिसोम' (Oxysomes या $F_0-F_1$ कण) स्थित होते हैं, जो एटीपी ($ATP$) संश्लेषण के लिए ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण को उत्प्रेरित करते हैं।
2. खुरदरे अंतःप्रद्रव्यी जालिका (Rough Endoplasmic Reticulum) की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं, जो मुख्य रूप से लिपिड संश्लेषण और स्टेरॉयड हॉर्मोन्स के उपापचय में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
3. गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) में 'सिस' (Cis) सिस्टर्नी जो केंद्रक की ओर होती है, परिपक्वकारी (Maturing) या 'ट्रांस' (Trans) सिस्टर्नी से भिन्न होती है, और यह ग्लाइकोसिलेशन (Glycosylation) के माध्यम से प्रोटीन और लिपिड के रूपांतरण का मुख्य केंद्र है।
4. लाइसोसोम (Lysosomes) एकल झिल्ली से घिरे ऐसे थैलेनुमा अंगक हैं जिनमें अम्लीय हाइड्रोलैस (Hydrolytic enzymes) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो pH लगभग 5 पर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्लांक नियतांक (Planck Constant) का मान SI इकाई में क्या है?
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